वृन्दावन।ब्रज प्रेस क्लब और एनयूजेआई की वृंदावन इकाई के द्वारा आगामी 29 मई गुरूवार को आयोजित होने वाले हिन्दी पत्रकारिता दिवस समारोह के आमंत्रण कार्ड का विमोचन किया गया। विमोचन करते हुए एनयूजेआई के राष्ट्रीय सचिव और ब्रज प्रेस क्लब मथुरा के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता दिवस हम पत्रकारों के लिए एक उत्सव के समान है। इस उत्सव को हम सब मिलकर बड़ी धूमधाम से मनाऐगे।इस दिवस के माध्यम से पत्रकारों को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य होगा।
संरक्षक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व महेश वार्ष्णेय ने कहा कि समारोह में पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान होने वाली विभिन्न चुनौतियों और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने आदि को लेकर चिंतन व मनन के साथ वरिष्ठ पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया जाऐगा।
मार्गदर्शक जगन्नाथ पोद्दार ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत “बदलते दौर में पत्रकारिता का बदलता स्वरूप” विषय पर संगोष्ठी भी होगी। जिसमें देश भर से पत्रकारों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों से लोग शामिल होगें। जो राष्ट्र व समाज उत्थान में पत्रकारों की भूमिका पर चर्चा करेगें। इस अवसर पर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, महासचिव बलराम शर्मा, सचिव पार्थ कृष्ण गौतम, उपाध्यक्ष दिनेश चोधरी, मीडिया प्रभारी डाॅ राधाकांत शर्मा, गोपाल शर्मा, दुष्यंत दीक्षित, प्रशांत वार्ष्णेय उपस्थित रहे।
बरेली। बरेली शहर की पहचान और कुतुबखाना चौराह के पास लगी घड़ी जो घंटा घर के नाम से महसूर है काफी समय से खराब पड़ी हुई है पत्रकार ने जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी से पूछा कुतुबखाना पुल के ऊपर से घण्टाघर की घड़ी जो पुल से साफ दिखाई देती है घड़ी खराब है साथ में और लोगों से पूछा तो बताया कि घड़ी काफी समय से खराब है और घण्टे की आवाज़ भी बंद है। शहर की पहचान है कुतुबखाना घण्टाघर लेकिन पिछले कई महीने से घड़ी खराब है चारो तरह से घड़ी गलत समय बताती है, घड़ी के हर घण्टे बोलने वाली आवाज़ भी बंद है, काफी जिद्दोजहद के बाद 2022 जीर्णोद्धार हुआ था और दो ढाई साल में घड़ी फिर खराब हो गई, आधुनिक युग है यहाँ पर डिस्प्ले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों वाली घड़ी लग जाती तो बेहतर होता।
लगभग 91 लाख रुपये घण्टाघर के जीर्णोद्धार में खर्च हुए थे,यदि किसी को इसके मेंटिनेंस की व्यवस्था दी जाती तो घड़ी का रखरखाव समय से होता रहता,आज लगभग 5 माह का समय बीतने के बाद भी घड़ी खराब है।
समाजसेवी एवं निदेशक इनर इस्माइल केयर ग्रुप व लाइफ आर्ट एक्सपर्ट के विशेष कुमार ने कहा कि कुतुबखाना घण्टाघर शहर की एक पहचान है,इस पहचान कायम रखने के लिये घड़ी ठीक हो,कुतुबखाना महादेव पुल बनने से हज़ारो लोगों की निगाह में घड़ी आती है पर समय सही नही बता पाती।कुतुबखाना व्यापारी हाजी जावेद खान और अज़मी शकील सीटू ने कहा कि घड़ी की सुइयाँ उलटी घूमती है घण्टे की आवाज़ भी नही बजती।
जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खां वारसी ने नगर निगम प्रशासन कुतुबखाना घण्टाघर की घड़ी दुरुस्त कराने की मांग की है।
Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!