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February 4, 2026

एमजेपीआरयू में शुरू हुए कृषि के उच्च अध्ययन, छात्रों ने सीखा करियर निर्माण का मंत्र

राष्ट्र जगत संवाददाता

“नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें विद्यार्थी – कुलपति”

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। विश्वविद्यालय में पहली बार कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय की स्थापना की गई है, जिसके अंतर्गत अब बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि तथा एम.एससी. कृषि (तीन विषयों में) की पढ़ाई शुरू हो गई है। यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए कृषि शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
संकाय की ओर से छात्रों के लिए सात दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों से अवगत कराना तथा उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करना था। इसी कार्यक्रम के अंतिम दिन डायरेक्टरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (DIR) के सहयोग से एक विशेष इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. गजेन्द्र सिंह, पूर्व उप महानिदेशक (इंजीनियरिंग), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं पूर्व कुलपति, दून विश्वविद्यालय, देहरादून रहे। उनका स्वागत प्रो. उपेन्द्र कुमार, डीन, कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने कहा कि छात्रों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध सभी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाते हुए कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक और उद्यमी बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे छात्र केवल नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।”
इंटरएक्टिव सत्र में प्रो. गजेन्द्र सिंह ने छात्रों को कृषि क्षेत्र में भारत और विदेश दोनों स्तरों पर करियर बनाने के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान एक ऐसा क्षेत्र है जो न केवल रोजगार प्रदान करता है बल्कि उद्यमिता और अनुसंधान के भी असीम अवसर उपलब्ध कराता है। छात्रों ने उनसे अपने प्रश्न पूछे, जिनका समाधान उन्होंने धैर्यपूर्वक किया और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर प्रो. एस.एस. बेदी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और डायरेक्टरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (DIR) की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह निदेशालय छात्रों और संकाय सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और सहयोग के अवसर उपलब्ध कराने में सेतु का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय और डायरेक्टरेट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (DIR) के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के रोहिलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (RIF) सम्मेलन कक्ष में किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित रहे:
प्रो. उपेन्द्र कुमार (डीन, कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय), प्रो. एस.एस. बेदी, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. संजय गर्ग, प्रो. जे.एन. मोर्या, विश्वविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ।
मंच संचालन डॉ. अतुल कट्यार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रीति यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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