300 बेड के अस्पताल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल किया तो किसान एकता संघ करेगा प्रदर्शन
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली । किसान एकता संघ ने किसान नेता डॉक्टर रवि नागर के नेतृत्व में आज 300 बेड सरकारी अस्पताल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर प्रशासन द्वारा निजी संस्थाओं को संचालन के लिए दिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट बरेली को सौंपा।
किसान एकता संघ के सैकड़ो पदाधिकारी पहले दामोदर स्वरूप पार्क में इकट्ठा हुए वहां से जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
किसान नेता डॉ रवि नगर ने बताया की इस जनहितकारी अस्पताल के लिए किसान एकता संघ में लगभग 6 महीने पूर्व से आंदोलन किया हुआ था। जिसको लेकर 26 मार्च को पदयात्रा की घोषणा की थी। किंतु मुख्यमंत्री का 27 मार्च को कार्यक्रम लगने की वजह से जिला प्रशासन के आग्रह पर हमने वह पदयात्रा स्थगित कर दी। 27 मार्च को प्रशासन ने प्रभारी मंत्री एवं सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर से मुलाकात कराई। जिसके फल स्वरुप 1 अप्रैल को बरेली आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस 300 बेड सरकारी अस्पताल को मेडिकल हब बनाने की घोषणा की जिसको लेकर बरेली ही नहीं आसपास के जिलों के आम आदमी को बड़ी राहत महसूस हुई। किंतु अभी कुछ दिन पूर्व समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी हुई की सरकार इसको पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर चलने का विचार कर रही है। किसान एकता संघ इसका घोर विरोध करता है एवं किसी भी कीमत पर इसे निजी हाथों में जाने नहीं दिया जायेगा। किसान नेता डॉ रवि नगर ने कहा कि आज ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन एवं शासन को हम यह चेतावनी देने आए हैं कि अगर सरकार में अपने निर्णय को नहीं बदला तो किसान एकता संघ जनहित में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। चाहे इसके लिए हमें सड़क पर भी उतरना पड़े तो भी हम इसे निजी हाथों में नहीं जाने देंगे क्योंकि निजी हाथों में जाने के बाद जो सरकारी अस्पताल से आम आदमी को चिकित्सा सेवाएं निशुल्क मिलेंगी वह नहीं मिल सकेंगी। बरेली के अंदर पहले ही बहुत प्राइवेट हॉस्पिटल से जिसमें गरीब मजदूर एवं किसानों को इलाज करना मुश्किल है। राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार ने कहा कि यह आम जनता के साथ धोखा है। प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि हमने आंदोलन इसलिए नहीं किया था की सरकार इस अस्पताल को उद्योगपतियों के हवाले करें, और आम आदमी का शोषण हो।
ज्ञापन प्रेषित करने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा पंडित राजेश शर्मा,प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी श्यामपाल गुर्जर, मंडल अध्यक्ष बोहरन लाल गुर्जर, मंडल प्रभारी चौधरी मोहकम सिंह, मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा जयसिंह यादव, मंडल महासचिव खेतल सिंह,जिला अध्यक्ष सोरन सिंह गुर्जर, मंडल मीडिया प्रभारी अमरजीत सिंह,जिला उपाध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह, कैप्टन ओंकार सिंह, जिला महासचिव अवधेश गुर्जर, मैनेजर खान, पप्पू सिंह नेताजी, घनश्याम गुर्जर, लखपत सिंह यादव, वीरेश भगत जी, राजेंद्र प्रधान, धनपाल मौर्य, रंजीत पाल, शिवम दुबे, शहादत खान, आजाद खान, अवधेश गुर्जर आदि बड़ी संख्या में किसान एकता संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
