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February 4, 2026

रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से 2.20 लाख की ठगी, एफआईआर


बरेली। इज्जतनगर के रहने वाले एक बुजुर्ग पेंशनभोगी के खाते से साइबर ठगों ने आधी रात को एफडी और आरडी तोड़कर 2.36 लाख उड़ा लिए। बैंक ने जिम्मेदारी से किनारा करते हुए इसे ग्राहक की लापरवाही बता दिया। पीड़ित ने अब गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के मुताबिक, टी.टी.बी. रस्तोगी, जो एसएआर विभाग से रिटायर्ड हैं। उनके खाते से 20 मार्च 2025 की आधी रात को रकम गायब हो गई। ठगों ने न सिर्फ उनके खाते में रखी रकम निकाली, बल्कि दो सावधि जमाएं (एफडी) और एक आवर्ती जमा (आरडी) भी तोड़ डाली। पीड़ित के अनुसार 16 हजार 700 फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज प्रा.लि. को और 2.20 लाख कोलकाता स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में राम कुमारी काजल नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुछ दिनों बाद 16 हजार 700 वापस आ गए, लेकिन 2.20 लाख अब तक फंसे हुए हैं।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बैंक ऑफ बड़ौदा में की और रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल, कानपुर को भी पत्र भेजा। बैंक ने अपने जवाब में कहा कि ग्राहक ने ओटीपी और लॉगिन डिटेल साझा की थी, इसलिए यह उनकी गलती है। लेकिन पीड़ित का सवाल है कि बैंक ने बिना मूल रसीद के आधी रात में एफडी और आरडी कैसे तोड़ दीं? रस्तोगी का कहना है इतनी बड़ी रकम आधी रात को खाते से निकल गई और बैंक के सिस्टम को भनक तक नहीं लगी। यह बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने बताया कि यह रकम उनके पोते अक्षत और तीन वर्षीय पोती आदिवा के नाम से की गई जमाओं की थी। अक्षत के नाम पर 2012 में नामकरण संस्कार के अवसर पर 21 हजार की एफडी कराई गई थी, जो हर बार नवीनीकृत होती रही। आदिवा के नाम पर 1.51 लाख की एफडी और 25 हजार मासिक की आरडी थी। रस्तोगी का कहना है कि कोटक महिंद्रा बैंक को भी जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसे असामाजिक तत्वों के नाम पर खाते कैसे खोले जाते हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसे साइबर गिरोहों पर नकेल कसी जा सके और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
पीड़ित रस्तोगी ने भावुक होकर कहा मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम किया, लेकिन बुजुर्गावस्था में इन ठगों ने मेरे पोते-पोती का भविष्य लूट लिया। बस अब यही चाहता हूं कि सरकार इस गिरोह को सजा दिलाए और मेरा पैसा वापस मिले। वहीं, इज्जतनगर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

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