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February 4, 2026

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, केंद्र से मांगा जवाब, 19 मार्च को अगली सुनवाई


नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार से जवाब भी तलब किया है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी।
UGC के इन नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, दिव्यांगता आदि आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना बताया गया है। नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में Equal Opportunity Centre, Equity Committee और Equity Squad गठित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
हालांकि, नियम लागू होते ही देशभर में इसका विरोध शुरू हो गया। विपक्षी दलों, सामान्य (जनरल) वर्ग के छात्रों और कई छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि नियमों में “जातिगत भेदभाव” की परिभाषा बहुत संकीर्ण रखी गई है, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत निवारण और संस्थागत सुरक्षा से वंचित किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे कुछ वर्गों को विशेष अधिकार मिलेंगे, जबकि अन्य वर्ग असुरक्षित रह जाएंगे।
इसी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई। याचिका में तर्क दिया गया है कि ये नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 15 (भेदभाव निषेध) और 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों को भेदभाव के विरुद्ध प्रभावी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार नहीं देते।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन आपत्तियों को गंभीर मानते हुए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी और केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
इस बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में छात्रों और संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कुछ संगठनों ने 1 फरवरी को भारत बंद का भी आह्वान किया है।
वहीं केंद्र सरकार और UGC का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ भेदभाव करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशिता और समान अवसर सुनिश्चित करना है। शिक्षा मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि नियमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर में श्रम कानूनों की खुलेआम अनदेखी


बिना वेतन और बिना नोटिस निकाले गए कर्मचारी, स्टाफ धरने पर
बिजनौर । सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना और बिना बकाया वेतन दिए अचानक कार्य से हटाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित अन्याय और श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन के विरोध में संस्थान का समस्त स्टाफ धरने पर बैठ गया है।
धरनारत कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने न तो किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और न ही महीनों की मेहनत की कमाई यानी बकाया वेतन का भुगतान किया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अचानक मौखिक रूप से काम से निकाल दिया गया, जिससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने बताया कि लेबर एक्ट के तहत किसी भी कर्मचारी को हटाने से पहले नोटिस देना और बकाया भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन ने इन सभी नियमों को ताक पर रख दिया। स्टाफ का आरोप है कि यह व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि श्रम कानूनों की खुली अवहेलना भी है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया वेतन दिलाया जाए।
धरना स्थल पर कर्मचारियों में भारी रोष देखा गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

राष्ट्र जगत संवाददाता

भुता । राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज भुता में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य यूनिस खान ने की। वहीं IGCSM मुख्यालय से आए प्रतिनिधि निर्मल चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन एवं शैक्षणिक समन्वय में प्रवक्ता कृष्णन स्वरूप की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति भाषण, गीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम और संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने भारतीय संविधान के मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ को मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भैंस चोरी करने आए बदमाश को ग्रामीणों ने दबोचा


राष्ट्र जगत संवाददाता: रामविलास गौतम
महोली, सीतापुर। महोली थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से डरे ग्रामीण अब अपने मवेशियों की स्वयं निगरानी करने को मजबूर हो गए हैं। इसी सतर्कता के चलते बीती रात भैंस चोरी की एक बड़ी वारदात टल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25–26 जनवरी 2026 की रात महोली थाना क्षेत्र के ग्राम सहतीनगर मोहनिया में भैंस चोरी करने आए चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान एक बदमाश को पकड़ने की कोशिश में राजकुमार अवस्थी पुत्र भगवत सहाय के सिर में तमंचे की बट लगने से गंभीर चोट आ गई। घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों ने एक चोर को मौके पर दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी हवाई फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम भैयालाल शुक्ल बताया है, जो ग्राम पितांबरपुर, पुलिस चौकी बड़ागांव, महोली का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
सूचना मिलते ही महोली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। साथ ही क्षेत्र में पहरा बढ़ा दिया गया है।
गौरतलब है कि करीब छह माह पूर्व भगवत सहाय के बेटों की एक भैंस चोरी हो चुकी थी, जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

“जहां लेते थे ज्ञापन, वहीं धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री

“प्रशासन में हलचल: निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री का खुला प्रदर्शन”

बरेली। निलंबन की कार्रवाई के बाद पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री खुलकर सड़क पर उतर आए। मंगलवार को उन्होंने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी निलंबन कार्रवाई को “अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ” बताया।
प्रदर्शन के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा संविधान, कानून और जनहित को सर्वोपरि रखा है। उनका आरोप है कि सच बोलने और जनभावनाओं के पक्ष में खड़े होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर उस अधिकारी और नागरिक की है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहता है।”
डीएम कार्यालय के बाहर जुटे समर्थकों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निलंबन वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अलंकार अग्निहोत्री ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया है और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है।
प्रदर्शन के मद्देनज़र मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रदर्शन के अंत में अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही और संकेत दिया कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

यूजीसी बिल व शंकराचार्य प्रकरण के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा

बरेली। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रदेश के प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यह इस्तीफा यूजीसी बिल और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई कथित घटना के विरोध में दिया है। खास बात यह रही कि उन्होंने 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन यह कदम उठाकर सभी को चौंका दिया।
अलंकार अग्निहोत्री द्वारा राज्यपाल एवं निर्वाचन आयोग को भेजा गया सात पन्नों का इस्तीफा सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने इस्तीफे में उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लिखा है कि वर्तमान व्यवस्था में न जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” स्थापित हो गया है। उन्होंने यूजीसी बिल को लेकर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस्तीफे में उन्होंने स्वयं को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा का अधिकारी बताते हुए अपनी शिक्षा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से होने का उल्लेख किया है। साथ ही प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने लिखा कि ब्राह्मणों एवं बटुकों की शिखा पकड़कर की गई मारपीट धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है, जिससे वह व्यक्तिगत रूप से अत्यंत आहत हैं। उन्होंने इसे अपने आत्मसम्मान और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए पद पर बने रहना उचित नहीं समझा।
इस अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद प्रशासनिक महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं और पूरे प्रदेश में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

जन्मदिन विशेष : युवा नेतृत्व का भरोसेमंद चेहरा — राजू उपाध्याय

संपादक सौरभ शर्मा
भाजपा युवा मोर्चा आंवला के जिला अध्यक्ष, युवाओं के प्रेरणास्रोत
बरेली। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा आंवला के जिला अध्यक्ष, युवाओं में अत्यंत लोकप्रिय एवं ऊर्जावान नेतृत्वकर्ता श्री राजू उपाध्याय का जन्मदिन आज पूरे क्षेत्र में उत्साह, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बरेली जनपद के कांधरपुर निवासी, किशन परिवार से संबंध रखने वाले राजू उपाध्याय ने अपने परिश्रम, अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा के बल पर बहुत कम समय में युवाओं के बीच अपनी एक मजबूत और विशिष्ट पहचान बनाई है।
राजू उपाध्याय शुरू से ही सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं। छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रसेवा और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे। भाजपा युवा मोर्चा के माध्यम से उन्होंने युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, उन्हें राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक करने का निरंतर कार्य किया है।
उनके नेतृत्व में युवा मोर्चा आंवला ने रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, नशामुक्ति जागरूकता, जरूरतमंदों की सहायता और राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करने वाले अनेक कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए। वे केवल एक पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सुख-दुख के सच्चे सहभागी के रूप में पहचाने जाते हैं।
संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन और जनता के प्रति संवेदनशीलता ही उन्हें युवाओं का प्रिय नेता बनाती है। जन्मदिन के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना की।
क्षेत्रवासियों को विश्वास है कि राजू उपाध्याय आने वाले समय में भी इसी ऊर्जा, ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज व संगठन की सेवा करते रहेंगे और बरेली का नाम गौरवान्वित करेंगे।

डिजिटल इंडिया, AI और साइबर अपराध: अवसरों के साथ बढ़ती चुनौतियाँ


भारत तेजी से डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहा है। आज सरकारी सेवाओं से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और व्यापार तक लगभग हर क्षेत्र डिजिटल मंचों पर आ चुका है। इसी डिजिटल क्रांति का अगला चरण है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जो कार्यप्रणाली को तेज, सटीक और अधिक प्रभावी बना रहा है। लेकिन तकनीक के इस विस्तार के साथ-साथ साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है।
AI आज प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ा रहा है, किसानों को मौसम की जानकारी दे रहा है, डॉक्टरों को बीमारी पहचानने में मदद कर रहा है और उद्योगों में उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है। स्टार्टअप संस्कृति को भी AI से नया बल मिला है। ‘डिजिटल इंडिया’ ने आम नागरिक को सशक्त किया है—आज मोबाइल से ही राशन कार्ड, आयुष्मान, आधार, बैंकिंग और सरकारी शिकायतें संभव हैं। यह बदलाव भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति दिला रहा है।
परंतु इसी डिजिटल निर्भरता ने अपराध की नई दुनिया भी रच दी है। फिशिंग, ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग, डेटा चोरी, डीपफेक और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध आम होते जा रहे हैं। आम नागरिक ही नहीं, बल्कि बैंक, अस्पताल और सरकारी संस्थान भी साइबर हमलों के निशाने पर हैं। चिंता का विषय यह है कि AI का दुरुपयोग कर अपराधी और अधिक शातिर तरीके से लोगों को ठग रहे हैं, जिससे सत्य और असत्य में अंतर करना कठिन होता जा रहा है।
आज आवश्यकता है कि तकनीकी विकास के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाए। स्कूल स्तर से साइबर जागरूकता, मजबूत डेटा संरक्षण कानून, त्वरित साइबर न्याय प्रणाली और पुलिस-प्रशासन को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही नागरिकों को भी अनजान लिंक, फर्जी कॉल और संदिग्ध ऐप्स से सतर्क रहना होगा।

एड. सौरभ शर्मा
प्रधान संपादक
राष्ट्र जगत दैनिक अखबार

शिव मंदिर परिसर में देवी माता मंदिर जागरण, राठौर परिवार द्वारा भव्य आयोजन

राष्ट्र जगत संवाददाता

बरेली । फ़रीदापुर चौधरी में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर परिसर में स्थित देवी माता मंदिर में राठौर परिवार के तत्वावधान में भव्य जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से परिपूर्ण इस जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और भजनों का आनंद लिया। पूरा मंदिर परिसर देर रात तक “जय माता दी” के जयघोष से गूंजता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन और माता की आरती के साथ की गई। इसके बाद आमंत्रित भजन गायकों द्वारा मां दुर्गा के भक्ति गीत, भजन एवं जागरण प्रस्तुत किए गए, जिस पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। भजनों के माध्यम से शक्ति, भक्ति और संस्कारों का सुंदर संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान माता की आकर्षक झांकी भी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर राष्ट्र जागरण युवा संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार, कमल जगवानी एवं सौरभ शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन के लिए राठौर परिवार को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से सनातन संस्कृति से जुड़ने और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान भी किया।

राष्ट्र जागरण युवा संगठन द्वारा 22 जनवरी को अभिनंदन समारोह का आयोजन


बरेली। राष्ट्र जागरण युवा संगठन के तत्वावधान में आगामी 22 जनवरी 2026, गुरुवार को एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उपजा प्रेस क्लब, बरेली में दोपहर 4 बजे से प्रारंभ होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले सम्मानित व्यक्तियों/पदाधिकारियों/अधिवक्ताओं  का अभिनंदन एवं सम्मान करना है। आयोजकों के अनुसार यह समारोह युवाओं में सामाजिक चेतना, संगठनात्मक एकता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देगा।
राष्ट्र जागरण युवा संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक एवं आमजन की उपस्थिति अपेक्षित है।
आयोजकों ने नगर के सभी सम्मानित नागरिकों से कार्यक्रम में समय पर पहुंचकर समारोह की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।