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February 4, 2026

“निस्वार्थ सेवा का जज़्बा: बरेली की प्रियंका ने समाजसेवा को चुना अपना मिशन”

विशेष संवाददाता राष्ट्र जगतबरेली। समाज में बदलाव लाने का जज़्बा, सेवा का समर्पण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प — इन्हीं मूल्यों के साथ बरेली की उभरती समाजसेविका प्रियंका आज एक अलग पहचान बना चुकी हैं। उत्तराखंड से विवाह के बाद बरेली आईं प्रियंका ने इस शहर को ही अपनी कर्मभूमि बनाया और समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य।
प्रियंका बताती हैं कि उन्हें समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा अपने परिवार और विशेषकर अपने पति गिरीश कपूर से मिली। “मेरे हर सामाजिक कार्य में मेरे पति कदम से कदम मिलाकर मेरे साथ खड़े रहते हैं। उनका सहयोग और मार्गदर्शन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है,” प्रियंका मुस्कुराते हुए कहती हैं। उनके अनुसार जीवनसाथी का साथ मिल जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
अपने सामाजिक सफर के बारे में बताते हुए प्रियंका कहती हैं कि शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी। गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता, महिलाओं को जागरूक करने और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। धीरे-धीरे उनके कार्यों की पहचान बढ़ती गई और समाज का भरोसा भी।
वर्तमान में प्रियंका राष्ट्र जागरण युवा संगठन की जिला अध्यक्ष के रूप में दायित्व निभा रही हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन को नई दिशा देने के साथ-साथ महिलाओं को जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई अभियान शुरू किए हैं। वे गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक कर रही हैं।
प्रियंका का मानना है कि जब तक महिलाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक समाज मजबूत नहीं हो सकता। “महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। हमें महिलाओं को आत्मविश्वास, शिक्षा और अवसर देने होंगे ताकि वे खुद अपने फैसले ले सकें,” वे कहती हैं।
उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें कई सामाजिक मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। विभिन्न संस्थाओं द्वारा मिले अवार्ड्स को वे अपनी नहीं, बल्कि समाज की जीत मानती हैं। प्रियंका कहती हैं, “ये पुरस्कार मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। यह याद दिलाते हैं कि मेरी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।”
अपने लक्ष्य को लेकर प्रियंका बिल्कुल स्पष्ट हैं। वे कहती हैं, “मैं अपने जीवन को तभी सफल मानूंगी जब समाज के लिए लगातार कुछ कर पाऊंगी। समाजसेवा मेरे लिए कोई पद या पहचान नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है।” भविष्य में वे महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र, निशुल्क परामर्श शिविर और युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू करने की योजना भी रखती हैं।
इंटरव्यू के अंत में प्रियंका युवाओं को संदेश देती हैं, “अगर हर युवा यह ठान ले कि वह अपने आसपास के समाज के लिए कुछ न कुछ करेगा, तो देश की तस्वीर खुद-ब-खुद बदल जाएगी। बदलाव की शुरुआत हमें खुद से करनी होगी।”
निस्वार्थ सेवा, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयासों के साथ बरेली की प्रियंका आज न सिर्फ समाजसेवा के क्षेत्र में उभरता नाम हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी।

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