~48 घंटे के लिए इंटरनेट भी बंद~ बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शनिवार को मौलाना तौकीर रजा खां समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। एक मुकदमे में मौलाना तौकीर को बलवा कराने का आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तारी के बाद मौलाना समेत आठों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जुमे की नमाज के बाद अलग-अलग जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किया। इसमें अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कोतवाली में पांच, बारादरी में दो, थाना किला, प्रेमनगर और कैंट में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बवाल के बाद जिले में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। बीएसएनएल क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर जो पत्र वायरल हुआ है, वह सही है। शासन के निर्देश पर कुछ देर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। हमारे पास आधिकारिक पत्र आ गया है। बवाल के मामले में पुलिस ने शहर के अलग-अलग पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। कोतवाली में दर्ज बलवे के मुकदमे में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को आरोपी बनाया गया है, जबकि बाकी मुकदमों में मौलाना के समर्थक नामजद किए जा रहे हैं। फाइक एनक्लेव निवासी बरातघर संचालक फरहत और उसके बेटे को बारादरी पुलिस ने जांच के आधार पर मुकदमे में शामिल किया है। शुक्रवार रात से इन्हीं लोगों ने मौलाना को अपने घर में शरण दे रखी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मौलाना को बरातघर संचालक के घर से गिरफ्तार किया है। इनके अलावा सरफराज, मनीफुद्दीन, अजीम अहमद, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद आमिर, रेहान, मोहम्मद सरफराज को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस 39 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार रात 10:20 बजे वीडियो जारी कर कहा है कि अतीक और अशरफ की तरह मुझे गोली मार दो, मोहम्मद के नाम पर मरना कबूल है। उन्होंने कहा कि वह अब तक नजरबंद हैं। उन्होंने मुसलमानों को मुबारकबाद पेश करते हुए घटना को साजिश करार दिया। मौलाना ने कहा कि मैं आशिकाने रसूल को मुबारकबाद पेश करता हूं। ऐसे खतरनाक समय में इश्क-ए रसूल के नाम पर आप लोग आए। हमने अमन का रास्ता इख्तियार किया था। मोहम्मद साहब के नाम को जो बार-बार अपमानित किया जा रहा है, उसके लिए सख्त कानून बनाया जाए। मौलाना ने कहा कि “मैं वहां जाता, नमाज पढ़ता और ज्ञापन देकर लोगों को घर भेज देता, पर हमेशा की तरह मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया”। उनके पीछे झूठे लेटरपैड पर उनके नाम से बयान जारी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई। प्रशासन मुसलमानों को रसूल का नाम लेने की इजाजत नहीं दे रहा है। यह मामला जितना दबाया जाएगा, उतना ही उभरेगा। आई लव मोहम्मद के समर्थन में मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर शुक्रवार को शहर में भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने पर भीड़ अराजक हो गई। बवालियों ने खलील स्कूल तिराहे के पास दुकानों व वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। नावल्टी चौराहा पर पुलिस टीम पर पथराव और श्यामगंज में फायरिंग की। करीब तीन घंटे तक शहर में बवाल हुआ। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज भी किया। शाम पांच बजे हालात काबू में आ गए। डीआईजी अजय कुमार साहनी के मुताबिक घटना में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिस तरह से भीड़ बैनर लेकर निकली और पथराव किया उससे सुनियोजित साजिश का संकेत मिलता है। घटना के वीडियो और तस्वीरों के आधार पर इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों जैसे श्यामगंज और नौमहला मस्जिद के आसपास तोड़फोड़ की, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को घर में नजरबंद कर दिया गया है। शहर में भारी सुरक्षा बल तैनात हैं और इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी गई है।यह विवाद हाल ही में कानपुर में बरावाफत जुलूस के दौरान एक बैनर से शुरू हुआ था, जहां ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। मुस्लिम संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। बरेली में मौलाना तौकीर रजा ने गुरुवार को ही जुमे पर इस्लामिया मैदान में धरना देने का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति न देने के बाद प्रदर्शन को स्थगित कर दिया। इसके बावजूद, नमाज के बाद भीड़ सड़कों पर उतर आई।घटनाक्रम: कैसे बिगड़ा माहौल?सुबह से सख्ती: जुमे की नमाज से पहले ही बरेली के इस्लामिया मैदान, बिहारीपुर और श्यामगंज इलाकों को छावनी में बदल दिया गया। बैरिकेडिंग लगाई गई, ड्रोन से निगरानी की गई और भारी संख्या में पीएसी व आरएएफ की टुकड़ियां तैनात की गईं। सैलानी इलाका पूरी तरह बंद रहा।नमाज के बाद हंगामा: नौमहला मस्जिद के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर थामे लोग नारेबाजी करने लगे। श्यामगंज में पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की, तो एसपी क्राइम उत्कर्ष मिश्रा से नोकझोंक हो गई। भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया और तोड़फोड़ मचाई।पुलिस का जवाब: स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। कई प्रदर्शनकारी घायल बताए जा रहे हैं। डीएम रवि कुमार और एसएसपी घुरमौरिया ने कहा कि शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।तौकीर रजा नजरबंद: मौलाना तौकीर रजा को उनके ठाकुरद्वारा स्थित घर में नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने राष्ट्रपति को डीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजने की अपील की थी, जिसमें शांतिपूर्ण विरोध की बात कही गई। लेकिन प्रशासन ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए यह कदम उठाया।
बरेली । नगर नगरी बरेली में मढ़ीनाथ में व्यापारी धर्मेंद्र शर्मा के द्वारा नाथ सुपर मार्केट का शुभारम्भ किया गया शुभारम्भ में सर्वप्रथम हवन पूजन किया गया इस उपरांत कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के कर कमलों से फीता काट कर नाथ सुपर मार्केट का उद्घाटन कर शुभारम्भ किया गया। इस दौरान डॉक्टर विकास वर्मा , पुष्पेंद्र शर्मा , दिनेश शर्मा प्रधान , राष्ट्र जगत के संपादक सौरभ शर्मा , डब्लू यादव , एवं स्थानीय पार्षद चित्रा मिश्रा , कमलेश सीधे , श्याम सिंह चौहान , सौरभ कुमार , बृजेश मिश्रा , गोलू सक्सेना , मोनू बमिश्रा , अमन सक्सेना , राष्ट्र जागरण युवा संगठन से निखिल शर्मा , आकाश सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे ।
चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा, दंगा-रोधी गाड़ियां, ड्रोन और रूफटॉप स्नाइपर रखेंगे नजर, उपद्रवी जाएंगे जेल~ बरेली। आईएमसी नेता मौलाना तौकीर रजा खां के ऐलान पर शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शन और पैदल मार्च से पहले एसएसपी अनुराग आर्य ने सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। शहर से बाहर आने जाने वाले रास्तों की नाकेबंदी की जा रही है। पुलिस बैरियर लगाये जा रहे हैं। चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा रहेगा। सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम किये गये हैं कि परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं होगी। कड़े सुरक्षा घेरे और दंगा नियंत्रण उपकरणों और साजो सामान के साथ पुलिस बरेली की सड़कों पर पेट्रोलिंग करेगी। इसके साथ ही एसएसपी ने सभी से शांति बनाये रखने की अपील भी की है। बरेली में एक कंपनी आरएएफ, 4 कंपनी पीएसी, 200 दरोगा और 500 हेड कांस्टेबल-कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया है। इसके अलावा बरेली के सभी थानों के इंस्पेक्टर एसओ सैकड़ों की पुलिस टीमों के साथ मुस्तैद रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से एसएसपी ने शहर को सेक्टर और सब सेक्टर में बांट दिया है। सेक्टर की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी और एडीएम रैंक के मजिस्ट्रेट की रहेगी। वहीं सब सेक्टर में सीओ और एसडीएम को लगाया गया है। उनके साथ इंस्पेक्टर और एसओ रहेंगे। बरेली की स्पेशल पुलिस टीमें दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस होकर 50 गाड़ियों से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग करेंगी। चप्पे चप्पे और मूवमेंट की वीडियोग्राफी कराई जायेगी। बरेली पुलिस ने रूफ टाप डयूटी लगा दी हैं। स्नाइपर रूफ टाप प्वाइंट से नजर रखेंगे। इसके अलावा सिविल ड्रेस में गली मोहल्लों में खुफिया टीमों को तैनात कर दिया गया है। एसएसपी ने हर संवेदनशील और अति संवेदनशील गली-मोहल्ले में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं। मोबाइल पुलिस टीमें वीडियो कैमरे के साथ लगातार गश्त कर रही हैं। हर गली, चौराहे और नुक्कड़ पर सिविल ड्रेस में पुलिस वालों को लगाया गया है। घरों के ऊपर ड्रोन से निगरानी की जायेगी। कहीं भी गड़बड़ी मिली तो सीधे कार्रवाई होगी। जिले में तैनात रहे पुराने इंस्पेक्टर और एसओ भी बुलाये गये हैं। खुफिया एजेंसियों को भी लगा दिया गया है। वह हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। सिविल ड्रेस में पुलिस की टीमें हर माहौल पर नजर रख रहीं हैं। एसएसपी ने बताया कि जिले का पूरा फोर्स सड़कों पर उतार दिया गया है। उपद्रव करने वाले चाहे किसी भी रूप में हों, तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर तक की कार्रवाई होगी। बरेली पुलिस ने माहौल बिगाड़ने वाले खुराफातियों की कुंडली तैयार कर ली है। पिछले सालों में जिन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान बवाल किया था। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा चुका है। गली मोहल्लों में रहने वाले ऐसे सभी खुराफाती पुलिस की नजर में हैं। उनके खिलाफ शिकायतों और मुकदमों का ब्यौरा तैयार किया गया है। ऐसे बवाली शुक्रवार को किसी तरह की अफवाह, खुराफात करते नजर आये। उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जायेगा। पुराने मुकदमों और शिकायतों के आधार पर उन पर गुंडा और गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जायेगी। मौलाना तौकीर रजा ने शुक्रवार को इस्लामिया मैदान से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान किया है। उन्होंने जुमा की नमाज के बाद शहरवासियों से एकजुटता दिखाने की अपील की है। आयोजक इसे अनुशासित और शांतिपूर्ण बता रहे हैं, मगर पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। बच्चों को अपराध में धकेलने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 83 के तहत यह प्रावधान है कि यदि कोई समूह या कोई भी वयस्क किसी बालक का उपयोग किसी भी तरह के अपराध, समाज विरोधी क्रिया कलाप और विरोध प्रदर्शन में करता है, तो उसे सात साल तक की कठोर कैद और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों में जहां बच्चों को पत्थर फेंकने के लिए आगे किया गया था, वहां धारा 83(2) लागू की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि ऐसे मामलों में बच्चों के अभिभावकों और आयोजकों पर भी कार्रवाई होगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। साजिशन 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आगे कर उनसे गैर कानूनी कार्य कराना धारा 83 JJ एक्ट के अंतर्गत कानूनी अपराध है। अगर कोई भी व्यक्ति ऐसा करता है तो उनके विरुद्ध JJ एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है : अनुराग आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली
बरेली। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खां मंगलवार को आखिरकार 23 महीने बाद जेल से आज़ाद हो गए। सीतापुर जेल से रिहा होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। रामपुर लौटते वक्त बरेली की सीमा पर जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया गया। शाम करीब चार बजे उनका काफिला सीबीगंज के बड़े बाईपास से झुमका तिराहे पर पहुंचा तो माहौल जश्न में बदल गया। सैकड़ों कार्यकर्ता फूल-मालाओं और पार्टी के झंडों के साथ उनका इंतज़ार कर रहे थे। भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी वजह से आज़म खां गाड़ी से बाहर नहीं निकल सके। करीब तीन मिनट तक उन्होंने गाड़ी में बैठे-बैठे ही हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और फिर रामपुर की ओर रवाना हो गए। सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, महानगर अध्यक्ष समीम खान सुल्तानी और पूर्व विधायक सुल्तान बेग समेत तमाम नेताओं की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं का जोश और बढ़ा दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं ने नाचते-गाते हुए लड्डू बांटे और गुलाल उड़ाया। नारेबाज़ी से पूरा इलाका गूंज उठा। भीड़ के कारण चौराहे पर कुछ देर यातायात भी प्रभावित रहा। आज़म खां की रिहाई पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आज़म खां ने समाजवादी पार्टी को खून-पसीने से सींचा, लेकिन कठिन दौर में अखिलेश यादव ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। मौलाना ने सुझाव दिया कि आज़म खां को अपनी अलग पार्टी बनाकर 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरना चाहिए। गौरतलब है कि आज़म खां के खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश में उन्हें जमानत मिल चुकी है। 2022 में भड़काऊ भाषण मामले में दो साल की सजा के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई थी। फरवरी 2020 में पहली गिरफ्तारी के बाद से ही उनका जेल का सफर शुरू हुआ, जो अब जाकर खत्म हुआ प्रतीत होता है।
बरेली । जहां बरेली नगर निगम पूरे शहर से अतिक्रमण हटाओ अभियान पर जोर दे रहा है वहीं पूरे स्मार्ट बरेली नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण की भरमार है । जहां देखो नगर निगम में नुमाइंदों द्वारा अतिक्रमण लगवाया जाता है जबकि व्यापारियों ने ये भी कहा कुछ जगह से नुमाइंदों द्वारा महीना वसूली भी की जाती है । जिसको लेकर पूरे शहर में अतिक्रमण लगा हुआ है आज अतिक्रमण अभियान की शुरुआत प्रभारी परिवर्तन दल कर्नल सीवी जोशी के नेतृत्व में चौपला से कुतुबखाना तक हुई नगर निगम टीम अपने पीले पंजे के साथ अभियान की शुरुआत की वही बता थे जब व्यापारियों को जानकारी हुई तभी सभी ने अपनी अपनी दुकाने बंद कर दी वही एक दुकानदार से नगर निगम की झड़प हुई वही नगर निगम ने सारा समान जप्त कर लिया नगर निगम के एक कर्मचारी ने दुकानदारी से हाथापाई हो गई इस दौरान व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है । आखिर देखना ये है नगर निगम का ये अभियान कहा तक कब तक सफल हो पाता है ।।
राष्ट्र जगत संवाददाता। दिनांक 23 9 2025 को फैजगंज बेहटा पुलिस के मिशन शक्ति फेज 05 के अंतर्गत आवासीयविद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा को आज थाना अध्यक्ष का दायित्व देने के संबंध में
यशवी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महोदय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण ब नारी सम्मान के संबंध में मिशन शक्ति फेस 5 के अंतर्गत श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं महोदय के निर्देशन में
श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महोदय के कुशल पर्यवेक्षण में एवं श्रीमान क्षेत्राधिकार बिसौली महोदय के नेतृत्व में थाना फैजगंज बेहटा बदायूं पर आज दिनांक 23 09 2025 को कस्तूरबा गांधी विद्यालय फैजगंज बेहटा की छात्राओं को मिशन शक्ति फेज 5 के अंतर्गत महिला सशक्ति हेतु उनके अधिकार व महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं व आवश्यकता पड़ने पर सरकार द्वारा निर्गत हेल्पलाइन नंबर 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1090 वूमेन पावर हेल्पलाइन 1081 बी मैन हेल्पलाइन 112 पुलिस आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन 102 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एंबुलेंस हेल्पलाइन 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन 101 अग्निशमन सेवा 1930 साइबर हेल्पलाइन के संबंध में विस्तार से बताया गया छात्रा कुमारी हिमांशी कक्षा 7 ने एक घंटे के लिए थाना अध्यक्ष थाना फैजगंज बेहटा का दायित्व निभाया गया आम जनता से प्राप्त शिकायतों को सुना गया कार्यक्रम का समापन सभी को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देकर किया गया
मिशन शक्ति की टीम
थाना अध्यक्ष रामेंद्र सिंह ब उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार उप निरीक्षक सुशील कुमार बिश्नोई महिला कांस्टेबल 104 अंकित वर्मा महिला कांस्टेबल 2177 सुदेश दिवाकर
बिजनौर। मुरादाबाद मुजफ्फरनगर मेरठ हरिद्वार कोटद्वार आदि जिला से सटा बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत माना जाता है यहां की राजनीति इस बात का गवाह है कि कई राष्ट्रीय नेताओं ने यहां पर आकर दस्तक दी है अपराध की बात करें तो काफी लंबे समय तक शांत जिला माना” जाने वाला बिजनौर जिला एक पूर्व में एक दशक एक दो घटनाओ के कारण अपराध को लेकर भी चर्चाओं में रहा था और इन घटनाओं को कम समय मे खोलकर गुड पुलिसिंग कर पुलिस का इकबाल भी बुलंद हुआ था। लेकिन यह जिला अपराध के मामले में ज्यादा संवेदनशील नहीं है। करीब ढाई दशक पूर्व मुजफ्फरनगर में तैनात रहे कप्तान आशुतोष पांडेय जब यहां से तबादला होकर बिजनौर के कप्तान बने तो गंगा बैराज पर महीने में एक बार पत्रकारों एवं सामाजिक व्यक्तियों के साथ दोनों जिलों की मीटिंग करते थे। जिलो की सरहद पर यह दोस्ताना अंदाज काफी चर्चाओ में रहा था। सच्चाई यह थी कि आशुतोष पांडेय ने मुजफ्फरनगर से रिश्ता बिजनौर जाकर भी बरकरार रखा था इसी प्रकार एसएसपी हरि नारायण सिंह भी यहां से बिजनौर जाकर मुजफ्फरनगर के लोगों की एवं उनके प्यार एवं सम्मान की चर्चा करते थे। अब करीब एक वर्ष से बिजनौर एस पी के पद पर अभिषेक को तैनाती मिली हुई हैं। कप्तान अभिषेक मृदुभाषी एवं कर्तव्य निष्ठा की एक जीती जागती मिसाल है और बिजनौर में इनकी तैनाती के बाद से बिजनौर पुलिस को एक नई गति दिशा एवं ऊर्जा देने का काम किया है। एस पी अभिषेक मेहनती एवं जुझारू अधिकारी के रूप में अपनी पहचान रखते आए हैं तथा अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाते हैं। पुलिस पब्लिक रिलेशन हिमायत करते हैं तथा मानते हैं कि यदि दोनों परस्पर सहयोग की भावना से काम करें तो अपराध या अपराधी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। पुलिस एवं जनता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं उनका मानना है कि बिना जन सहयोग के पुलिस अपने लक्ष्य एवं उद्देश्य को आसानी से पूरा नहीं कर सकती है! कप्तान अभिषेक का जनता के साथ संपर्क भी अच्छा रहा हैं और उनकी कम्युनिटी पुलिसिंग काफी कारगर वह सरहनीय हो रही है तथा जनता की सुनवाई भी की जा रही हैं तथा कप्तान अभिषेक ने अपने करीब एक वर्ष के कार्यकाल में बहुत सी उपलब्धियां इस जनपद को देने में कामयाब रहे यह जिला अपराध उन्मूलन के लिए सदैव उनका ऋणि और आभारी हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा जी काफी मिलनसार व्यक्ति के धनी है आपसे मकान के संबंध में कय बार मिलना हुआ आपने मेरी बात को ध्यानपूर्वक सुना अपने पुलिस क्षेत्र अधिकारी को अफजलगढ़ को भी बुलाया और उनको मौखिक आदेश भी दिया था इनको भीको न्याय मिले लेकिन पुलिस क्षेत्र अधिकारी का ट्रांसफर नगीना के लिए हो गया और मकान मेरा अटक गया आपके पेश कर रहे हैं थाना अध्यक्ष महोदय अफजलगढ़ सुमित राठी जी ने भी भी मेरे मकान के बारे में उनको अवगत कराया यहां वास्तव में यह मकान इन्होंने ही खरीदा था हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी अफजलगढ़ बिजनौर
उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं’ अभियान चलाने का फैसला स्वागतयोग्य है। हालांकि दोपहिया वाहनों की सवारी करने वाले लोगों को खुद ही इसे लेकर संजीदा होने की जरूरत है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इस अभियान से उनके भीतर जिम्मेदारी की भावना आएगी। एक सितंबर से शुरू हो चुका इस अभियान को विधिसम्मत होने के साथ जनहितैषी भी कहा जा सकता है।गौरतलब है कि भारत में करीब तीस फीसद हादसों में दुपहिया चालक ही शिकार होते हैं। इनमें मौत का सबसे बड़ा कारण हादसे के समय हेलमेट नहीं पहनना माना जाता है। सवाल है कि यातायात नियमों के मुताबिक हेलमेट अनिवार्य होने पर भी अगर लोग नियमों का पालन नहीं करते, तो इसका नुकसान किसे उठाना पड़ता।हैरत की बात है कि जुर्माने के प्रावधान के बावजूद लोग बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते दिखते हैं। उन्हें न तो नियम-कायदे की परवाह होती है और न ही अपने प्राणों की। जहां सड़क पर यातायात पुलिस की जांच ढीली होती है, वहां दुपहिया पर पीछे बैठे लोग अमूमन हेलमेट नहीं पहनते। जबकि हादसे की स्थिति में जोखिम का स्तर उनके लिए भी समान होता है।गौरतलब कि पिछले वर्ष भी यह अभियान चलाया गया था, लेकिन सच यह है कि लोगों के बीच हेलमेट पहन कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता अभी विकसित नहीं हुई है। कुछ समय पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने बताया था कि पिछले वर्ष हुए हादसों में तीस हजार लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हो गई। यानी देश में हर दिन औसतन अस्सी लोगों की जान सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने के कारण चली गई।सवाल है कि इस संबंध में कानून होने और उससे भी ज्यादा अपने हित में होने के बावजूद लोग हेलमेट की उपयोगिता की अनदेखी क्यों करते हैं। किसी हादसे की स्थिति में शरीर के बाकी हिस्से में लगी चोट के मुकाबले सिर पर लगी चोट जिंदगी को जोखिम में डाल देती है। उपचार के बाद भी जीवन भर जटिलताएं बनी रह सकती हैं। यह ध्यान रखने की जरूरत है कि अगर दोपहिया वाहन चलाते हुए हेलमेट पहना जाए तो मौत की आशंका को बहुत कम किया जा सकता है। थाना प्रभारी अफजलगढ़ श्री सुमित राठी जी कस बा इंचार्ज प्रवीण कुमार जी पुलिस क्षेत्रा अधिकारी अफजलगढ़ नेदो पहिया सवारीसे भी हेलमेट पहन कर चले जिससे अपनी हिफाजत है और अपने घर सुरक्षित लौट सके और जहां हम जा रहे हैं वहां भी सुरक्षित पहुंच सके कोतवाल साहब सुमित राठी जी ने कहा कोई भी अभिभावक अपने नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल में कार चलाने को ना दे क्योंकि बच्चा भी सुरक्षित रहेगा और उससे कोई भी एक्सीडेंट नहीं होगा अपना घर भी सुरक्षित और दूसरा घर भी कुछ सुरक्षित रहना चाहिए तेजतर्रार कोतवाल सुमित राठी ने कहा कि अगर कोई भी नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल चलता हुआ मिल गया तो उसे जुर्माना 25000 का लिया जाएगा और अभिभावक का चालान काटा जाएगा क्योंकि उसका जिम्मेदार सिर्फ अभिभावक होता है नाबालिक बच्चों को मोटरसाइकिल कार ना दे हाजी मोहम्मद रिजवान कुरैशी स्वतंत्र पत्रकार अफजलगढ़ बिजनौर
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के सनसिटी पावर हाउस पर शनिवार दोपहर अचानक बवाल हो गया। स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारी वहां पहुंचे और लाइनमैन बुलाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ा कि कर्मचारियों ने जेई के स्टाफ पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक, अवर अभियंता नीरज पंवार के अधीन कार्यरत राहुल कुमार (टीजी-2) से कंपनी के दो कर्मचारियों ने लाइनमैन बुलाने को कहा। जब राहुल ने वजह पूछी तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। इसी बीच उनके चार और साथी वहां आ धमके और राहुल से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह राहुल को छुड़ाया। इसी दौरान आरोपियों में शामिल गोल्डी, मोनिस शंखधार और उनके तीन साथी पावर हाउस में रखे सरकारी दस्तावेजों पर टूट पड़े और लॉग शीट व शिकायत रजिस्टर फाड़ डाले। घटना के बाद कर्मचारियों में रोष है। जेई नीरज पंवार ने आरोपियों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में तहरीर दी है। इज्जतनगर पुलिस ने तहरीर के आधार पर