बिजनौर। मुरादाबाद मुजफ्फरनगर मेरठ हरिद्वार कोटद्वार आदि जिला से सटा बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत माना जाता है यहां की राजनीति इस बात का गवाह है कि कई राष्ट्रीय नेताओं ने यहां पर आकर दस्तक दी है अपराध की बात करें तो काफी लंबे समय तक शांत जिला माना” जाने वाला बिजनौर जिला एक पूर्व में एक दशक एक दो घटनाओ के कारण अपराध को लेकर भी चर्चाओं में रहा था और इन घटनाओं को कम समय मे खोलकर गुड पुलिसिंग कर पुलिस का इकबाल भी बुलंद हुआ था। लेकिन यह जिला अपराध के मामले में ज्यादा संवेदनशील नहीं है। करीब ढाई दशक पूर्व मुजफ्फरनगर में तैनात रहे कप्तान आशुतोष पांडेय जब यहां से तबादला होकर बिजनौर के कप्तान बने तो गंगा बैराज पर महीने में एक बार पत्रकारों एवं सामाजिक व्यक्तियों के साथ दोनों जिलों की मीटिंग करते थे। जिलो की सरहद पर यह दोस्ताना अंदाज काफी चर्चाओ में रहा था। सच्चाई यह थी कि आशुतोष पांडेय ने मुजफ्फरनगर से रिश्ता बिजनौर जाकर भी बरकरार रखा था इसी प्रकार एसएसपी हरि नारायण सिंह भी यहां से बिजनौर जाकर मुजफ्फरनगर के लोगों की एवं उनके प्यार एवं सम्मान की चर्चा करते थे। अब करीब एक वर्ष से बिजनौर एस पी के पद पर अभिषेक को तैनाती मिली हुई हैं। कप्तान अभिषेक मृदुभाषी एवं कर्तव्य निष्ठा की एक जीती जागती मिसाल है और बिजनौर में इनकी तैनाती के बाद से बिजनौर पुलिस को एक नई गति दिशा एवं ऊर्जा देने का काम किया है। एस पी अभिषेक मेहनती एवं जुझारू अधिकारी के रूप में अपनी पहचान रखते आए हैं तथा अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाते हैं। पुलिस पब्लिक रिलेशन हिमायत करते हैं तथा मानते हैं कि यदि दोनों परस्पर सहयोग की भावना से काम करें तो अपराध या अपराधी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। पुलिस एवं जनता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं उनका मानना है कि बिना जन सहयोग के पुलिस अपने लक्ष्य एवं उद्देश्य को आसानी से पूरा नहीं कर सकती है! कप्तान अभिषेक का जनता के साथ संपर्क भी अच्छा रहा हैं और उनकी कम्युनिटी पुलिसिंग काफी कारगर वह सरहनीय हो रही है तथा जनता की सुनवाई भी की जा रही हैं तथा कप्तान अभिषेक ने अपने करीब एक वर्ष के कार्यकाल में बहुत सी उपलब्धियां इस जनपद को देने में कामयाब रहे यह जिला अपराध उन्मूलन के लिए सदैव उनका ऋणि और आभारी हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा जी काफी मिलनसार व्यक्ति के धनी है आपसे मकान के संबंध में कय बार मिलना हुआ आपने मेरी बात को ध्यानपूर्वक सुना अपने पुलिस क्षेत्र अधिकारी को अफजलगढ़ को भी बुलाया और उनको मौखिक आदेश भी दिया था इनको भीको न्याय मिले लेकिन पुलिस क्षेत्र अधिकारी का ट्रांसफर नगीना के लिए हो गया और मकान मेरा अटक गया आपके पेश कर रहे हैं थाना अध्यक्ष महोदय अफजलगढ़ सुमित राठी जी ने भी भी मेरे मकान के बारे में उनको अवगत कराया यहां वास्तव में यह मकान इन्होंने ही खरीदा था हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी अफजलगढ़ बिजनौर
उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं’ अभियान चलाने का फैसला स्वागतयोग्य है। हालांकि दोपहिया वाहनों की सवारी करने वाले लोगों को खुद ही इसे लेकर संजीदा होने की जरूरत है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इस अभियान से उनके भीतर जिम्मेदारी की भावना आएगी। एक सितंबर से शुरू हो चुका इस अभियान को विधिसम्मत होने के साथ जनहितैषी भी कहा जा सकता है।गौरतलब है कि भारत में करीब तीस फीसद हादसों में दुपहिया चालक ही शिकार होते हैं। इनमें मौत का सबसे बड़ा कारण हादसे के समय हेलमेट नहीं पहनना माना जाता है। सवाल है कि यातायात नियमों के मुताबिक हेलमेट अनिवार्य होने पर भी अगर लोग नियमों का पालन नहीं करते, तो इसका नुकसान किसे उठाना पड़ता।हैरत की बात है कि जुर्माने के प्रावधान के बावजूद लोग बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते दिखते हैं। उन्हें न तो नियम-कायदे की परवाह होती है और न ही अपने प्राणों की। जहां सड़क पर यातायात पुलिस की जांच ढीली होती है, वहां दुपहिया पर पीछे बैठे लोग अमूमन हेलमेट नहीं पहनते। जबकि हादसे की स्थिति में जोखिम का स्तर उनके लिए भी समान होता है।गौरतलब कि पिछले वर्ष भी यह अभियान चलाया गया था, लेकिन सच यह है कि लोगों के बीच हेलमेट पहन कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता अभी विकसित नहीं हुई है। कुछ समय पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने बताया था कि पिछले वर्ष हुए हादसों में तीस हजार लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हो गई। यानी देश में हर दिन औसतन अस्सी लोगों की जान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के कारण चली गई।सवाल है कि इस संबंध में कानून होने और उससे भी ज्यादा अपने हित में होने के बावजूद लोग हेलमेट की उपयोगिता की अनदेखी क्यों करते हैं। किसी हादसे की स्थिति में शरीर के बाकी हिस्से में लगी चोट के मुकाबले सिर पर लगी चोट जिंदगी को जोखिम में डाल देती है। उपचार के बाद भी जीवन भर जटिलताएं बनी रह सकती हैं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि अगर दोपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट पहना जाए तो मौत की आशंका को बहुत कम किया जा सकता है। थाना प्रभारी अफजलगढ़ श्री सुमित राठी जी कस बा इंचार्ज प्रवीण कुमार जी पुलिस क्षेत्रा अधिकारी अफजलगढ़ नेदो पहिया सवारीसे भी हेलमेट पहन कर चले जिससे अपनी हिफाजत है और अपने घर सुरक्षित लौट सके और जहां हम जा रहे हैं वहां भी सुरक्षित पहुंच सके कोतवाल साहब सुमित राठी जी ने कहा कोई भी अभिभावक अपने नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल में कार चलाने को ना दे क्योंकि बच्चा भी सुरक्षित रहेगा और उससे कोई भी एक्सीडेंट नहीं होगा अपना घर भी सुरक्षित और दूसरा घर भी कुछ सुरक्षित रहना चाहिए तेजतर्रार कोतवाल सुमित राठी ने कहा कि अगर कोई भी नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल चलता हुआ मिल गया तो उसे जुर्माना 25000 का लिया जाएगा और अभिभावक का चालान काटा जाएगा क्योंकि उसका जिम्मेदार सिर्फ अभिभावक होता है नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल कार ना दे हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी स्वतंत्र पत्रकार अफजलगढ़ बिजनौर
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के सनसिटी पावर हाउस पर शनिवार दोपहर अचानक बवाल हो गया। स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारी वहां पहुंचे और लाइनमैन बुलाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ा कि कर्मचारियों ने जेई के स्टाफ पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, अवर अभियंता नीरज पंवार के अधीन कार्यरत राहुल कुमार (टीजी-2) से कंपनी के दो कर्मचारियों ने लाइनमैन बुलाने को कहा। जब राहुल ने वजह पूछी तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। इसी बीच उनके चार और साथी वहां आ धमके और राहुल से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह राहुल को छुड़ाया। इसी दौरान आरोपियों में शामिल गोल्डी, मोनिस शंखधार और उनके तीन साथी पावर हाउस में रखे सरकारी दस्तावेजों पर टूट पड़े और लॉग शीट व शिकायत रजिस्टर फाड़ डाले। घटना के बाद कर्मचारियों में रोष है। जेई नीरज पंवार ने आरोपियों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में तहरीर दी है। इज्जतनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर
शाहजहांपुर की तहसील बीआईटीएस-पिलानी का हैदराबाद कैंपस विज्ञान का एक नया सितारा बनकर उभर रहा है।डॉ निशिथ गुप्ता एचओडी का कहना है की शोधकर्ताओं के लिए यह एक सुनहरा मौका है जो बच्चे इस क्षेत्र में जाना चाहते हैं बह बायोसाइंस अनुसंधान केंद्र हैदराबाद आ सकते हैं
iPEARL @ BITS-Pilani: भारत का प्रमुख बायोसाइंस अनुसंधान केंद्र हैदराबाद के हरे-भरे क्षेत्र मे बीआईटीएस-पिलानी का हैदराबाद कैंपस विज्ञान का एक नया सितारा बनकर उभर रहा है। यहां स्थित iPEARL (इंट्रासेल्युलर पैरासाइट एजुकेशन एंड रिसर्च लैब्स) अपनी अद्वितीय अनुसंधान उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध है।
परजीवियों पर अग्रणी अनुसंधान iPEARL में टोक्सोप्लाज्मा, ईमेरिया और प्लाज्मोडियम जैसे सूक्ष्मजीवों पर शोध होता है,टोक्सोप्लाज्मोसिस, कोक्किडियोसिस और मलेरिया का कारण बनते हैं। ये बीमारियाँ वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया की 30% जनसंख्या टोक्सोप्लाज्मा से संक्रमित है, और मलेरिया से हर साल 300-500 मिलियन मामले होते हैं। कोक्किडियोसिस भी विश्व स्तर पर मुर्गी और पशुधन के लिए एक बड़ा खतरा है।
विद्वानों का समर्थन iPEARL की परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल होते हैं, जो विद्वानों को विदेश में अनुसंधान के अवसर प्रदान करते हैं। यहां के विद्वान विभिन्न देशों से आते हैं, जिससे सांस्कृतिक और बौद्धिक विविधता को बढ़ावा मिलता है। iPEARL विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने शोध प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करता है और प्रमुख वैज्ञानिकों को आमंत्रित करता है।
नेतृत्व और भविष्य की योजना प्रो. डॉ. निशिथ गुप्ता एचओडी, डॉ. रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, और सुश्री गीतांजलि जरुगुमल्ली के नेतृत्व में, iPEARL अनुसंधान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजना बनाता है। उनकी प्रतिबद्धता अनुसंधान उत्कृष्टता के प्रति है। निष्कर्ष मजबूत बुनियादी ढांचे, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समर्थनकारी वातावरण के साथ, iPEARL भारत में परजीवी रोगों के खिलाफ लड़ाई में एक प्रमुख अनुसंधान केंद्र बन गया है।
आज दिनांक 3,9,25,को हर साल की तरह इस साल भी उर्स ए शाहदाना वली को लेकर दरगाह परिसर में उर्स का पोस्टर जारी किया गया कार्यक्रम के संबंध में दरगाह के मुतवल्ली साहब अब्दुल वाजिद खा नूरी बब्बू मिया ने बताया सरकार शाहदाना वली का सालाना उर्स पाक 24 सितंबर से शुरू होने जा रहा है जो 30 सितंबर तक चलेगा उर्स की तैयारी शुरू हो चुकी है सरकार शाहदाना वली के चाहने वाले जायरीन मुंबई दिल्ली बनारस पंजाब उत्तराखंड आदि जगहों से उर्स में शिरकत करने बड़ी तादात में बरेली शरीफ पहुंचते हैं,
मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने प्रशासन अपील की आने वाले जायरीनों को कोई परेशानी ना हो उसके लिए पुलिस प्रशासन का पुख्ता इंतजाम किया जाए सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए व बिजली पानी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए दरगाह के आसपास जो रोड खराब है उनको ठीक कराया जाए जल्द से जल्द शाहमतगंज पुल के नीचे जो मरकरी खराब है उनको बदलवाया जाए,प्रोग्राम में मुख्य रूप से वसी अहमद,युसूफ इब्राहिम,तौसीफ खान,गफूर पहलवान,मिर्ज़ा शाहाब बेग,अब्दुल सलाम नूरी,गिलवर खा,खलील कादरी,सलीम रज़ा,शान खा,सईद खा,शहजाद अंसारी,हाजी अजहर बेग, जावेद खा,गुल्लन खा,निसार पहलवान,भूरा साबरी शिरोज़ सैफ कुरैशी,आदि सहित बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे
बरेली। थाना प्रेमनगर पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को साइबर फ्रॉड के पैसों को ठिकाने लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। वहीं तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रेमनगर मय फोर्स व साइबर क्राइम टीम के साथ धोबी चौराहा से डीडी पुरम की तरफ जाने वाले रास्ते पर बंद पड़े रेलवे लाइन के पास से इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें मुशर्रफ निवासी परतापुर चौधरी, थाना इज्जतनगर , अब्दुल रज्जाक उर्फ पिंटू निवासी चौधरी तालाब, थाना किला, निशांत श्रीवास्तव निवासी जोहरपुर, थाना सीबीगंज , शिवम गोस्वामी निवासी चौधरी तालाब फाटक, थाना किला को गिरफ्तार किया है फरार आरोपियों में हामिद, मोहित और जीशान के नाम सामने आए हैं। पुलिस की बरामदगी कार्रवाई में पुलिस ने 6 मोबाइल फोन आईफोन, ओप्पो, रियलमी, सैमसंग आदि , 3 मोटरसाइकिलें, नकदी, फर्जी आधार कार्ड और बैंक की जमा रसीदें बरामद कीं। कैसे चलता था खेल पकड़े गए आरोपी मुशर्रफ ने पूछताछ में बताया कि वह साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। गिरोह के सदस्य गरीब और अशिक्षित लोगों को लालच देकर बैंक खाते खुलवाते और उनके एटीएम, पासबुक व यूपीआई आईडी अपने पास रख लेते थे। इन खातों के जरिए देशभर से साइबर ठगी के पैसे ट्रांजैक्ट कर अन्य खातों में जमा कराए जाते थे। बदले में गिरोह को मोटा कमीशन मिलता था।पुलिस टीम इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रेमनगर आशुतोष रघुवंशी, साइबर थाना प्रभारी नीरज सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
बरेली। थाना प्रेमनगर पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो स्कूटी और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शारीक पुत्र भूरा निवासी पिपलिया मिर्स थाना केमरी, जिला रामपुर वर्तमान पता प्रीत विहार, थाना रमपुरा, रुद्रपुर, उत्तराखंड और सुहैल पुत्र मोहम्मद मुमताज निवासी किला कटघर, थाना किला, बरेली वर्तमान पता आदर्श कालोनी, थाना रमपुरा, रुद्रपुर, उत्तराखंड के रूप में हुई है। थाना प्रेमनगर पर अलग-अलग तहरीरों के आधार पर वाहन चोरी के मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। पुलिस टीम गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर उदयपुरखास पहुंची, जहां दोनों अभियुक्त बिना नम्बर प्लेट की स्कूटी के साथ संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ और ई-चालान एप से जांच में यह स्कूटी चोरी की निकली। पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूला कि उन्होंने स्कूटी को डी.डी.पुरम स्थित विशाल मेगा मार्ट के सामने से चोरी किया था और बेचने के इरादे से ले जा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कस्बा बहेड़ी से भी दो मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त सुहैल के खिलाफ पहले भी थाना प्रेमनगर में दर्ज है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक आशुतोष रघुवंशी, उनि दीपक वर्मा चौकी प्रभारी डेलापीर, उनि अक्षय त्यागी , उनि प्रमोद कुमार चौकी प्रभारी कोहाडापीर, कांस्टेबल रोहित, मनीष मौजूद थे।
( राष्ट्र जगत संवादाता) फरीदपुर : फतेहगंज पूर्वी अतु नगला निवासी अधिवक्ता राकेश ने अपने खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज होने पर पीड़ित परिवार को फोन पर धमकियां दी अधिवक्ता राकेश ने दो दिन पहले दंपति और उसकी बेटी के साथ मारपीट की थी और पीड़ित की बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर राकेश के खिलाफ मुकदमा करा दिया आरोपी ने फिर से पीड़ित परिवार को फोन पर गांव से भागने की धमकी दी और अपहरण करने की भी धमकी दी जिसका ऑडियो रिकॉर्डिंग पीड़ित परिवार ने पुलिस को दिया तो पुलिस ने उसकी सुरक्षा के लिए उसके घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी है पुलिस ने देर रात आरोपी राकेश को तमंचे और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया था और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया पुलिस का कहना है कि राकेश अधिवक्ता है और वह अधिवक्ता की आड़ लेकर अपराध करता है और गांव व नगर में गुंडागर्दी करता है उसके खिलाफ करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं वही फरीदपुर न्यायालय में पुलिस द्वारा आरोपी को पेश करने पर फरीदपुर के अधिवक्ताओं ने हंगामा काटा थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि तमंचे के साथ अधिवक्ता राकेश को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया है उस पर कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं
वाराणसी : जाने माने फिल्म प्रोड्यूजर व आर्टिस्ट प्रमोटर फुरकान कुरैशी ने करीब तीन दर्जन फिल्मों में सहभागिता की है। जिसमें जिंदगी एक जुआ, जुल्मी, दलाल, गदर, द हीरो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों, देवदास, अपने, वीर, आहिस्ता आहिस्ता, ओए लकी लकी ओए, एक चालीस की लास्ट लोकल, जज्बा, रुस्तम के अलावा हाल ही में गदर-2 में एसोसिएट प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। जबकि आजकल बनारस में फिल्मायी जा रही अनिल शर्मा निर्देशित ‘जर्नी’ फिल्म में वह प्रोड्यूजर के रूप में जुड़े हैं। उक्त जानकारी देते हुए उन्होंने एक अनौपचारिक फिल्म प्रोड्यूसर फुरकान कुरैशी ने कहा, जर्नी के साथ अपराजिता पर है फोकस वार्ता में बताया कि गदर-2 की सुपर डुपर फिल्म ने खासा उत्साहित किया जिसने करीब 667 करोड़ का बिजनेस किया। फिलहाल वह जर्नी के जरिये एक पारिवारिक फिल्म देने जा रहे हैं जिसकी कहानी का बनारस से गहरा नाता है। उन्होंने बताया कि बनारस एक ऐतिहासिक शहर है जहां फिल्मों के लिए खासा स्पॉट मिल जाते हैं। यहां के घाट और गलियां तथा यहां के लोगों का बनारसीपन फिल्मी दुनिया को खूब भाता है। श्री कुरैशी ने बताया कि वह वास्तविक कहानी पर ज्यादा फोकस करते हैं। और उनकी आगामी फिल्म ‘अपराजिता’ है। मौका देने से कलाकारों का बढ़ता है आत्मविश्वास : उन्होंने बताया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में अब तक कई दर्जन कलाकारों को डेव्यू करा चुके हैं। उनका मानना है कि कलाकारों को जब तक मौका नहीं दिया जायेगा उनका आत्मविश्वास नहीं बढ़ेगा।