रिपोर्ट दुष्येंद्र कुमार
विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 : नवाचार की ओर एक सशक्त कदम
बरेली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारंभ किया बरेली 13 अक्टूबर 2025 को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “Viksit Bharat Buildathon 2025” के अंतर्गत आज जनपद बरेली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत की चार प्रमुख थीम — आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल तथा समृद्ध भारत — के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, सृजनशीलता एवं समस्या समाधान कौशल को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री संजय सिंह बरेली के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में माननीय सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षकगण एवं हितधारकगण ससम्मान उपस्थित रहे।
कक्षा 6 से 8 तक के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालय, कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (कुल 793 विद्यालयों) के बच्चों ने प्रतिभा किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक राष्ट्रीय स्तर पर यूट्यूब के माध्यम से सजीव प्रसारण (वेबीनार) से जुड़ते हुए विद्यार्थियों ने अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए।
सभी रजिस्टर्ड टीमों ने स्मार्ट कक्षाओं में अपने विचारों पर आधारित प्रोटोटाइप (आदिरूप) तैयार किए। विद्यार्थियों ने समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए मॉडल विकसित किए तथा अपनी प्रस्तुति की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। शिक्षकों एवं मेंटरों द्वारा विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया गया।
विद्यालयों में इस अवसर पर सुंदर बैनर, पोस्टर, जिंगल, लोगो एवं सजावट से प्रेरक वातावरण निर्मित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल/उत्पादों को अतिथियों एवं अभिभावकों के समक्ष प्रदर्शित किया गया तथा सभी के प्रयासों की सराहना की गई।
यह कार्यक्रम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
बरेली। इज्जतनगर के रहने वाले एक बुजुर्ग पेंशनभोगी के खाते से साइबर ठगों ने आधी रात को एफडी और आरडी तोड़कर 2.36 लाख उड़ा लिए। बैंक ने जिम्मेदारी से किनारा करते हुए इसे ग्राहक की लापरवाही बता दिया। पीड़ित ने अब गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के मुताबिक, टी.टी.बी. रस्तोगी, जो एसएआर विभाग से रिटायर्ड हैं। उनके खाते से 20 मार्च 2025 की आधी रात को रकम गायब हो गई। ठगों ने न सिर्फ उनके खाते में रखी रकम निकाली, बल्कि दो सावधि जमाएं (एफडी) और एक आवर्ती जमा (आरडी) भी तोड़ डाली। पीड़ित के अनुसार 16 हजार 700 फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज प्रा.लि. को और 2.20 लाख कोलकाता स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में राम कुमारी काजल नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुछ दिनों बाद 16 हजार 700 वापस आ गए, लेकिन 2.20 लाख अब तक फंसे हुए हैं।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बैंक ऑफ बड़ौदा में की और रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल, कानपुर को भी पत्र भेजा। बैंक ने अपने जवाब में कहा कि ग्राहक ने ओटीपी और लॉगिन डिटेल साझा की थी, इसलिए यह उनकी गलती है। लेकिन पीड़ित का सवाल है कि बैंक ने बिना मूल रसीद के आधी रात में एफडी और आरडी कैसे तोड़ दीं? रस्तोगी का कहना है इतनी बड़ी रकम आधी रात को खाते से निकल गई और बैंक के सिस्टम को भनक तक नहीं लगी। यह बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने बताया कि यह रकम उनके पोते अक्षत और तीन वर्षीय पोती आदिवा के नाम से की गई जमाओं की थी। अक्षत के नाम पर 2012 में नामकरण संस्कार के अवसर पर 21 हजार की एफडी कराई गई थी, जो हर बार नवीनीकृत होती रही। आदिवा के नाम पर 1.51 लाख की एफडी और 25 हजार मासिक की आरडी थी। रस्तोगी का कहना है कि कोटक महिंद्रा बैंक को भी जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसे असामाजिक तत्वों के नाम पर खाते कैसे खोले जाते हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसे साइबर गिरोहों पर नकेल कसी जा सके और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
पीड़ित रस्तोगी ने भावुक होकर कहा मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम किया, लेकिन बुजुर्गावस्था में इन ठगों ने मेरे पोते-पोती का भविष्य लूट लिया। बस अब यही चाहता हूं कि सरकार इस गिरोह को सजा दिलाए और मेरा पैसा वापस मिले। वहीं, इज्जतनगर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
बरेली। जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी में जनता की सेवा के लिए तैनात डिप्टी सीएमओ साहब का व्यवहार कुछ अलग ही है। वो पत्रकारों पर भी भड़क जाते हैं तो आम जन के लिए इस कार्यालय में उसकी सुनी जाएगी ऐसा सोचना कल्पना से परे है।
स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय में जहां दिन में सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याओं का निदान पाने के लिए यहां अधिकारियों से गुहार लगाते हैं। तो ऐसे में राष्ट्र जगत के संपादक और पत्रकार किसी जन हित के मुद्दे को लेकर कुछ जानकारी करने सीएमओ कार्यालय गए। जहां सीएमओ साहब तो नहीं मिले लेकिन छोटे साहब डिप्टी सीएमओ साहब अमित कुमार जी मिले उन्होंने कुछ जानकारी उपलब्ध भी करवाई लेकिन जब उनसे कुछ अन्य सवाल करते हुए उनका नंबर मांगा गया तो वो भड़क गए और बोले जाओ सीएमओ से मेरा नंबर लेलो।
यहां जब छोटे साहब डिप्टी सीएमओ का व्यवहार पत्रकारों के प्रति इतना अभद्र है तो वो आम जन की समस्याओं का निदान किस प्रकार करते होंगे यह एक सवाल है। सवाल यह भी है कि शासन की मंशा के अनुरूप पत्रकारों को समुचित जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन यहां सुरत ए हाल कुछ और ही है।
बरेली। जनता की शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निपटान नहीं करने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त कदम उठाया है। सितंबर माह में आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायतों की समीक्षा में यह सामने आया कि कई अधिकारियों ने अपेक्षित गुणवत्ता का काम नहीं किया। इसके चलते आठ विभागीय अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इसमें अधिशासी अभियंता (नगरीय द्वितीय/तृतीय) विद्युत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, उप निदेशक कृषि विभाग, उपखंड अधिकारी विद्युत फरीदपुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी बिथरी चैनपुर और चकबंदी अधिकारी मीरगंज शामिल हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ कर दिया है कि जनता की समस्याओं का सही समय पर निपटान हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदपुर से प्रदीप उपाध्याय
बरेली। दीपावली की तैयारी में जुटे एक परिवार पर मातम छा गया। फरीदपुर क्षेत्र के सब्दलपुर गांव में बुधवार सुबह घर की लिपाई के लिए मिट्टी खोदने गईं दो सगी बहनों पर मिट्टी की ढांग गिर गई। हादसे में छोटी बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
सब्दलपुर निवासी महिपाल सिंह यादव की बेटियां 12 वर्षीय प्रियंका और 13 वर्षीय शिवानी सुबह-सुबह तालाब किनारे मिट्टी लेने गई थीं। बताया जाता है कि मिट्टी खोदते वक्त अचानक ढांग भरभराकर गिर गई और दोनों बहनें उसके नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर लोग दौड़े और किसी तरह मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक प्रियंका की सांसें थम चुकी थीं। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शिवानी को बरेली रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रियंका की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी घटना की खबर फैलते ही मातम पसर गया। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इंकार करते हुए प्रियंका का अंतिम संस्कार कर दिया।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली। शहर के बड़े सपा नेता के नामी अस्पताल अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। इस अस्पताल में नियमों की खुले आम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं यहाँ मानकों का पालन और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना आम बात है। सूत्र बताते हैं की सपा नेता के इस अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग के बड़े बड़े अधिकारीयों की कृपा है और उन्हीं के संरक्षण में यह सब नियमों की अवहेलना की जा रही है। जिसके चलते बरेली के सैटलाइट रोड ईसाईयों की पुलिया पर स्थित इस अस्पताल ने नियमों को ताक पर रखते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर के भण्डारण टैंक को अपने अस्पताल के बेसमेंट में ही लगा रखा है। जबकि नियम यह कहता है की यह ऑक्सीजन टैंक खुले में होना चाहिए। नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन 99 के निर्देश भी यह कहते हैं की अस्पताल के बेसमेंट में ऑक्सीजन टैंक रखने के उन्हें हवादार, सीधे खड़े स्थान पर, गर्मी और ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखना चाहिए। इन दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अस्पताल संचालित होना चाहिए। जिसमें ईंधन गैस सिलेंडरों से 20 फीट की दूरी और आग प्रतिरोधक बाधाएं, या कम से कम 5 फीट की दूरी रखना आवश्यक है। साथ ही, ऑक्सीजन भंडारण क्षेत्रों में “धूम्रपान निषेध” के बोर्ड लगाने चाहिए और विद्युत उपकरणों से दूर रखना चाहिए।
अब जब नियम इतने सख्त हैं तो ऐसे में अस्पताल को मिली फायर विभाग की एनओसी पर भी सवाल उठना लाज़मी है, इस विषयक हमारे संवाददाता ने जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क साधने का प्रयास किया तो महोदय का फ़ोन नहीं उठ सका। यहाँ इस अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किस नियम के अंतर्गत किया जा रहा है यह तो सीएमओ साहब ही बता सकते हैं।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन का सख्त एक्शन जारी है। पुलिस ने बवाल के एक आरोपी ताजीम का एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। इसके बाद ताजीम को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, मंगलवार को तौकीर रजा के दामाद मोहसिन रजा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मोहसिन, तौकीर रजा के बड़े भाई मन्नानी मियां का दामाद है। मन्नानी का दूसरा दामाद सपा से पार्षद ओमान रजा है, जो फरार है।
मंगलवार को पुलिस-प्रशासन और नगर निगम की टीम 5 थानों की पुलिस और आ ए एफ के साथ मोहसिन के घर के पास बने उसके गैराज को तोड़ने पहुंची थी। प्रशासन की टीम का कहना है कि गैराज नगर निगम और नाले की जमीन पर बना है। वहीं, मोहसिन ने दावा किया कि उसके पास कोर्ट का स्टे है। इसी बात को लेकर मोहसिन ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। 12 बाई 14 का गैराज था। इस पर 20 साल से कब्जा था।इसके बाद पुलिस ने मोहसिन को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। मोहसिन के गैराज को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, मोहसिन का रिसॉर्ट भी सील कर दिया गया। इसके अलावा तौकीर रजा के करीबी हाजी शराफत खान के नरियावल स्थित हमसफर पैलेस (मैरिज लॉन) को भी सील कर दिया गया।
उधर, बरेली के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा-कानून से बड़ा कोई नहीं। उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। किसी भी तरह की अराजकता, अवैध कब्जा या नक्शे में हेर-फेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां बुलडोजर समेत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, बरेली बवाल में पुलिस ने अभी तक कुल 62 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मौलाना तौकीर रजा, डॉ. नफीस और नदीम भी शामिल हैं, जो इस बवाल के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अभी तक मौलाना तौकीर रजा के करीबियों की 150 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है।
दो अक्टूबर तक बंद रहने की अफवाह ने उड़ाए थे होश
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली । 26 सितम्बर 2025 को हुए कुतुबखाना पर पथराव एवं लाठी चार्ज के बाद प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था जारी रखने के लिए इंटरनेट सुविधाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया था जिसके चलते जनता काफी परेशान नजर आई इस दौरान ऑनलाइन डिलीवरी राइडरों का काम भी इन 48 घंटे में बंद रहा ना किसी को ऑनलाइन पेमेंट हो सकी ना ही कोई आर्डर जा सका इस दौरान सोमवार रात तक इंटरनेट सुविधा 2 अक्टूबर तक बंद होने की अफवाह फैलने लगी जिससे जनता और अधिक परेशान नजर आई परंतु देर 29 सितम्बर रात के 12 बजे के बाद जैसे ही इंटरनेट सुविधा पुनः शुरू हुई तभी लोगों के मोबाइलों के नोटिफिकेशन बजने लगे जिससे जनता ने राहत की सांस ली।
~48 घंटे के लिए इंटरनेट भी बंद~
बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शनिवार को मौलाना तौकीर रजा खां समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। एक मुकदमे में मौलाना तौकीर को बलवा कराने का आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तारी के बाद मौलाना समेत आठों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद अलग-अलग जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया। इसमें अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कोतवाली में पांच, बारादरी में दो, थाना किला, प्रेमनगर और कैंट में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
बवाल के बाद जिले में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। बीएसएनएल क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर जो पत्र वायरल हुआ है, वह सही है। शासन के निर्देश पर कुछ देर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। हमारे पास आधिकारिक पत्र आ गया है।
बवाल के मामले में पुलिस ने शहर के अलग-अलग पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। कोतवाली में दर्ज बलवे के मुकदमे में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को आरोपी बनाया गया है, जबकि बाकी मुकदमों में मौलाना के समर्थक नामजद किए जा रहे हैं। फाइक एनक्लेव निवासी बरातघर संचालक फरहत और उसके बेटे को बारादरी पुलिस ने जांच के आधार पर मुकदमे में शामिल किया है। शुक्रवार रात से इन्हीं लोगों ने मौलाना को अपने घर में शरण दे रखी थी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मौलाना को बरातघर संचालक के घर से गिरफ्तार किया है। इनके अलावा सरफराज, मनीफुद्दीन, अजीम अहमद, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद आमिर, रेहान, मोहम्मद सरफराज को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस 39 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार रात 10:20 बजे वीडियो जारी कर कहा है कि अतीक और अशरफ की तरह मुझे गोली मार दो, मोहम्मद के नाम पर मरना कबूल है। उन्होंने कहा कि वह अब तक नजरबंद हैं। उन्होंने मुसलमानों को मुबारकबाद पेश करते हुए घटना को साजिश करार दिया। मौलाना ने कहा कि मैं आशिकाने रसूल को मुबारकबाद पेश करता हूं। ऐसे खतरनाक समय में इश्क-ए रसूल के नाम पर आप लोग आए। हमने अमन का रास्ता इख्तियार किया था। मोहम्मद साहब के नाम को जो बार-बार अपमानित किया जा रहा है, उसके लिए सख्त कानून बनाया जाए।
मौलाना ने कहा कि “मैं वहां जाता, नमाज पढ़ता और ज्ञापन देकर लोगों को घर भेज देता, पर हमेशा की तरह मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया”। उनके पीछे झूठे लेटरपैड पर उनके नाम से बयान जारी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई। प्रशासन मुसलमानों को रसूल का नाम लेने की इजाजत नहीं दे रहा है। यह मामला जितना दबाया जाएगा, उतना ही उभरेगा।
आई लव मोहम्मद के समर्थन में मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर शुक्रवार को शहर में भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने पर भीड़ अराजक हो गई। बवालियों ने खलील स्कूल तिराहे के पास दुकानों व वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। नावल्टी चौराहा पर पुलिस टीम पर पथराव और श्यामगंज में फायरिंग की। करीब तीन घंटे तक शहर में बवाल हुआ। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज भी किया। शाम पांच बजे हालात काबू में आ गए।
डीआईजी अजय कुमार साहनी के मुताबिक घटना में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिस तरह से भीड़ बैनर लेकर निकली और पथराव किया उससे सुनियोजित साजिश का संकेत मिलता है। घटना के वीडियो और तस्वीरों के आधार पर इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों जैसे श्यामगंज और नौमहला मस्जिद के आसपास तोड़फोड़ की, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को घर में नजरबंद कर दिया गया है। शहर में भारी सुरक्षा बल तैनात हैं और इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी गई है।यह विवाद हाल ही में कानपुर में बरावाफत जुलूस के दौरान एक बैनर से शुरू हुआ था, जहां ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। मुस्लिम संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। बरेली में मौलाना तौकीर रजा ने गुरुवार को ही जुमे पर इस्लामिया मैदान में धरना देने का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति न देने के बाद प्रदर्शन को स्थगित कर दिया। इसके बावजूद, नमाज के बाद भीड़ सड़कों पर उतर आई।घटनाक्रम: कैसे बिगड़ा माहौल?सुबह से सख्ती: जुमे की नमाज से पहले ही बरेली के इस्लामिया मैदान, बिहारीपुर और श्यामगंज इलाकों को छावनी में बदल दिया गया। बैरिकेडिंग लगाई गई, ड्रोन से निगरानी की गई और भारी संख्या में पीएसी व आरएएफ की टुकड़ियां तैनात की गईं। सैलानी इलाका पूरी तरह बंद रहा।नमाज के बाद हंगामा: नौमहला मस्जिद के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर थामे लोग नारेबाजी करने लगे। श्यामगंज में पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, तो एसपी क्राइम उत्कर्ष मिश्रा से नोकझोंक हो गई। भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया और तोड़फोड़ मचाई।पुलिस का जवाब: स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। कई प्रदर्शनकारी घायल बताए जा रहे हैं। डीएम रवि कुमार और एसएसपी घुरमौरिया ने कहा कि शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।तौकीर रजा नजरबंद: मौलाना तौकीर रजा को उनके ठाकुरद्वारा स्थित घर में नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने राष्ट्रपति को डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजने की अपील की थी, जिसमें शांतिपूर्ण विरोध की बात कही गई। लेकिन प्रशासन ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए यह कदम उठाया।