Rashtra Jagat Breaking
February 4, 2026

उत्तर प्रदेश

नर्सिंग छात्रा से मारपीट मामला: ऋषभ ठाकुर ने किया कोर्ट में सरेंडर, दीपक पाठक फरार

राष्ट्र जगत संवाददाता

बरेली। नर्सिंग छात्रा के साथ मारपीट के चर्चित मामले में एक अहम मोड़ सामने आया, जब मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इस मामले का दूसरा आरोपी दीपक पाठक अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व नर्सिंग छात्रा के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसके बाद परिजनों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार ऋषभ ठाकुर पर ही मुख्य रूप से मारपीट का आरोप है, जबकि दीपक पाठक पर भी घटना में सहयोग करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले को लेकर शहर में अब भी रोष का माहौल बना हुआ है और लोग आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

धोरेरा माफी में सत्यपाल पटेल ने चुनाव कार्यालय का किया उद्घाटन, खिचड़ी भोज व कंबल वितरण


बरेली। ग्राम पंचायत धोरेरा माफी महानगर में प्रधान पद के उम्मीदवार एवं पूर्व प्रधान सत्यपाल पटेल ने रविवार को अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद छत्रपाल गंगवार और जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उद्घाटन के उपरांत मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राहगीरों तथा ग्राम पंचायत धोरेरा माफी महानगर की जनता को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही महिलाओं और बुजुर्गों को कंबल वितरित कर ठंड से राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया।
आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समर्थक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

संपादकीय: लोक परंपरा, प्रकृति और उल्लास का पर्व — लोहड़ी


लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और सामूहिक उल्लास का जीवंत उत्सव है। विशेष रूप से उत्तर भारत, खासकर पंजाब और हरियाणा में मनाया जाने वाला यह पर्व नई फसल के स्वागत, सूर्य के उत्तरायण होने और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है। यह त्योहार यह संदेश देता है कि मानव जीवन प्रकृति के साथ सामंजस्य से ही सुखी और समृद्ध बन सकता है।
लोहड़ी की संध्या पर प्रज्ज्वलित अग्नि केवल अलाव नहीं होती, बल्कि वह आशा, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक होती है। लोग इसके चारों ओर एकत्र होकर तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न अर्पित करते हैं। ये परंपराएं केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि किसान संस्कृति और श्रम के सम्मान का भाव भी प्रकट करती हैं। यह वह समय होता है जब किसान अपनी मेहनत के फल के लिए प्रकृति और ईश्वर का आभार व्यक्त करता है।
लोहड़ी हमें यह भी सिखाती है कि जीवन केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का नाम नहीं, बल्कि सामूहिक खुशियों और सामाजिक जुड़ाव से ही जीवन पूर्ण होता है। लोक गीतों, भांगड़ा-गिद्धा जैसे नृत्यों और आपसी मिलन के माध्यम से यह पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नई संतानों, नए विवाह और नए आरंभों का स्वागत लोहड़ी को और भी विशेष बना देता है।
आज के समय में जब समाज तनाव, प्रतिस्पर्धा और भौतिकता के दबाव से गुजर रहा है, लोहड़ी जैसे लोक पर्व हमें अपनी जड़ों की ओर लौटने का अवसर देते हैं। ये त्योहार हमें सादगी, प्रकृति से जुड़ाव और साझा उल्लास का महत्व समझाते हैं। वास्तव में, लोहड़ी केवल आग के चारों ओर घूमने का पर्व नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और संस्कृति को जीवंत रखने का उत्सव है। यही इसकी सबसे बड़ी सार्थकता और समृद्धि है।

एड. सौरभ शर्मा
संपादक / चेयरमैन
राष्ट्र जगत दैनिक अखबार
मो. 7017533033

मिशन 2026: नई सोच के साथ ग्राम प्रधान पद के मैदान में उतरे युवा प्रत्याशी शुवान शाह


(राष्ट्र जगत संवाददाता)
फरीदपुर, बरेली।
फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम गांधीनगर उर्फ जेड़ से ग्राम प्रधान पद के युवा प्रत्याशी शुवान शाह ने मिशन 2026 के तहत जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनके सुख-दुख में साथ निभाने और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए नई सोच के साथ काम करने का वादा किया।
ग्राम गांधीनगर में घर-घर पहुंचकर शुवान शाह ने आगामी पंचायत चुनाव में समर्थन और मत देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तो वे सभी वर्गों को साथ लेकर गांव में सकारात्मक परिवर्तन करके दिखाएंगे।
युवा प्रत्याशी के रूप में शुवान शाह को ग्रामीणों का अच्छा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। जनसंपर्क के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके साथ नजर आए और समस्याओं को लेकर खुलकर बातचीत की।
अब देखना यह होगा कि आने वाले पंचायत चुनाव में ग्राम गांधीनगर की जनता किसे ग्राम प्रधान बनाकर गांव की जिम्मेदारी सौंपती है।

“विकास के संकल्प के साथ मैदान में उतरे ठेकेदार राजा राम साहू, वार्ड 57 में तेज़ हुई चुनावी सरगर्मियां”


बदायूं। जिला पंचायत चुनाव को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में वार्ड नंबर 57 से ठेकेदार राजा राम साहू ने जिला पंचायत सदस्य के संभावित प्रत्याशी के रूप में औपचारिक रूप से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है।
जनसंपर्क अभियान के दौरान ठेकेदार राजा राम साहू ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य क्षेत्र का सर्वांगीण विकास कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तो सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता, शिक्षा और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
राजा राम साहू ने कहा,
“वार्ड 57 की जनता यदि मुझे जिला पंचायत सदस्य चुनती है, तो मैं इस क्षेत्र में विकास का अंबार लगा दूंगा। हर गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना मेरी पहली जिम्मेदारी होगी।”

“हिंदुओं की सुरक्षा और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बरेली में गरजे प्रवीण तोगड़िया

राष्ट्र जगत संवाददाता

बरेली। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया सोमवार को बरेली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को चिंताजनक और दुखद बताया तथा भारत सरकार से दुनिया भर में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि बांग्लादेश में दिनदहाड़े हिंदुओं की हत्या हो रही है और बहन-बेटियों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा, जो पूरे हिंदू समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने नाइजीरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ईसाइयों पर हमले के बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सेना भेजकर कड़ा संदेश दिया था। इसी तरह भारत सरकार को भी हिंदुओं की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
प्रवीण तोगड़िया ने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे धर्मांतरण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि हिंदू समाज को संगठित होकर इसका विरोध करना होगा। उन्होंने “एक देश, एक कानून” की अवधारणा पर जोर देते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की और कहा कि यह सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
उन्होंने प्रस्ताव रखा कि कानून लागू होने के बाद यदि तय सीमा से अधिक बच्चों का जन्म होता है, तो संबंधित परिवार को सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकता से जुड़े डीएनए टेस्ट के सुझाव का भी उल्लेख किया।
तोगड़िया के अनुसार, 1951 की मतदाता सूची के आधार पर नागरिकता का सत्यापन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर का निर्माण हुआ, वैसे ही जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनकर रहेगा। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इनर व्हील डे: मनोरंजन और मेल-मिलाप के बीच बिता यादगार दिन


बरेली। इनर व्हील क्लब बरेली साउथ द्वारा इनर व्हील डे को बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य और विश्राम को ध्यान में रखते हुए रुद्रपुर स्थित सोनिया रिज़ॉर्ट में एक पिकनिक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान क्लब की सदस्यों ने आउटडोर गेम्स, मनोरंजक गतिविधियों और स्वादिष्ट भोजन का भरपूर आनंद लिया। यह आयोजन आपसी मेल-मिलाप, तनावमुक्त होने और नई ऊर्जा से भरने का बेहतरीन अवसर रहा।
इस प्रोजेक्ट में प्रेसिडेंट प्रीति जिंदल, सचिव मनीषा पांडे, पीडीसी रेनू अग्रवाल, रंजना ठाकुर, निधि अग्रवाल, बबीता कपूर, नीना टंडन, कविता अग्रवाल, इंदु सेठी, सीमा अग्रवाल, शिवानी जैन, लाट अग्रवाल, अर्चना मालिक, मंजीत विग, कुलजीत वासु, अनीता अग्रवाल, बबीता गर्ग, वैशाली, संजना, अंकिता सहित लगभग 60 सदस्यों ने सहभागिता की।

बहादुरी और सादगी के अद्भुत उदाहरण थे शास्त्री जी


(पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर विशेष)
जहां भी देश में बहादुरी और सादगी की बात होती है, वहां स्वतः ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का नाम स्मरण हो जाता है। आज उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश उस महान व्यक्तित्व को नमन कर रहा है, जिन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा नेता वही होता है जो कथनी नहीं, करनी में विश्वास रखता है।
लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने प्रधानमंत्री काल में न केवल देश का नेतृत्व किया, बल्कि अपने आचरण से जनता के सामने सादगी और ईमानदारी की मिसाल पेश की। उनके जीवन का हर क्षण देशसेवा को समर्पित रहा। कहा जाता है कि उनके घर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी वे अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते थे और स्वयं अपने कपड़े धोकर पहनते थे।
1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान जब देश आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तब शास्त्री जी ने देशवासियों से सप्ताह में एक समय भोजन त्याग करने की अपील की थी, ताकि अन्न की बचत हो सके। स्वयं भी उन्होंने इसका पालन किया। यही नहीं, युद्ध के समय उन्होंने “जय जवान, जय किसान” का नारा देकर देश के जवानों और किसानों का मनोबल बढ़ाया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
शास्त्री जी की सादगी का सबसे बड़ा उदाहरण यह था कि प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए भी उनके बैंक खाते में बहुत कम राशि थी। ताशकंद समझौते के बाद 11 जनवरी 1966 को उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनकी मृत्यु आज भी रहस्य बनी हुई है, लेकिन उनके विचार और आदर्श अमर हैं।
देश आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। लाल बहादुर शास्त्री जैसे ईमानदार, निडर और सादगीपूर्ण प्रधानमंत्री मिलना देश के लिए गर्व की बात है। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।

“सनातन शक्ति को नई धार: अनिल कुमार मिश्र को सौंपी गई प्रदेश अध्यक्ष की कमान”


बरेली। राष्ट्र जागरण सनातन संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश संयोजक लवलीन कपूर द्वारा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के महत्त्वपूर्ण पद पर अनिल कुमार मिश्र की नियुक्ति की गई। इस घोषणा के साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर आयोजित मनोनयन समारोह को संबोधित करते हुए लवलीन कपूर ने कहा कि संगठन में अनिल कुमार मिश्र का हृदय से स्वागत है। उन्होंने कहा कि अनिल मिश्र का जीवन अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा है। उनकी नियुक्ति से संगठन को नई दिशा, नई ऊर्जा और मजबूत नेतृत्व प्राप्त होगा, जिससे सनातन संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े अभियानों को और अधिक गति मिलेगी।
राष्ट्र जागरण सनातन संघ के संस्थापक सौरभ शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अनिल कुमार मिश्र एक पूर्व सैनिक हैं और उन्होंने देश सेवा के साथ-साथ समाज सेवा को भी अपना उद्देश्य बनाया है। वे लंबे समय से सनातन धर्म, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते आ रहे हैं। सनातन के प्रति उनकी निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और समाज में उनकी सकारात्मक छवि को देखते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्र ने सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे, युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ेंगे और सामाजिक समरसता, राष्ट्रप्रेम एवं सेवा कार्यों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र जागरण सनातन संघ को एक सक्रिय जनआंदोलन के रूप में स्थापित करना उनका लक्ष्य रहेगा।
मनोनयन समारोह के दौरान संगठन के सक्रिय सदस्यों दीपक रस्तोगी, सचिन कक्कड़, कमल टंडन, जितेंद्र मिश्र, प्रदीप रस्तोगी सहित अन्य पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अनिल कुमार मिश्र को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में राष्ट्र जागरण सनातन संघ प्रदेश भर में सनातन संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित के कार्यों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

“निस्वार्थ सेवा का जज़्बा: बरेली की प्रियंका ने समाजसेवा को चुना अपना मिशन”

विशेष संवाददाता राष्ट्र जगतबरेली। समाज में बदलाव लाने का जज़्बा, सेवा का समर्पण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प — इन्हीं मूल्यों के साथ बरेली की उभरती समाजसेविका प्रियंका आज एक अलग पहचान बना चुकी हैं। उत्तराखंड से विवाह के बाद बरेली आईं प्रियंका ने इस शहर को ही अपनी कर्मभूमि बनाया और समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य।
प्रियंका बताती हैं कि उन्हें समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा अपने परिवार और विशेषकर अपने पति गिरीश कपूर से मिली। “मेरे हर सामाजिक कार्य में मेरे पति कदम से कदम मिलाकर मेरे साथ खड़े रहते हैं। उनका सहयोग और मार्गदर्शन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है,” प्रियंका मुस्कुराते हुए कहती हैं। उनके अनुसार जीवनसाथी का साथ मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
अपने सामाजिक सफर के बारे में बताते हुए प्रियंका कहती हैं कि शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी। गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता, महिलाओं को जागरूक करने और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। धीरे-धीरे उनके कार्यों की पहचान बढ़ती गई और समाज का भरोसा भी।
वर्तमान में प्रियंका राष्ट्र जागरण युवा संगठन की जिला अध्यक्ष के रूप में दायित्व निभा रही हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन को नई दिशा देने के साथ-साथ महिलाओं को जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं। वे गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक कर रही हैं।
प्रियंका का मानना है कि जब तक महिलाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक समाज मजबूत नहीं हो सकता। “महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। हमें महिलाओं को आत्मविश्वास, शिक्षा और अवसर देने होंगे ताकि वे खुद अपने फैसले ले सकें,” वे कहती हैं।
उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें कई सामाजिक मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मिले अवार्ड्स को वे अपनी नहीं, बल्कि समाज की जीत मानती हैं। प्रियंका कहती हैं, “ये पुरस्कार मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। यह याद दिलाते हैं कि मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।”
अपने लक्ष्य को लेकर प्रियंका बिल्कुल स्पष्ट हैं। वे कहती हैं, “मैं अपने जीवन को तभी सफल मानूंगी जब समाज के लिए लगातार कुछ कर पाऊंगी। समाजसेवा मेरे लिए कोई पद या पहचान नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है।” भविष्य में वे महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र, निशुल्क परामर्श शिविर और युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू करने की योजना भी रखती हैं।
इंटरव्यू के अंत में प्रियंका युवाओं को संदेश देती हैं, “अगर हर युवा यह ठान ले कि वह अपने आसपास के समाज के लिए कुछ न कुछ करेगा, तो देश की तस्वीर खुद-ब-खुद बदल जाएगी। बदलाव की शुरुआत हमें खुद से करनी होगी।”
निस्वार्थ सेवा, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयासों के साथ बरेली की प्रियंका आज न सिर्फ समाजसेवा के क्षेत्र में उभरता नाम हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी।