Rashtra Jagat Breaking
February 14, 2026

एज्यूकेशन एंड कैरियर मेला : आज के फैसले रखेगी भविष्य की नींव – डा. उज्मा कमर

बिलासपुर, रामपुर। जाने माने अपेक्स ग्रुप आफ इंस्टीट्यट में एज्यूकेशन व कैरियर मेला आयोजित किया गया। जिसमें बच्चों को सही स्कूल चुनने का तरीका तथा युवाओं को कैरियर चुनने के तौर तरीके बताये गए। आयोजन सीएंडसी कंपनी की ओर से किया गया। कंपनी की निदेशक डा.उज्मा कमर ने बच्चों व युवाओं का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अपेक्स के निदेशक डा. मनदीप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्राइमरी से लेकर हायर एज्केशन तक के बच्चों व युवाओं व उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया। सीएंडसी की निदेशक डा. उज्मा कमर ने बताया कि इस अवसर पर अलग-अलग तरह के टेस्ट आयोजित किए गए। इसमें साइकोमेट्रिक एसेसमेंट, एप्टीट्यूड टेस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी और स्लो लर्निंग के आईडेंटिफिकेशन टेस्ट भी थे। माता-पिता को यह सलाह दी गई कि स्कूल के चयन में भेड़चाल का हिस्सा ना बनें। बच्चों के एप्टीट्यूड के अनुसार ही सब्जेक्ट व स्कूल त करें। उन्होंने कहा कि पड़ोसी को देखकर स्कूल चुनना उचित नहीं है। कैरियर को प्लान करके स्कूल का चयन करें।
इस अवसर पर अपेक्स के डायरेक्टर मनदीप सिंह जी उपस्थित रहे और उन्होंने इस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा सीएनसी की यह पहल एजुकेशन के बीच के गैप को भरने का काम करेगी और उन्होंने आगे इसी तरह के कार्यक्रम करने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में भीमताल नैनीताल के जीडी गोयनका रेजीडेंशियल स्कूल तथा रामपुर कोयला के माउंट लिटरा स्कूल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने भी अपने स्कूल तथा उसकी विशेषताओं के बारे में बताया।
इस अवसर पर कंटेंट एंड क्रिएशन मीडिया एंड एजुकेशन के मार्केटिंग हेड सैयद फैजान मियां, रिंकू राज, सूर्य प्रताप सिंह, सूर्य प्रताप सिंह हनुमान, आशीष कश्यप एवं सामिया आदि उपस्थित रहे। वहीं अपेक्स ग्रुप से मिस मोनिका, मिस अंकिता, जुनैद आदि का योगदान रहा। उन्होंने उन्होंने अपेक्स कॉलेज में संचालित कोर्सों के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया।

केंद्रीय बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद: शैला अहमद


नई दिल्ली :- पूर्व सांसद और वेस्ट बंगाल की अल्पसंख्यक चेहरा शैला अहमद ने केंद्रीय बजट की सराहना की और कहा कि केंद्रीय बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद ।पूर्व सांसद अभी सिंगापुर में ब्रेस्ट कैंसर की ट्रीटमेंट करा रही है
उन्होंने सिंगापुर से दूरभाष के माध्यम से जानकारी दी और कहा कि केंद्रीय बजट 2026 को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी, गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है तथा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है ।
केंद्रीय बजट 2026-27 बजट की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत–2047 की दिशा में एक ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट बताया। विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट युवा, किसान, बागवान, महिलाएं, व्यापारी, कर्मचारी, एसएमई और मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग का संतुलित रूप से ख्याल रखने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है

भाजपा महानगर ने डीडी पुरम सहित सभी 9 मंडलों में देखा केंद्रीय बजट 2026–27 का लाइव प्रसारण

बरेली। भारतीय जनता पार्टी महानगर द्वारा डीडी पुरम में केंद्रीय बजट 2026–27 का लाइव प्रसारण देखा गया। इसके साथ ही महानगर के सभी 9 मंडलों में भी बजट को लेकर लाइव कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट की प्रमुख घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बजट में देशभर में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर चलाने की घोषणा, नया टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने, तथा प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाने जैसी अहम घोषणाओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष/एमएलसी/ब्रज क्षेत्र प्रभारी संतोष सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, महापौर डॉ. उमेश गौतम, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड सदस्य राजेंद्र गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महामंत्री प्रभु दयाल लोधी, प्रत्तेश पांडे, डॉ. तृप्ति गुप्ता, उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा, महानगर मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, सहित बड़ी संख्या में महानगर पदाधिकारी, व्यापारी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपस्थित नेताओं ने बजट को देश के विकास और आमजन के हित में बताया।

राष्ट्रीय हिन्दू महासभा भारत ने किया गरीब बच्चों को वस्त्र वितरण

बरेली। राष्ट्रीय हिन्दू महासभा भारत की बरेली टीम द्वारा कुष्ठ आश्रम लाल फाटक परिसर में गरीब बच्चों के लिए वस्त्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर मानवीय सेवा को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर बरेली जिला अध्यक्ष त्रिभुवन नारायण चौधरी, प्रदेश महासचिव पूजा पांडे, शिखा गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने बच्चों को वस्त्र वितरित किए और समाज के सक्षम वर्ग से ऐसे सामाजिक कार्यों में आगे आने की अपील की। सभी ने एकजुट होकर समाज सेवा के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।

बजट में आम आदमी को राहत, विकास को रफ्तार


नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट में मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा, किसान, युवा और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट का मुख्य फोकस राहत के साथ-साथ देश के समग्र विकास पर रखा गया है।
बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को आयकर के मोर्चे पर राहत दी गई है, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी। नई कर व्यवस्था को और सरल व आकर्षक बनाया गया है। वहीं पेंशन और भविष्य निधि से जुड़े नियमों में भी सुधार किया गया है।
किसानों के लिए बजट में कृषि योजनाओं के विस्तार, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
युवाओं और छात्रों के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणाएं की गई हैं। एमएसएमई सेक्टर को आसान ऋण और क्रेडिट सपोर्ट देकर व्यापार को गति देने का प्रयास किया गया है।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही रेलवे, सड़क, मेट्रो, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंडिया जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का प्रावधान कर सरकार ने विकास को नई रफ्तार देने का संकेत दिया है।
कुल मिलाकर, यह बजट राहत और विकास का संतुलित प्रयास माना जा रहा है, जिससे आम आदमी को तात्कालिक लाभ और देश को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दातागंज नगर में उपचार के दौरान प्राइवेट अस्पताल में महिला की मौत

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
संवाददाता: गोपाल गुप्ता
दातागंज नगर में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। मृतका की पहचान कुसुम पत्नी अजय पाल के रूप में हुई है, जो कनकपुर ग्राम की निवासी थीं।
परिजनों के अनुसार महिला को इलाज के लिए दातागंज नगर स्थित मंगल बाजार के पीछे बने सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान किसी कारणवश उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की जानकारी मिलने पर दातागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मथुरा में सनसनीखेज हनी ट्रैप का खुलासा, 50 लाख की ब्लैकमेलिंग की साजिश नाकाम


मथुरा। बरेली निवासी प्रदीप शर्मा को हनी ट्रैप में फंसाकर 50 लाख रुपये वसूलने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदीप शर्मा वृंदावन में आश्रम निर्माण का कार्य करा रहे थे। इसी दौरान सीमा कुमारी नाम की एक महिला ने उनसे फोन पर संपर्क कर डोनेशन देने की इच्छा जताई।
महिला ने मुलाकात के लिए मथुरा के एक बड़े होटल में बुलाया। जैसे ही प्रदीप शर्मा होटल पहुंचे, अचानक कुछ युवक कमरे में घुस आए और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए उन्हें धमकाने लगे। आरोपियों ने प्रदीप शर्मा से 50 लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी।
मामले की सूचना मिलने पर मथुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला सीमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में महिला के मोबाइल फोन से हनी ट्रैप गैंग से जुड़ी कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाली चैट्स बरामद हुई हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में कई महिला और पुरुष शामिल हैं, जो इसी तरह लोगों को जाल में फंसाकर मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित आपराधिक गिरोह है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल और संदिग्ध मुलाकातों से सावधान रहें तथा किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

चिट्स फर्म सोसाइटी द्वारा गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

राष्ट्र जगत संवाददाता

बरेली। चिट्स फर्म सोसाइटी एवं सामाज कल्याण पिछड़ा वर्ग , कॉपरेटिव बैंक के सयुक्त तत्वधान में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर चिट्स फर्म सोसाइटी के सहायक रजिस्ट्रार नीरज उर्फ यादवेंद्र पाठक द्वारा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर नीरज उर्फ यादवेंद्र पाठक ने भारतीय संविधान की गरिमा, एकता और अखंडता पर प्रकाश डालते हुए देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में नेम चंद्र मौर्य , अनवर , अशोक , फारूक आदि मौजूद रहे ।

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, केंद्र से मांगा जवाब, 19 मार्च को अगली सुनवाई


नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार से जवाब भी तलब किया है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी।
UGC के इन नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, दिव्यांगता आदि आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना बताया गया है। नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में Equal Opportunity Centre, Equity Committee और Equity Squad गठित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
हालांकि, नियम लागू होते ही देशभर में इसका विरोध शुरू हो गया। विपक्षी दलों, सामान्य (जनरल) वर्ग के छात्रों और कई छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि नियमों में “जातिगत भेदभाव” की परिभाषा बहुत संकीर्ण रखी गई है, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत निवारण और संस्थागत सुरक्षा से वंचित किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे कुछ वर्गों को विशेष अधिकार मिलेंगे, जबकि अन्य वर्ग असुरक्षित रह जाएंगे।
इसी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई। याचिका में तर्क दिया गया है कि ये नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 15 (भेदभाव निषेध) और 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों को भेदभाव के विरुद्ध प्रभावी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार नहीं देते।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन आपत्तियों को गंभीर मानते हुए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी और केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
इस बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में छात्रों और संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कुछ संगठनों ने 1 फरवरी को भारत बंद का भी आह्वान किया है।
वहीं केंद्र सरकार और UGC का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ भेदभाव करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशिता और समान अवसर सुनिश्चित करना है। शिक्षा मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि नियमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर में श्रम कानूनों की खुलेआम अनदेखी


बिना वेतन और बिना नोटिस निकाले गए कर्मचारी, स्टाफ धरने पर
बिजनौर । सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना और बिना बकाया वेतन दिए अचानक कार्य से हटाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित अन्याय और श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन के विरोध में संस्थान का समस्त स्टाफ धरने पर बैठ गया है।
धरनारत कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने न तो किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और न ही महीनों की मेहनत की कमाई यानी बकाया वेतन का भुगतान किया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अचानक मौखिक रूप से काम से निकाल दिया गया, जिससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने बताया कि लेबर एक्ट के तहत किसी भी कर्मचारी को हटाने से पहले नोटिस देना और बकाया भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन ने इन सभी नियमों को ताक पर रख दिया। स्टाफ का आरोप है कि यह व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि श्रम कानूनों की खुली अवहेलना भी है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया वेतन दिलाया जाए।
धरना स्थल पर कर्मचारियों में भारी रोष देखा गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।