बरेली। समाजवादी पार्टी के पार्षद दल के नेता और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष गौरव सक्सेना द्वारा नगर निगम की जन समस्याओं को लेकर वार्डों में चलाई जा रही जनसंवाद और सद्भावना यात्रा चौथे दिन सीबीगंज क्षेत्र बाकरगंज और पुराने शहर के वार्डो का दौरा कर लोगों से संवाद कर वहां की समस्याओं को जाना। सीबीगंज क्षेत्र में सड़के न बने होने गलियों में जल भराव की समस्या लेबर कॉलोनी वाले नाले की सालों से सफाई न होना सारनिया में 70 मीटर नाला बीच बनने से छूटने के कारण होने के कारण बरसात में सड़कों पर पानी बहने की समस्या पता चली। सबसे बड़ी समस्या बाकरगंज के क्षेत्र में कूड़े के पहाड़ की है जिसके लिए नगर निगम में भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार के मुखिया महापौर डॉ उमेश गौतम ने यहां की जनता से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलवाकर बाकरगंज के कूड़े के खड्ड की समस्या का समाधान करने का वादा किया था लेकिन 2 साल के पूरे होने के बाद भी वह वादा अभी तक अधूरा है इसीलिए नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते बाकरगंज के कूड़े के खड्ड पर खड़े होकर यह शपथ लेते हैं कि इस समस्या के समाधान के लिए हर स्तर पर जाकर जनहित में लड़ाई लड़ेंगे और इसका समाधान करा कर रहेंगे जिसके कारण वर्षों से आसपास के क्षेत्रवासियों का जीवन से नरक बना हुआ है यहां के क्षेत्र वासियों ने बताया कि अक्सर कूड़े की गाड़ियों के चक्कर में जाम लग जाता है कुछ समय पहले एक एंबुलेंस भी जाम में फस गई थी जिसके कारण यहां के महिला को इलाज के अभाव में अपनी जान तक गंवानी पड़ी नगर निगम की लापरवाही के कारण यहां के लोगों की जिंदगी बेहाल है कूड़े और गंदगी के ढेर में रहना पड़ रहा है, दूसरी बड़ी समस्या यहां के लोगों को एक साथ भारी भरकम टैक्स के बिल भेज दिए गए हैं जबकि यहां के लोगों के लिए निगम के द्वारा कोई सुविधा नहीं मिलती बल्कि रोज पूरे शहर का कूड़ा यहां पर बड़ी गाड़ियों से भर भर कर आता है जिसके कारण यहां की सड़क भी सब टूट गई है और बरसात में सड़क पर कूड़ा फैला रहता है जिस कारण दलदल बन जाता है और लोगों को निकलने में परेशानी होती है।
इसके अलावा पुराना शहर के कांकर टोला, हजियापुर, एजाजनगर गोटिया आदि क्षेत्रों में भी जगह-जगह सड़कों पर गड्ढे होने के कारण जनता को अत्यधिक असुविधा हो रही है।
उन्होंने बताया कि कल इन सभी समस्याओं को लेकर नगर निगम में 11:00 बजे ज्ञापन नगर आयुक्त जी को सौंपेंगे और उसके बाद उनसे समाधान की उम्मीद करेंगे और अगर समाधान नहीं हुआ इसके बाद तो जल्द बड़ा आंदोलन प्रदर्शन करेंगे।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि जब वह बाकरगंज कूड़ा का खत देखने के लिए उसके निस्तारण हेतु अंदर लगे प्लांट की तरफ गए तब गार्ड भी नहीं था और वह आसपास के क्षेत्र वासियों के साथ अंदर जाकर कूड़े का पहाड़ देख रहे थे और जब वापस लौटे तो पता चला प्लांट के मैनेजर ने किसी से फोन पर बात कर गेट पर ताला डालकर सबको बंद कर लिया जिस पर गौरव सक्सेना द्वारा आपत्ति जताई गई उन्होंने कहा कि अंदर जाने से पहले गार्ड को बाहर रोकना चाहिए था और एंट्री करनी चाहिए थी जब गार्ड या अन्य कोई कर्मचारी गेट पर नहीं है गेट खुला हुआ है तब मैं अंदर गए और वापस लौटने पर उनके सहित आसपास के क्षेत्र वासियों को गेट पर ताला लगाकर रोक लेना अपमान करने जैसा है जिसकी शिकायत वह निगम में करेंगे।
आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सनी मिर्जा, अशफाक चौधरी, शाहजेब हसन, पीतांबर यादव, कुलदीप यादव, उस्मान अल्वी, बाबा मियां, मेराज अंसारी, मानसिंह यादव, लखपत सुल्तानी, अनीस मियां, संजीव कश्यप आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
= प्रेस काउंसिल के पूर्व सदस्य अशोक नवरत्न ने भी समझाया – कैसे हो नये दौर की पत्रकारिता
बरेली। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया (एनयूजेआई) यू पी के अध्यक्ष व पूर्व सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश वीरेंद्र सक्सेना बरेली पहुंचे। उनके साथ प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व सदस्य अशोक कुमार नवरत्न व प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन भी थे। बरेली में उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं उद्यमी वरिष्ठ पत्रकार डॉ पवन सक्सेना ने अपने सभी पत्रकार साथियों के साथ लखनऊ से आए वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत किया। पत्रकारों के प्रदेश नेतृत्व ने सभी को एकजुट रहने का संदेश दिया। उपजा प्रेस क्लब में पत्रकारिता दिवस पर लखनऊ से आए कई पत्रकारों का सारस्वत सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र के साथ ही पटका एवं फूल मालाओं से भी स्वागत किया गया। उपजा प्रेस क्लब बरेली में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, महामंत्री मुकेश तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना, वीरेंद्र अटल आदि ने सभी आगंतुक पत्रकारों के विचारों को साझा किया। उपजा प्रेस क्लब में हुए कार्यक्रम में लखनऊ के वीरेन्द्र सक्सेना (पूर्व सूचना आयुक्त यू पी एवं दैनिक जागरण के पूर्व यू पी हेड) एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया यू पी इकाई अध्यक्ष, अशोक नवरत्न (भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य), संतोष भगवन (संपादक दैनिक लोकमित्र) व निर्मल कांत शुक्ला को सम्मानित किया गया। उपजा प्रेस क्लब में अनूप मिश्रा, कुमार रहमान, मनवीर सिंह, सुनील सक्सेना, दीपक शर्मा, विकास सक्सेना, पुत्तन सक्सेना, शुभम सिंह, सुयोग्य सिंह, विजय सिंह, अशोक शर्मा, अजय मिश्रा, महेश पटेल, विवेक मिश्रा, नीरज आनंद, आदि ने माल्यार्पण कर फूलों से लाद दिया। उत्तर प्रदेश पत्रकार मान्यता समिति के सदस्य अशोक कुमार नवरत्न ने उपजा प्रेस क्लब को 11 हजार रुपए की धनराशि भेंट की। इससे पूर्व अनंत वास्तु पर भी बीजेपी ब्रज प्रांत के मीडिया प्रभारी एवं उपजा के उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने लखनऊ से आए वरिष्ठ पत्रकारों का पटका पहनाकर स्वागत किया। सभी पत्रकारों ने बरेली के नाथ नगरी के मंदिर के अलावा बांके बिहारी मंदिर, भगवान वेंकटेश्वर मंदिर, एवं चुन्ना मियां मंदिर के भी दर्शन किए उनके साथ निर्भय सक्सेना, मुकेश तिवारी, वीरेंद्र अटल एवं कायस्थ चेतना मंच के अध्यक्ष संजय सक्सेना भी साथ रहे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की प्रदेश नेत्री श्रीमती अनीता मुकेश के आवास पर भी चाय पर चर्चा की। निर्भय सक्सेना
सत्ता एक्सप्रेस समाचार पत्र ने एक कहावत सिद्ध कर दी
अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपने को दे”
बरेली। जहां एक तरफ हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर अनेकों कार्यक्रम जगह जगह पत्रकारों के लिए आयोजित किए गए वही बरेली जिला में रोहिलखंड यूनिवर्सिटी के प्रांगण में सत्ता एक्सप्रेस समाचार पत्र द्वारा हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम आयोजक बरेली के आलोक सक्सेना ब्यूरो चीफ ने एक दिन पूर्व बरेली से प्रकाशित दैनिक समाचार सम्पादक से उपजा में अपने कार्यक्रम की चर्चा की तब उन्होंने कहा मै साथ हूँ। उनके द्वारा कार्यक्रम में 2 बजे से अपने साथियों के साथ 5 बजे तक प्रबंधन किया जहां सरस्वती माता की पोट्रेट नहीं थी कार्यक्रम में तुरंत उपलब्ध करवाई अचानक मुख्य अतिथि के आने का समय हुआ तो एक प्लेट बैच रखने को उपलब्ध करवाई उसके बाद जब पत्रकारों का सम्मान हुआ, तब उन्होंने कहा पत्रकार की संख्या अधिक है हमारे पास सम्मान पत्र बहुत कम है, इस पर संपादक ने कहा आप ऐसा करे कि हमारा नाम सम्मान से हटवा दे क्यों कि हम आपके सहयोगी है तन मन धन से, जबकि हमारे सम्मानित पत्रकार जो कि न्यूज चैनल से व दैनिक अखबार से आए हुए है उनका सम्मान अवश्य करवाए लेकिन राजनीति चरम पर इस प्रकार है कि आज कल अपने अपने को लोग सम्मानित करते है।उन्हें इससे मतलब नहीं किसने आपके लिए क्या किया। 3 से 4 बार याद दिलवाया गया क्यों कि ऐसे कार्यक्रम में याद नहीं रहता किसका सम्मान होना है किसका नहीं। उसके बाद पत्रकारों का विरोध शुरू हुआ । वही जहां हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सम्मान की बात करते है वहीं 3 घंटे पत्रकारों को बैठाए रखा ना ही पानी ना ही चाय और उसके बाद अपमान ऐसे किया जैसे कि आज के बाद कभी हमें जानना नहीं और पहचाना नहीं। काफी पत्रकारों में रोष व्याप्त है, पत्रकार से अपमान सत्ता एक्सप्रेस अखबार के लिए एक अभिशाप साबित होगा, कार्यक्रम में आगे पीछे सबको बुलाया गया, किसी को दिया सम्मान पत्र तो किसी को केवल फूल, साथ ही सबका समय खराब करवाया वो अलग, सिर्फ भाषण पर ही पूरा प्रोग्राम केन्द्रित रहा। जिला सूचना अधिकारी जी को भी बोलने के लिए नहीं कहा गया। एक फ्रेम और गिफ्ट के लिए सब कार्यक्रम अस्त व्यस्त कर दिया। ऐसा लगा आपस में आयोजकों में समन्वय ही नहीं था। कुल मिलाकर कार्यक्रम में क्या चल रहा है य़ह समझ से बाहर है। फिलहाल कार्यक्रम लगभग नीरसता से भरा था, ऐसे कार्यक्रम पत्रकारों का मनोबल गिराते हैं।
सत्ता एक्सप्रेस समाचार पत्र ने एक कहावत सिद्ध कर दी
अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपने को दे”
बरेली। जहां एक तरफ हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर अनेकों कार्यक्रम जगह जगह पत्रकारों के लिए आयोजित किए गए वही बरेली जिला में रोहिलखंड यूनिवर्सिटी के प्रांगण में सत्ता एक्सप्रेस समाचार पत्र द्वारा हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम आयोजक बरेली के आलोक सक्सेना ब्यूरो चीफ ने एक दिन पूर्व बरेली के सम्पादक से उपजा में अपने कार्यक्रम की चर्चा की तब उन्होंने कहा मै साथ हूँ। उनके द्वारा कार्यक्रम में 2 बजे से अपने साथियों के साथ 5 बजे तक प्रबंधन किया जहां सरस्वती माता की पोट्रेट नहीं थी कार्यक्रम में तुरंत उपलब्ध करवाई अचानक मुख्य अतिथि के आने का समय हुआ तो एक प्लेट बैच रखने को उपलब्ध करवाई उसके बाद जब पत्रकारों का सम्मान हुआ, तब उन्होंने कहा पत्रकार की संख्या अधिक है हमारे पास सम्मान पत्र बहुत कम है, इस पर संपादक ने कहा आप ऐसा करे कि हमारा नाम सम्मान से हटवा दे क्यों कि हम आपके सहयोगी है तन मन धन से, जबकि हमारे सम्मानित पत्रकार जो कि न्यूज चैनल से व दैनिक अखबार से आए हुए है उनका सम्मान अवश्य करवाए लेकिन राजनीति चरम पर इस प्रकार है कि आज कल अपने अपने को लोग सम्मानित करते है।उन्हें इससे मतलब नहीं किसने आपके लिए क्या किया। 3 से 4 बार याद दिलवाया गया क्यों कि ऐसे कार्यक्रम में याद नहीं रहता किसका सम्मान होना है किसका नहीं। उसके बाद पत्रकारों का विरोध शुरू हुआ । वही जहां हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सम्मान की बात करते है वहीं 3 घंटे पत्रकारों को बैठाए रखा ना ही पानी ना ही चाय और उसके बाद अपमान ऐसे किया जैसे कि आज के बाद कभी हमें जानना नहीं और पहचाना नहीं। काफी पत्रकारों में रोष व्याप्त है, पत्रकार से अपमान सत्ता एक्सप्रेस अखबार के लिए एक अभिशाप साबित होगा, कार्यक्रम में आगे पीछे सबको बुलाया गया, किसी को दिया सम्मान पत्र तो किसी को केवल फूल, साथ ही सबका समय खराब करवाया वो अलग, सिर्फ भाषण पर ही पूरा प्रोग्राम केन्द्रित रहा।
जिला सूचना अधिकारी जी को भी बोलने के लिए नहीं कहा गया। एक फ्रेम और गिफ्ट के लिए सब कार्यक्रम अस्त व्यस्त कर दिया। ऐसा लगा आपस में आयोजकों में समन्वय ही नहीं था। कुल मिलाकर कार्यक्रम में क्या चल रहा है य़ह समझ से बाहर है।
फिलहाल कार्यक्रम लगभग नीरसता से भरा था, ऐसे कार्यक्रम पत्रकारों का मनोबल गिराते हैं।
विविध संवाद के पत्रकारिता विशेषांक हुआ विमोचन
बरेली । मानव सेवा क्लब और भारतीय पत्रकारिता संस्थान के 42 वें वार्षिकोत्सव पर स्व. सुरेन्द्र बहादुर सिन्हा, शांति और रुचि मलिक स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन गुरुवार को रोटरी भवन में हुआ। लखनऊ से पधारे पूर्व सूचना आयुक्त और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीरेन्द्र सक्सेना ने कहा कि हालांकि राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका रही है लेकिन पत्रकारिता करना आसान नहीं है। सोशल मीडिया ने पत्रकारिता को पत्रकारिता नहीं रहने दिया उसका रूप बिगाड़ दिया। लखनऊ से ही आये वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार नवरत्न और संतोष भगवन ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की झूठी-सच्ची पत्रकारिता पर कटाक्ष किया। भारतीय पत्रकारिता संस्थान के निदेशक सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है अब पत्रकारिता धरातल से नहीं हो रही है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन सक्सेना ने कहा कि पत्रकारिता से लोग बहुत उम्मीद रखते हैं लेकिन पत्रकारिता को को वह क्या दे रहे हैं यह एक प्रश्न है।विविध संवाद के पत्रकारिता विशेषांक का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया। पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रम में “राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका पर” गहन चर्चा हुई। “27 वां सुरेन्द्र बहादुर सिन्हा पत्रकारिता सम्मान” लखनऊ से पधारे पूर्व सूचना आयुक्त वीरेंद्र सक्सेना को दिया गया। “14 वां शान्ति सिन्हा पत्रकारिता सम्मान” पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अलीगढ़ के संतोष भगवन,लखनऊ के अशोक कुमार नवरत्न और बरेली के निर्भय सक्सेना को दिया गया। जबकि बरेली की जानी-मानी वरिष्ठ कवयित्री किरन प्रजापति दिलवारी को ” रुचि मलिक साहित्य सम्मान” प्रदान किया गया। 15 स्थानीय पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मधु वर्मा द्वारा प्रस्तुत मां शारदे की वंदना से हुआ। अरुण सिन्हा और शकुन सक्सेना ने वन्देमातरम गीत गाया। प्रकाश चंद्र सक्सेना ने आव्हान गीत और सभी का स्वागत सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने किया। अध्यक्षता पूर्व मेयर डा. आई.एस. तोमर ने की। क्लब की गतिविधियों की जानकारी महासचिव प्रदीप माधवार ने दी। सभी का आभार नरेश मलिक और डी-डी.शर्मा ने व्यक्त किया। इन्द्र देव त्रिवेदी, सत्येन्द्र सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना,अवनीश यादव,फहीम करार, अभय भटनागर,सत्या शर्मा,मंजू लता,मधुरिमा सक्सेना, रश्मि,अनिला, सत्या
शर्मा,प्रियदर्शिनी शर्मा,महेश शर्मा,असित रंजन, रमेश गौतम,सुनील कुमार शर्मा मौजूद रहे।
एनजीओ की महिलाओं की मदत से एक महिला को मिला अपना घर
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली । राष्ट्र जागरण युवा संगठन महिला मोर्चा के द्वारा दिन प्रतिदिन समाजिक सांस्कृतिक कार्य एवं महिलाओं को अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक किया जाता है वही आज कम्पनी गार्डन मे जिला अध्यक्ष प्रियंका कपूर द्वारा जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत जाना हुआ जहां उन्होंने देखा कि एक रोती हुयी महिला मिली काफी परेशान लग रही थी उसके पास पहुंच कर प्रियंका कपूर ने उस महिला से उसका हाल पुछा तो पता चला उसके घर वालो ने उसे घर से निकाल दिया ये सुन कर संगठन के प्रतिनिधि मंडल में हिना भोजवानी , सुमन भाटिया , नेहा बलराम आदि महिला एक साथ मिलकर उसके घर शिकलापुर पहुंचे तो घर वालो से बात की तब पता चला कि उसके माता पिता ने घर से बेघर कर दिया था । उस महिला का कुछ समय पहले तलाक़ का केस चल रहा था तब उसके अपने घर वाले ने उसका साथ छोड़ दिया था वो महिला दर दर भटकती थी आज संगठन की महिलाओं की नजर लड़ी तो उस महिला को सम्मान से घर पहुचाया और घर वालो ने भी कहा है गलती है हमारी अब नही निकालेगे । आगे से कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा । उस बेटी को अपने मातापिता का घर वापस मिला गया ।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली । किसान एकता संघ ने किसान नेता डॉक्टर रवि नागर के नेतृत्व में आज 300 बेड सरकारी अस्पताल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर प्रशासन द्वारा निजी संस्थाओं को संचालन के लिए दिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट बरेली को सौंपा।
किसान एकता संघ के सैकड़ो पदाधिकारी पहले दामोदर स्वरूप पार्क में इकट्ठा हुए वहां से जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
किसान नेता डॉ रवि नगर ने बताया की इस जनहितकारी अस्पताल के लिए किसान एकता संघ में लगभग 6 महीने पूर्व से आंदोलन किया हुआ था। जिसको लेकर 26 मार्च को पदयात्रा की घोषणा की थी। किंतु मुख्यमंत्री का 27 मार्च को कार्यक्रम लगने की वजह से जिला प्रशासन के आग्रह पर हमने वह पदयात्रा स्थगित कर दी। 27 मार्च को प्रशासन ने प्रभारी मंत्री एवं सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर से मुलाकात कराई। जिसके फल स्वरुप 1 अप्रैल को बरेली आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस 300 बेड सरकारी अस्पताल को मेडिकल हब बनाने की घोषणा की जिसको लेकर बरेली ही नहीं आसपास के जिलों के आम आदमी को बड़ी राहत महसूस हुई। किंतु अभी कुछ दिन पूर्व समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी हुई की सरकार इसको पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर चलने का विचार कर रही है। किसान एकता संघ इसका घोर विरोध करता है एवं किसी भी कीमत पर इसे निजी हाथों में जाने नहीं दिया जायेगा। किसान नेता डॉ रवि नगर ने कहा कि आज ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन एवं शासन को हम यह चेतावनी देने आए हैं कि अगर सरकार में अपने निर्णय को नहीं बदला तो किसान एकता संघ जनहित में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। चाहे इसके लिए हमें सड़क पर भी उतरना पड़े तो भी हम इसे निजी हाथों में नहीं जाने देंगे क्योंकि निजी हाथों में जाने के बाद जो सरकारी अस्पताल से आम आदमी को चिकित्सा सेवाएं निशुल्क मिलेंगी वह नहीं मिल सकेंगी। बरेली के अंदर पहले ही बहुत प्राइवेट हॉस्पिटल से जिसमें गरीब मजदूर एवं किसानों को इलाज करना मुश्किल है। राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार ने कहा कि यह आम जनता के साथ धोखा है। प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि हमने आंदोलन इसलिए नहीं किया था की सरकार इस अस्पताल को उद्योगपतियों के हवाले करें, और आम आदमी का शोषण हो।
ज्ञापन प्रेषित करने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा पंडित राजेश शर्मा,प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी श्यामपाल गुर्जर, मंडल अध्यक्ष बोहरन लाल गुर्जर, मंडल प्रभारी चौधरी मोहकम सिंह, मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा जयसिंह यादव, मंडल महासचिव खेतल सिंह,जिला अध्यक्ष सोरन सिंह गुर्जर, मंडल मीडिया प्रभारी अमरजीत सिंह,जिला उपाध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंह, कैप्टन ओंकार सिंह, जिला महासचिव अवधेश गुर्जर, मैनेजर खान, पप्पू सिंह नेताजी, घनश्याम गुर्जर, लखपत सिंह यादव, वीरेश भगत जी, राजेंद्र प्रधान, धनपाल मौर्य, रंजीत पाल, शिवम दुबे, शहादत खान, आजाद खान, अवधेश गुर्जर आदि बड़ी संख्या में किसान एकता संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह काहलों के नेतृत्व में मंडल आयुक्त को किसानों की समस्याओं के निदान के लिए ज्ञापन दिया जिसमे चीनी मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने, किसानों की मेहनत को देखते हुए गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति कुंतल करने, बिजली के निजीकरण पर अविलम्ब रोक लगाने की मांग की है उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को उजाडा जा रहा है सरकार इसके लिए कोई ठोस कारगर कदम नहीं उठा रही है, जनपद पीलीभीत में बाघ रिजर्व टाइगर क्षेत्र से निकलकर खेतों में काम करें किसानों पर हमला कर रहे हैं जिससे कई किसान मौत के मुंह में जा चुके हैं उन्होंने वन विभाग पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है किसानों की लागत महंगाई को देखते हुए धान का मूल तीन हजार रुपए प्रति कुंतल किया जाए, नहरों की सफाई न होने के कारण किसानों को भरपूर सिंचाई को पानी नहीं मिल पा रहा है नहरों की सफाई तुरंत की जाए, मंडल की समस्त साधन समितियो पर डीएपी एन पी के , प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की है मंडल के प्रत्येक जिले में सर्वे कराकर पात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री सुलभ शौचालय की सुविधा प्रदान की जाए, मंडी समिति में किसानों को ठहरने का लाभ नहीं मिल पा रहा है इंडिया मार्का का जो हैंडपंप है खराब पड़े हैं तुरंत इसकी मरम्मत की जाए गर्मी के मौसम में किसानों को पीने के पानी की व्यवस्था सुचारू की जाए।
प्रदर्शन के दौरान चौधरी शिशुपाल सिंह , चौधरी सोमवीर सिंह , वेद प्रकाश शर्मा , सतविंदर सिंह काहलों, विजेंद्र सिंह यादव, रामा शंकर शंखधार, अनिल सिंह यादव , गुरदीप सिंह , दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली । देश में हो रही मॉब लिंचिंग का विरोध करते हुए सियासी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम मियां ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में दिया।
वसीम मियां ने कहा की भारत में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कानून को प्रभावी और व्यापक बनाने का आग्रह किया। ये हिंसक घटनाएँ, जो प्रायः अफवाहों, सांप्रदायिक तनावों या स्वयंभू न्याय के कारण होती हैं. हाशिए पर रहने वाले समुदायों में भय का माहौल पैदा करती हैं और संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त जीवन के अधिकार का हनन करती हैं।
हाल के नए आपराधिक कानूनों में मॉब लिंचिंग को मॉबोक्रेसी का भयानक कृत्य करार देते हुए केंद्र और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर कानून बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन प्रभावी रोकथाम, त्वरित न्याय और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए एक समर्पित कानूनी ढांचा आवश्यक है। सियासी मंच ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि संसद एक कठोर मॉब लिंचिंग विरोधी कानून को प्राथमिकता दे। जिसमें मॉब लिंचिंग और घृणा अपराधों की स्पष्ट परिभाषा और वर्गीकरण, अपराधियों के लिए कठोर दंड और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय, पीड़ितों के लिए मुआवजा और कमजोर समुदायों की सुरक्षा के प्रावधान , एनसीआरबी जैसे निकायों द्वारा समयबद्ध डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग ,सियासी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम मियाँ ने कहा हम माननीय राष्ट्रपति से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेरित करने का अनुरोध करते हैं। ज्ञापन के दौरान मोईन खां, शाहिद, अतफ़ खान, जारिफ गद्दी फ़ाज़िल अंसारी, ज़हीर खान शारिक, सयद मो अकरम, परवेज़ आलम, शीराज़, कल्लू प्रधान, इरशाद रज़ा, ओवैस खान, परवेज़ कुरैशी मौजूद रहे।
बरेली। भोजीपुरा क्षेत्र के रम्पुरा माफी गांव में दो दिन पहले हुए सनसनीखेज कत्ल का खुलासा सोमवार को हो गया। पुलिस ने हत्यारोपी एहसान खां को बिल्वा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई छुरी और खून से सने कपड़े भी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में एहसान ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पुराने साथी बाबू खां को पत्नी से नजदीकियों के शक में मार डाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
मृतक बाबू खां और आरोपी एहसान खां पहले एक साथ लूटपाट की वारदातें करते थे और कई बार जेल भी गए। जेल में रहते हुए एहसान को शक हुआ कि उसकी पत्नी अमरीना और बाबू खां के बीच कुछ गलत चल रहा है। उसका कहना है कि जब वह जेल में था, तो बाबू खां उसकी पत्नी को कचहरी में लेकर आता-जाता था। वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाहर निकलते ही एहसान को इसकी भनक लगी और उसने बाबू खां से बातचीत बंद कर दी।
हत्या से एक दिन पहले बाबू खां गांव के ही इसराईल के मकान पर मजदूरी करने आया था। अगले दिन जब वह मिट्टी डालने की बात कर रहा था, तभी एहसान ने अपने घर के भीतर रखी छुरी उठाई और उसे घर के बाहर ही ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। हमले के बाद वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार रात 2.40 बजे बिल्वा पुल के पास से एहसान को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर गांव के बाहर मेंथा के खेत से छुरी और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।
एहसान का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ 1995 से लेकर अब तक लूट, डकैती और हत्या जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के दौरान भोजीपुरा इंस्पेक्टर प्रवीन सोलंकी, तेजपाल सिंह और आरक्षी हिमांशु कुमार की टीम ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उसे कोर्ट में पेश कर दिया है।