बरेली। बाबा संत गाडगे धोबी समाज सेवा समिति द्वारा सिठौर स्थित नई बस्ती में संत गाडगे महाराज की जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समिति की ओर से 101 जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्ग की महिलाओं को सहयोग प्रदान करना तथा संत गाडगे महाराज के सेवा, स्वच्छता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत संत गाडगे महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों और समिति सदस्यों ने उनके आदर्शों को याद करते हुए समाज सेवा का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि राजवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के पिछड़े और जरूरतमंद लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कालीचरण दिवाकर ने की। उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंदों की सहायता करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। विशिष्ट अतिथियों में तारा चंद्र, ओमकार सिंह, महावीर, बृज पाल दिवाकर, ओम प्रकाश कनोजिया, आर्य वर्मा, संतोष कनोजिया, चंद्र पाल भास्कर, विद्यानाम दिवाकर एवं छोटे लाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने समिति के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक संतोष दिवाकर तथा सह-आयोजक रमेश चंद्र वर्मा ने आयोजन की समुचित व्यवस्था संभाली। उन्होंने बताया कि समिति का उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग को वास्तविक सहायता पहुंचाना है। वस्त्र वितरण के दौरान महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई महिलाओं ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से उन्हें बड़ी राहत मिलती है।
इस अवसर पर अरविंद दिवाकर, राजवीर सिंह, अमर दिवाकर, सुशील दिवाकर, विनोद कुमार, राम रत्न फौजी, डीआर दिनकर, मोहन लाल, ऋषि पाल, पूरण लाल, वीरेंद्र चौधरी, धीरेंद्र चौधरी एवं सोमपाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सामाजिक एकता और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहायता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जरूरतमंदों को समय-समय पर सहयोग मिलता रहे। अंत में सभी ने संत गाडगे महाराज के आदर्शों को अपनाने और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
