राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली। शहर के बड़े सपा नेता के नामी अस्पताल अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। इस अस्पताल में नियमों की खुले आम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं यहाँ मानकों का पालन और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना आम बात है। सूत्र बताते हैं की सपा नेता के इस अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग के बड़े बड़े अधिकारीयों की कृपा है और उन्हीं के संरक्षण में यह सब नियमों की अवहेलना की जा रही है। जिसके चलते बरेली के सैटलाइट रोड ईसाईयों की पुलिया पर स्थित इस अस्पताल ने नियमों को ताक पर रखते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर के भण्डारण टैंक को अपने अस्पताल के बेसमेंट में ही लगा रखा है। जबकि नियम यह कहता है की यह ऑक्सीजन टैंक खुले में होना चाहिए। नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन 99 के निर्देश भी यह कहते हैं की अस्पताल के बेसमेंट में ऑक्सीजन टैंक रखने के उन्हें हवादार, सीधे खड़े स्थान पर, गर्मी और ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखना चाहिए। इन दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अस्पताल संचालित होना चाहिए। जिसमें ईंधन गैस सिलेंडरों से 20 फीट की दूरी और आग प्रतिरोधक बाधाएं, या कम से कम 5 फीट की दूरी रखना आवश्यक है। साथ ही, ऑक्सीजन भंडारण क्षेत्रों में “धूम्रपान निषेध” के बोर्ड लगाने चाहिए और विद्युत उपकरणों से दूर रखना चाहिए।
अब जब नियम इतने सख्त हैं तो ऐसे में अस्पताल को मिली फायर विभाग की एनओसी पर भी सवाल उठना लाज़मी है, इस विषयक हमारे संवाददाता ने जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क साधने का प्रयास किया तो महोदय का फ़ोन नहीं उठ सका। यहाँ इस अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किस नियम के अंतर्गत किया जा रहा है यह तो सीएमओ साहब ही बता सकते हैं।
