राष्ट्र जगत संवाददाता।
बरेली । थाना फरीदपुर क्षेत्र के गांव करपिया निवासी 30 वर्षीय महेंद्र पाल पुत्र स्वर्गीय लेखराज सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उसे बरेली निजी अस्पताल में भर्ती कराया था इसके बाद परिवार वालों का आरोप है की डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही से युवक की मौत हो गई परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवार वालों को शांत कराकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। और
परिजनों ने बताया महेंद्र पाल अपनी पिकअप चलाते थे उसी से परिवार का पालन पोषण करते थे हमेशा की तरह इस बार भी 15 फरवरी को मध्य प्रदेश के शिवपुरी माल लेने जा रहे थे जाते समय रास्ते में ग्वालियर जिला के थाना मोहना क्षेत्र में ट्रक ने पिकअप मैं टक्कर मार दी जिसमें एवरन और महेंद्र पाल दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना प घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायलों को ग्वालियर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया और परिवार वालों को सूचना दी परिवार वाले ग्वालियर पहुंचे और महेंद्र पाल एवरन को बरेली ले आए महेंद्र पाल को 17 तारीख को महाजन अस्पताल में भर्ती कराया उसका इलाज आईसीयू में चल रहा था लगभग 8 लाख रुपए खर्च हो गए 28 फरवरी को को डॉक्टर ने छुट्टी कर दी उसके बाद डॉक्टर बोले महेंद्र पाल को कल ले जाना आज मत ले जाओ तुम्हारे मरीज का कोई चार्ज नहीं लगेगा परिवार वाले इस बात को मान गए और 1 मार्च को ले जाना था रात में कंपाउंड या डॉक्टर द्वारा महेंद्र पाल के नाक से नली को निकाला उसके बहुत दर्द हो रहा था उसके बाद उसी स्टाफ ने दूसरी नली डालने लगे तब महेंद्र पाल को कष्ट हो रहा था चीखने लगा तभी डॉक्टर ने महेंद्र पाल के दोनों हाथ दोनों पैर बेड से बांध दिए और जबरदस्ती उनके नाक में नली डाली महेंद्र पाल बुरी तरह सीख रहे थे नली डालने के 5 मिनट बाद महेंद्र पाल ने तड़प तड़प के दम तोड़ दिया परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर कंपाउंडर की लापरवाही से महेंद्र पाल की मौत हो गई। परिवार वालों ने अस्पताल बालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
