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February 4, 2026

आशा से सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या , पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, दी चेतावनी

बरेली। जनपद बदायूं क्षेत्र में 19 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से टीकाकरण कर घर लौट रही आशा कार्यकर्ता के हुए अपहरण, सामूहिक बलात्कार और हत्या की नृशंस घटना ने पूरे प्रदेश की आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं को झकझोर दिया है। इस वीभत्स घटना के बाद प्रदेश भर की आशा कर्मियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात योगदान देने वाली महिलाओं की सुरक्षा ही जब सुनिश्चित नहीं है तो सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?
उक्त घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की बरेली टीम की आशा जिला अध्यक्ष शिववती साहू ने कार्यकर्ताओं ने साथ एक 7 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए कहा कि पीड़िता के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी हो, मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर त्वरित सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा प्रदेशभर की आशा कर्मियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन पर तय की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रसव संबंधी मौतों के मामलों में आशाकर्मियों को अकारण दोषी ठहराया जाता है। निजी अस्पतालों की मनमानी रोकने के लिए सीएमओ की संस्तुति अनिवार्य की जाए और ऐसे मामलों में आशाकर्मियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। वर्ष 2019 से मार्च 2022 तक की बकाया प्रोत्साहन राशि तथा वर्ष 2024–25 की राष्ट्रीय अभियान से जुड़ी सभी बकाया रकम का भुगतान शीघ्र कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान शिव वती साहू जिला अध्यक्ष, सुनीता गंगवार जिला उपाध्यक्ष, माया देवी जिला सदस्य कमेटी सदस्य आदि मौजूद रही।

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