बरेली। सुभाषनगर थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के पुलिस और चोरों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस पर फायरिंग करने वाले दो शातिर चोरों के पैरों में गोली लगी, जबकि एक नाबालिग साथी को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने मौके से चोरी के जेवर, नकदी, स्मार्टवॉच और अवैध असलहे बरामद किए हैं। घायल बदमाशों को अस्पताल भेजा गया है और नाबालिग से पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, 30 अक्टूबर को ग्रीनवैली कॉलोनी निवासी भोजराज सिंह के घर में चोरों ने धावा बोलकर जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया था। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कई टीमों को सुराग लगाने में लगाया था। शनिवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि फतेहपुर से इटौवा जाने वाले रास्ते पर कुछ चोर चोरी के माल का बंटवारा कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंशुल सक्सेना निवासी शांति विहार और कुलदीप यादव निवासी रविंदर नगर के पैरों में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक नाबालिग साथी को भी पकड़ा गया।
तलाशी में बदमाशों के पास से दो तमंचे, कई कारतूस, चांदी की पाजेब, चांदी का कमरबंद, दो स्मार्टवॉच और करीब 1270 रुपये नकद बरामद हुए। दोनों बदमाशों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, ये कई थानों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में वांछित रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि फरार एक अन्य साथी की तलाश की जा रही है। घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुठभेड़ में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार, दरोगा होराम सिंह, अशोक कुमार, पवन कुमार, रविंद्र, अमित कुमार, कपिल वर्मा, अंकित नागर, अर्जुन, विनीत कुमार और लखमी चंद शामिल रहे।
राष्ट्र जगत समाचार पत्र
गंगा घाटों पर तैनात गोताखोरों को प्रशासन द्वारा सम्मान दिलाये जाने की उठाई मांग
बरेली। कार्तिक पुर्णिमा को होने वाले गंगा स्नान को लेकर जहाँ प्रशाशनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं तो ऐसे में बसपा नेता तौफीक प्रधान ने भी रामगंगा घाट पर जाकर गोताखोरों और सफाई कर्मियों की मेहनत को सराहा और बेहतर आयोजन के लिए उनको बधाई भी दी। इस मौके पर बसपा के वरिष्ठ नेता तौफीक प्रधान द्वारा प्रशाशन से मांग भी उठाई गई की जो गोताखोर और सफाई कर्मी दिन रात गंगा घाटों की सफाई कर रहा है उसके मान सम्मान का प्रशाशन को ध्यान देना चाहिए और उनकी मेहनत का उचित पारितोषिक भी इनको मिलना चाहिए।
इसी के साथ बसपा नेता तौफीक प्रधान ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश के अधिकारीयों से भी मांग की कछला कोला घाट, ककोड़ा, ढाई घाट, रामगंगा घाट के साथ प्रदेश के अन्य गंगा घाटों पर जो गोताखोर और सफाई कर्मचारी लोगों की सेवा में मुस्तैदी से तैनात हैं सरकार उनके मान सम्मान का ध्यान रखते हुए उनके साथ उचित व्यवहार करे और इनको सुविधाएं भी मुहैया कराये। इसी के साथ गंगा घाटों पर जो गोताखोर दिन रात लोगों की जान बचाने का काम कर रहे हैं उनको चिन्हित कर उनको एक प्रशसनिक कार्ड भी उपलब्ध कराये जिससे उनका मान सम्मान भी बना रहेगा।
गंगा स्नान के पर्व पर बसपा नेता तौफीक प्रधान ने अपने कार्यकर्ताओं से साथ लोगों की दिक्कतों को समझा तो साथ ही उनके लिए दिन रात खुद को समर्पित भी बताया। इसी के साथ घाट पर मौजूद लोगों के साथ उन्होंने गंगा स्नान में शामिल होने आ रहे सभी भक्तों को पर्व की हार्दिक शुभकामनायें भी दीं।
राष्ट्र जगत संवाददाता।
संतोषी माता मंदिर एवं मेला महाशिवरात्रि महोत्सव समिति, बरेली, 02 नवंबर 2025:
संतोषी माता मंदिर एवं मेला महाशिवरात्रि महोत्सव समिति, मुड़िया अहमद नगर तहसील व जिला बरेली (पंजीकरण संख्या बी-30125) में वित्तीय अनियमितताओं और लोकनीति के विपरीत कार्य किए जाने का मामला सामने आया है।
प्रार्थीगण विजयपाल आदि की शिकायत पर सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स, बरेली ने जांच प्रारंभ की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि समिति के अध्यक्ष द्वारा समिति के उद्देश्यों के विपरीत कार्य करते हुए व्यक्तिगत लाभ अर्जित किया जा रहा है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार समिति ने पिछले दो वित्तीय वर्षों की बैलेंस शीट एवं आय-व्यय लेखा तैयार किए, लेकिन जांच के दौरान यह पाया गया कि समिति द्वारा प्रस्तुत बैलेंस शीट और समाज कार्यालय में दी गई प्रतिलिपि के आंकड़ों में अंतर है। इससे स्पष्ट होता है कि समिति दो खाताबही (Two Books of Accounts) संचालित कर रही है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के लेखांकन रिकॉर्ड Societies Registration Act, 1860 में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। आवश्यक दस्तावेज़ और सूचनाएं ऑडिट टीम को संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गईं।
ऑडिट रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि समिति के अध्यक्ष द्वारा संगठन के उद्देश्यों के विरुद्ध कार्य किया गया है तथा लोकहित की आड़ में स्वहित साधने का प्रयास किया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर यह अनुशंसा की गई है कि संतोषी माता मंदिर एवं मेला महाशिवरात्रि महोत्सव समिति (बी-30125) का पंजीकरण निरस्त (Deregistration) किया जाए तथा मंदिर व मेले की संपत्ति को समाज एवं आम जनता के हित में मुक्त किया जाए।
इस संबंध में सभी दस्तावेज़, ऑडिट रिपोर्ट और नोटिस की प्रतिलिपियां रजिस्ट्रार कार्यालय को भेज दी गई हैं।
बरेली। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त एक शातिर तस्कर बारादरी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस ने उसके कब्जे से चार किलो 186 ग्राम अवैध मार्फिन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब चार करोड़ पंद्रह लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी के पास से एक डीसीएम गाड़ी भी जब्त की गई है, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया।
मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी मानुष पारीक ने खुलासा करते हुए बताया कि मामला थाना बारादरी क्षेत्र के डोहरा रोड स्थित बॉयज हॉस्टल के पास का है। सोमवार देर रात पुलिस टीम इलाके में गश्त पर थी तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एक डीसीएम गाड़ी में भारी मात्रा में मार्फिन छिपाकर लाई जा रही है। पुलिस ने जाल बिछाया और कुछ देर बाद ही संदिग्ध डीसीएम मौके पर पहुंची।
जैसे ही गाड़ी रुकी, चालक नीचे उतरकर वाहन के नीचे बने एक गुप्त बॉक्स को खोलने लगा। उसी दौरान दूसरा व्यक्ति पुलिस को देखकर दीवार फांदकर नाले की ओर भाग गया। पुलिस ने चालक को मौके से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से नीले बैग में रखे चार पैकेट मार्फिन पाउडर मिले। पकड़े गए आरोपी की पहचान 50 वर्षीय सिराज अहमद निवासी बंगसान, थाना मीरानपुर कटरा, शाहजहांपुर के रूप में हुई है। फरार साथी का नाम सुरेंद्र शर्मा पुत्र रामस्वरूप शर्मा निवासी देवचरा, थाना भमौरा, बरेली बताया जा रहा है।
पूछताछ में सिराज ने खुलासा किया कि वह पहले ट्रक ड्राइवर था और सुरेंद्र शर्मा से ही उसकी मुलाकात हुई थी। सुरेंद्र ने ही उसे डीसीएम गाड़ी फाइनेंस पर खरीदवाकर इस तस्करी के धंधे में शामिल किया। डीसीएम के नीचे विशेष कैविन बनवाया गया था, जिसमें मार्फिन छिपाकर लाया जाता था ताकि चेकिंग के दौरान पकड़ न हो सके। सिराज के मुताबिक वह महीने में एक-दो बार पंजाब और नागालैंड से माल लेकर आता था और हर ट्रिप के एक लाख रुपये मिलते थे। सुरेंद्र शर्मा पहले भी इसी तरह की तस्करी में पकड़ा जा चुका है, उसकी एक गाड़ी अब भी कैंट थाने में जब्त है।
पुलिस ने सिराज अहमद के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं 8/21/29 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेज दिया। वहीं, फरार तस्कर सुरेंद्र शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में बारादरी प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय, दारोगा मुनेन्द्र पाल सिंह, मनीष भारद्वाज, कांस्टेबल साबिर अली और अंकुश चौधरी।
माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल में दिनांक 18 अक्टूबर 2025 को दीपों के पर्व दीवाली का भव्य उत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। विद्यालय प्रांगण को रंग-बिरंगी रंगोली, और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण दिव्य आभा से जगमगा उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक डॉ० सौरभ कुमार अग्रवाल एवं प्रिंसिपल डॉ ० प्रियंका सरकार द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस पावन अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को दीवाली के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व के बारे में बताया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने विविध रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। “आई दिवाली”, “हैप्पी दिवाली”, “राम आएंगे” जैसे उल्लासपूर्ण गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर बच्चों ने भगवान श्रीराम के चौदह वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या आगमन की स्मृति को जीवंत कर दिया। नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को भक्ति और आनंद के माहौल से भर दिया।
कक्षा 10 के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि हमें प्रदूषण रहित, स्वच्छ और पटाखामुक्त दीवाली मनानी चाहिए ताकि पर्यावरण और सभी जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में रामपुर गार्डन स्कूल तथा शिव गार्डन स्कूल – दोनों शाखाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। उनकी सृजनात्मकता और उत्साह देखने योग्य था।
अंत में प्रबंधक महोदय ने विद्यार्थियों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की, और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। उन्होंने सभी को सुरक्षित, स्वच्छ और आनंदमय दीवाली मनाने का आशीर्वाद दिया।
विद्यालय का यह कार्यक्रम सौहार्द, आनंद, भक्ति और पर्यावरण-संवेदनशीलता का सुंदर संगम रहा।
रिपोर्ट दुष्येंद्र कुमार
विकसित भारत बिल्डथॉन 2025 : नवाचार की ओर एक सशक्त कदम
बरेली जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारंभ किया बरेली 13 अक्टूबर 2025 को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “Viksit Bharat Buildathon 2025” के अंतर्गत आज जनपद बरेली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत की चार प्रमुख थीम — आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल तथा समृद्ध भारत — के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, सृजनशीलता एवं समस्या समाधान कौशल को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री संजय सिंह बरेली के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में माननीय सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षकगण एवं हितधारकगण ससम्मान उपस्थित रहे।
कक्षा 6 से 8 तक के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालय, कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (कुल 793 विद्यालयों) के बच्चों ने प्रतिभा किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक राष्ट्रीय स्तर पर यूट्यूब के माध्यम से सजीव प्रसारण (वेबीनार) से जुड़ते हुए विद्यार्थियों ने अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए।
सभी रजिस्टर्ड टीमों ने स्मार्ट कक्षाओं में अपने विचारों पर आधारित प्रोटोटाइप (आदिरूप) तैयार किए। विद्यार्थियों ने समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए मॉडल विकसित किए तथा अपनी प्रस्तुति की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। शिक्षकों एवं मेंटरों द्वारा विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया गया।
विद्यालयों में इस अवसर पर सुंदर बैनर, पोस्टर, जिंगल, लोगो एवं सजावट से प्रेरक वातावरण निर्मित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल/उत्पादों को अतिथियों एवं अभिभावकों के समक्ष प्रदर्शित किया गया तथा सभी के प्रयासों की सराहना की गई।
यह कार्यक्रम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
बरेली। इज्जतनगर के रहने वाले एक बुजुर्ग पेंशनभोगी के खाते से साइबर ठगों ने आधी रात को एफडी और आरडी तोड़कर 2.36 लाख उड़ा लिए। बैंक ने जिम्मेदारी से किनारा करते हुए इसे ग्राहक की लापरवाही बता दिया। पीड़ित ने अब गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के मुताबिक, टी.टी.बी. रस्तोगी, जो एसएआर विभाग से रिटायर्ड हैं। उनके खाते से 20 मार्च 2025 की आधी रात को रकम गायब हो गई। ठगों ने न सिर्फ उनके खाते में रखी रकम निकाली, बल्कि दो सावधि जमाएं (एफडी) और एक आवर्ती जमा (आरडी) भी तोड़ डाली। पीड़ित के अनुसार 16 हजार 700 फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज प्रा.लि. को और 2.20 लाख कोलकाता स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में राम कुमारी काजल नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुछ दिनों बाद 16 हजार 700 वापस आ गए, लेकिन 2.20 लाख अब तक फंसे हुए हैं।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बैंक ऑफ बड़ौदा में की और रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल, कानपुर को भी पत्र भेजा। बैंक ने अपने जवाब में कहा कि ग्राहक ने ओटीपी और लॉगिन डिटेल साझा की थी, इसलिए यह उनकी गलती है। लेकिन पीड़ित का सवाल है कि बैंक ने बिना मूल रसीद के आधी रात में एफडी और आरडी कैसे तोड़ दीं? रस्तोगी का कहना है इतनी बड़ी रकम आधी रात को खाते से निकल गई और बैंक के सिस्टम को भनक तक नहीं लगी। यह बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने बताया कि यह रकम उनके पोते अक्षत और तीन वर्षीय पोती आदिवा के नाम से की गई जमाओं की थी। अक्षत के नाम पर 2012 में नामकरण संस्कार के अवसर पर 21 हजार की एफडी कराई गई थी, जो हर बार नवीनीकृत होती रही। आदिवा के नाम पर 1.51 लाख की एफडी और 25 हजार मासिक की आरडी थी। रस्तोगी का कहना है कि कोटक महिंद्रा बैंक को भी जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसे असामाजिक तत्वों के नाम पर खाते कैसे खोले जाते हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसे साइबर गिरोहों पर नकेल कसी जा सके और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
पीड़ित रस्तोगी ने भावुक होकर कहा मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम किया, लेकिन बुजुर्गावस्था में इन ठगों ने मेरे पोते-पोती का भविष्य लूट लिया। बस अब यही चाहता हूं कि सरकार इस गिरोह को सजा दिलाए और मेरा पैसा वापस मिले। वहीं, इज्जतनगर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
बरेली। जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी में जनता की सेवा के लिए तैनात डिप्टी सीएमओ साहब का व्यवहार कुछ अलग ही है। वो पत्रकारों पर भी भड़क जाते हैं तो आम जन के लिए इस कार्यालय में उसकी सुनी जाएगी ऐसा सोचना कल्पना से परे है।
स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय में जहां दिन में सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याओं का निदान पाने के लिए यहां अधिकारियों से गुहार लगाते हैं। तो ऐसे में राष्ट्र जगत के संपादक और पत्रकार किसी जन हित के मुद्दे को लेकर कुछ जानकारी करने सीएमओ कार्यालय गए। जहां सीएमओ साहब तो नहीं मिले लेकिन छोटे साहब डिप्टी सीएमओ साहब अमित कुमार जी मिले उन्होंने कुछ जानकारी उपलब्ध भी करवाई लेकिन जब उनसे कुछ अन्य सवाल करते हुए उनका नंबर मांगा गया तो वो भड़क गए और बोले जाओ सीएमओ से मेरा नंबर लेलो।
यहां जब छोटे साहब डिप्टी सीएमओ का व्यवहार पत्रकारों के प्रति इतना अभद्र है तो वो आम जन की समस्याओं का निदान किस प्रकार करते होंगे यह एक सवाल है। सवाल यह भी है कि शासन की मंशा के अनुरूप पत्रकारों को समुचित जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन यहां सुरत ए हाल कुछ और ही है।
बरेली। जनता की शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निपटान नहीं करने पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त कदम उठाया है। सितंबर माह में आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायतों की समीक्षा में यह सामने आया कि कई अधिकारियों ने अपेक्षित गुणवत्ता का काम नहीं किया। इसके चलते आठ विभागीय अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इसमें अधिशासी अभियंता (नगरीय द्वितीय/तृतीय) विद्युत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, उप निदेशक कृषि विभाग, उपखंड अधिकारी विद्युत फरीदपुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी बिथरी चैनपुर और चकबंदी अधिकारी मीरगंज शामिल हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ कर दिया है कि जनता की समस्याओं का सही समय पर निपटान हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदपुर से प्रदीप उपाध्याय
बरेली। दीपावली की तैयारी में जुटे एक परिवार पर मातम छा गया। फरीदपुर क्षेत्र के सब्दलपुर गांव में बुधवार सुबह घर की लिपाई के लिए मिट्टी खोदने गईं दो सगी बहनों पर मिट्टी की ढांग गिर गई। हादसे में छोटी बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
सब्दलपुर निवासी महिपाल सिंह यादव की बेटियां 12 वर्षीय प्रियंका और 13 वर्षीय शिवानी सुबह-सुबह तालाब किनारे मिट्टी लेने गई थीं। बताया जाता है कि मिट्टी खोदते वक्त अचानक ढांग भरभराकर गिर गई और दोनों बहनें उसके नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर लोग दौड़े और किसी तरह मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक प्रियंका की सांसें थम चुकी थीं। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शिवानी को बरेली रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रियंका की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी घटना की खबर फैलते ही मातम पसर गया। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इंकार करते हुए प्रियंका का अंतिम संस्कार कर दिया।