बजट में आम आदमी को राहत, विकास को रफ्तार
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट में मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा, किसान, युवा और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट का मुख्य फोकस राहत के साथ-साथ देश के समग्र विकास पर रखा गया है।
बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को आयकर के मोर्चे पर राहत दी गई है, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी। नई कर व्यवस्था को और सरल व आकर्षक बनाया गया है। वहीं पेंशन और भविष्य निधि से जुड़े नियमों में भी सुधार किया गया है।
किसानों के लिए बजट में कृषि योजनाओं के विस्तार, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
युवाओं और छात्रों के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणाएं की गई हैं। एमएसएमई सेक्टर को आसान ऋण और क्रेडिट सपोर्ट देकर व्यापार को गति देने का प्रयास किया गया है।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही रेलवे, सड़क, मेट्रो, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंडिया जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का प्रावधान कर सरकार ने विकास को नई रफ्तार देने का संकेत दिया है।
कुल मिलाकर, यह बजट राहत और विकास का संतुलित प्रयास माना जा रहा है, जिससे आम आदमी को तात्कालिक लाभ और देश को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।