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February 4, 2026

बिजनौर

कप्तान अभिषेक की तैनाती के बाद से बिजनौर पुलिस को एक नई गति

बिजनौर। मुरादाबाद मुजफ्फरनगर मेरठ हरिद्वार कोटद्वार आदि जिला से सटा बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत माना जाता है यहां की राजनीति इस बात का गवाह है कि कई राष्ट्रीय नेताओं ने यहां पर आकर दस्तक दी है अपराध की बात करें तो काफी लंबे समय तक शांत जिला माना” जाने वाला बिजनौर जिला एक पूर्व में एक दशक एक दो घटनाओ के कारण अपराध को लेकर भी चर्चाओं में रहा था और इन घटनाओं को कम समय मे खोलकर गुड पुलिसिंग कर पुलिस का इकबाल भी बुलंद हुआ था। लेकिन यह जिला अपराध के मामले में ज्यादा संवेदनशील नहीं है। करीब ढाई दशक पूर्व मुजफ्फरनगर में तैनात रहे कप्तान आशुतोष पांडेय जब यहां से तबादला होकर बिजनौर के कप्तान बने तो गंगा बैराज पर महीने में एक बार पत्रकारों एवं सामाजिक व्यक्तियों के साथ दोनों जिलों की मीटिंग करते थे। जिलो की सरहद पर यह दोस्ताना अंदाज काफी चर्चाओ में रहा था। सच्चाई यह थी कि आशुतोष पांडेय ने मुजफ्फरनगर से रिश्ता बिजनौर जाकर भी बरकरार रखा था इसी प्रकार एसएसपी हरि नारायण सिंह भी यहां से बिजनौर जाकर मुजफ्फरनगर के लोगों की एवं उनके प्यार एवं सम्मान की चर्चा करते थे। अब करीब एक वर्ष से बिजनौर एस पी के पद पर अभिषेक को तैनाती मिली हुई हैं। कप्तान अभिषेक मृदुभाषी एवं कर्तव्य निष्ठा की एक जीती जागती मिसाल है और बिजनौर में इनकी तैनाती के बाद से बिजनौर पुलिस को एक नई गति दिशा एवं ऊर्जा देने का काम किया है। एस पी अभिषेक मेहनती एवं जुझारू अधिकारी के रूप में अपनी पहचान रखते आए हैं तथा अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाते हैं। पुलिस पब्लिक रिलेशन हिमायत करते हैं तथा मानते हैं कि यदि दोनों परस्पर सहयोग की भावना से काम करें तो अपराध या अपराधी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। पुलिस एवं जनता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं उनका मानना है कि बिना जन सहयोग के पुलिस अपने लक्ष्य एवं उद्देश्य को आसानी से पूरा नहीं कर सकती है! कप्तान अभिषेक का जनता के साथ संपर्क भी अच्छा रहा हैं और उनकी कम्युनिटी पुलिसिंग काफी कारगर वह सरहनीय हो रही है तथा जनता की सुनवाई भी की जा रही हैं तथा कप्तान अभिषेक ने अपने करीब एक वर्ष के कार्यकाल में बहुत सी उपलब्धियां इस जनपद को देने में कामयाब रहे यह जिला अपराध उन्मूलन के लिए सदैव उनका ऋणि और आभारी हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा जी काफी मिलनसार व्यक्ति के धनी है आपसे मकान के संबंध में कय बार मिलना हुआ आपने मेरी बात को ध्यानपूर्वक सुना अपने पुलिस क्षेत्र अधिकारी को अफजलगढ़ को भी बुलाया और उनको मौखिक आदेश भी दिया था इनको भीको न्याय मिले लेकिन पुलिस क्षेत्र अधिकारी का ट्रांसफर नगीना के लिए हो गया और मकान मेरा अटक गया आपके पेश कर रहे हैं थाना अध्यक्ष महोदय अफजलगढ़ सुमित राठी जी ने भी भी मेरे मकान के बारे में उनको अवगत कराया यहां वास्तव में यह मकान इन्होंने ही खरीदा था हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी अफजलगढ़ बिजनौर

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं अभियान चलाने का फैसला स्वागतयोग्य

  रिजवान पत्रकार अफजलगढ़ बिजनौर

उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं’ अभियान चलाने का फैसला स्वागतयोग्य है। हालांकि दोपहिया वाहनों की सवारी करने वाले लोगों को खुद ही इसे लेकर संजीदा होने की जरूरत है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इस अभियान से उनके भीतर जिम्मेदारी की भावना आएगी। एक सितंबर से शुरू हो चुका इस अभियान को विधिसम्मत होने के साथ जनहितैषी भी कहा जा सकता है।गौरतलब है कि भारत में करीब तीस फीसद हादसों में दुपहिया चालक ही शिकार होते हैं। इनमें मौत का सबसे बड़ा कारण हादसे के समय हेलमेट नहीं पहनना माना जाता है। सवाल है कि यातायात नियमों के मुताबिक हेलमेट अनिवार्य होने पर भी अगर लोग नियमों का पालन नहीं करते, तो इसका नुकसान किसे उठाना पड़ता।हैरत की बात है कि जुर्माने के प्रावधान के बावजूद लोग बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते दिखते हैं। उन्हें न तो नियम-कायदे की परवाह होती है और न ही अपने प्राणों की। जहां सड़क पर यातायात पुलिस की जांच ढीली होती है, वहां दुपहिया पर पीछे बैठे लोग अमूमन हेलमेट नहीं पहनते। जबकि हादसे की स्थिति में जोखिम का स्तर उनके लिए भी समान होता है।गौरतलब कि पिछले वर्ष भी यह अभियान चलाया गया था, लेकिन सच यह है कि लोगों के बीच हेलमेट पहन कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता अभी विकसित नहीं हुई है। कुछ समय पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने बताया था कि पिछले वर्ष हुए हादसों में तीस हजार लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हो गई। यानी देश में हर दिन औसतन अस्सी लोगों की जान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के कारण चली गई।सवाल है कि इस संबंध में कानून होने और उससे भी ज्यादा अपने हित में होने के बावजूद लोग हेलमेट की उपयोगिता की अनदेखी क्यों करते हैं। किसी हादसे की स्थिति में शरीर के बाकी हिस्से में लगी चोट के मुकाबले सिर पर लगी चोट जिंदगी को जोखिम में डाल देती है। उपचार के बाद भी जीवन भर जटिलताएं बनी रह सकती हैं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि अगर दोपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट पहना जाए तो मौत की आशंका को बहुत कम किया जा सकता है। थाना प्रभारी अफजलगढ़ श्री सुमित राठी जी कस बा इंचार्ज प्रवीण कुमार जी पुलिस क्षेत्रा अधिकारी अफजलगढ़ नेदो पहिया सवारीसे भी हेलमेट पहन कर चले जिससे अपनी हिफाजत है और अपने घर सुरक्षित लौट सके और जहां हम जा रहे हैं वहां भी सुरक्षित पहुंच सके कोतवाल साहब सुमित राठी जी ने कहा कोई भी अभिभावक अपने नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल में कार चलाने को ना दे क्योंकि बच्चा भी सुरक्षित रहेगा और उससे कोई भी एक्सीडेंट नहीं होगा अपना घर भी सुरक्षित और दूसरा घर भी कुछ सुरक्षित रहना चाहिए तेजतर्रार कोतवाल सुमित राठी ने कहा कि अगर कोई भी नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल चलता हुआ मिल गया तो उसे जुर्माना 25000 का लिया जाएगा और अभिभावक का चालान काटा जाएगा क्योंकि उसका जिम्मेदार सिर्फ अभिभावक होता है नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल कार ना दे हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी स्वतंत्र पत्रकार अफजलगढ़ बिजनौर

सरकारी आवास में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली

ब्रेकिंग न्यूज़ बिजनौर

बिजनौर की सदर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार राजकुमार ने अपने सरकारी आवास में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली।