राष्ट्र जगत संवाददाता।
बरेली आर्थोपैडिक एसोसिएशन की ओर से हुआ दो दिवसीय आर्थोप्लास्टी सिंपोजियम
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में बरेली आर्थोपैडिक एसोसिएशन की ओर से दो दिवसीय 28 फरवरी- एक मार्च तक बरेली रिवीजन आर्थोप्लास्टी सिंपोजियम आयोजित हुआ। इसमें रिवीजन टेक्निक्स पर विमर्श, वीडियो के माध्यम से ऑपरेशन की नई तकनीक की जानकारी, घुटने और कूल्हे की रिवीजन आर्थोप्लास्टी में बुनियादी बातों के साथ ऑपरेशन के महत्वपूर्ण प्वाइंट्स का चरण दर चरण वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। देश के चुनिंदा आर्थोपैडिक चिकित्सकों ने आठ सत्रों में अपने अपने विषय की विस्तृत जानकारी दी।
इंडियन आर्थोप्लास्टी एसोसिएशन (आईओए) की थीम सभी हड्डियां और जोड़ सुरक्षित हाथों में और यूपी आर्थोप्लास्टी एसोसिएशन (यूपीओए) की थीम बेहतर देखभाल के लिए परंपरा और प्रौद्योगिकी का समन्वय के अनुसार हुए इस सिंपोजियम के उद्घाटन सत्र में आर्थोपैडिक सर्जन एवं बिथरी चैनपुर के विधायक डा.राघवेंद्र शर्मा ने बढ़ते हादसों पर चिंता जताई और उन्हें रोकने के लिए जागरूकता और सही विधि से उपचार पर जोर दिया। उन्होंने एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज से अपने करियर आरंभ होने करने का ज़िक्र किया और आरंभिक कम संसाधनों से निकल कर आज बड़े ब्रांड में परिवर्तित होने वाले एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज की सफलता के लिए ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति को श्रेय दिया। यहां आने को घर आने जैसी खुशी महसूस करने की बात कह कर उन्होंने कहा कि यहां से सभी को सीखना चाहिए। सीमित संसाधनों का सही इस्तेमाल और मुश्किलों में भी पॉजिटिव रह कर काम कर सफलता तक पहुंचना यहां से सीखा जा सकता है। इंडियन आर्थोपैडिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि डा.उत्तम गर्ग ने सिंपोजियम की सराहना की और इसे सीखने और सिखाने का बड़ा मंच बताया। एसआरएमएस ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति जी ने सिंपोजियम के कांसेप्ट की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी काम की सफलता में रिवीजन सबसे जरूरी हिस्सा होता है। रिवीजन से ही बाधाओं के बारे में जानकारी मिलती है। जो उसी के अनुरूप रणनीति बनाने तय करने में मदद देती है। देव मूर्ति जी ने जल्द ही मरीजों के लिए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में एयर एंबुलेंस सेवा आरंभ होने की बात कही। साथ ही मेडिकल कालेज में लेबल वन का ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने बीमारी के उपचार के साथ ही बीमारी के प्रति जागरुक करने और बीमारी होने से पहले ही उपचार पर जोर दिया। कहा कि ऐसा तभी हो सकता है जब हम अपनी स्किल में लगातार सुधार करें और इंफेक्शन रेट को कम से कम करने का प्रयास करें। यही रिवीजन आर्थोप्लास्टी सिंपोजियम का भी संदेश है। इससे पहले उद्घाटन सत्र में बरेली आर्थोपैडिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एवं सिंपोजियम के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डा.संजय गुप्ता ने सिंपोजियम के विषय में सभी को बताया। कहा कि यह सही सर्जिकल फैसले लेने को और बढ़ाएगा। कालेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डा.एमएस बुटोला ने कॉलेज की उपलब्धियों का जिक्र किया। सिंपोजियम के कोऑर्गनाइजिंग चेयरमैन एवं यूपीओए के वाइस प्रेसिडेंट डा.विनोद पागरानी ने बरेली आर्थोपैडिक एसोसिएशन को ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज का सहयोग मिलने पर आभार जताया। कार्यक्रम के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डा.ध्रुव गोयल ने सभी का आभार जताया और धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डा.राहुल वर्मा ने किया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा.आरपी सिंह, डा.आरबी कालिया (ऋषिकेश), डा.एसएस मोहंती, डा.सिद्धार्थ एम शाह, डा.जतिन तलवार, डा.सुजीत के त्रिपाठी, डा.अजीत सिंह, डा.प्रेम गुप्ता, डा.जफर इज्राइल, डा.बीएस मूर्ति, डा.संजय श्रीवास्तव, डा.आर जी शर्मा, डा.जीआर गंगवार, डा.वरुण अग्रवाल, डा.मनोज हीरानी, डा.निकुंज गोयल और अन्य आर्थोपेडिक चिकित्सक मौजूद रहे।
