बरेली। राष्ट्रीय हिन्दू महासभा भारत की बरेली टीम द्वारा कुष्ठ आश्रम लाल फाटक परिसर में गरीब बच्चों के लिए वस्त्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर मानवीय सेवा को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर बरेली जिला अध्यक्ष त्रिभुवन नारायण चौधरी, प्रदेश महासचिव पूजा पांडे, शिखा गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने बच्चों को वस्त्र वितरित किए और समाज के सक्षम वर्ग से ऐसे सामाजिक कार्यों में आगे आने की अपील की। सभी ने एकजुट होकर समाज सेवा के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट में मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा, किसान, युवा और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट का मुख्य फोकस राहत के साथ-साथ देश के समग्र विकास पर रखा गया है।
बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को आयकर के मोर्चे पर राहत दी गई है, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी। नई कर व्यवस्था को और सरल व आकर्षक बनाया गया है। वहीं पेंशन और भविष्य निधि से जुड़े नियमों में भी सुधार किया गया है।
किसानों के लिए बजट में कृषि योजनाओं के विस्तार, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
युवाओं और छात्रों के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणाएं की गई हैं। एमएसएमई सेक्टर को आसान ऋण और क्रेडिट सपोर्ट देकर व्यापार को गति देने का प्रयास किया गया है।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही रेलवे, सड़क, मेट्रो, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंडिया जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का प्रावधान कर सरकार ने विकास को नई रफ्तार देने का संकेत दिया है।
कुल मिलाकर, यह बजट राहत और विकास का संतुलित प्रयास माना जा रहा है, जिससे आम आदमी को तात्कालिक लाभ और देश को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
संवाददाता: गोपाल गुप्ता
दातागंज नगर में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। मृतका की पहचान कुसुम पत्नी अजय पाल के रूप में हुई है, जो कनकपुर ग्राम की निवासी थीं।
परिजनों के अनुसार महिला को इलाज के लिए दातागंज नगर स्थित मंगल बाजार के पीछे बने सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान किसी कारणवश उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की जानकारी मिलने पर दातागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा। बरेली निवासी प्रदीप शर्मा को हनी ट्रैप में फंसाकर 50 लाख रुपये वसूलने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदीप शर्मा वृंदावन में आश्रम निर्माण का कार्य करा रहे थे। इसी दौरान सीमा कुमारी नाम की एक महिला ने उनसे फोन पर संपर्क कर डोनेशन देने की इच्छा जताई।
महिला ने मुलाकात के लिए मथुरा के एक बड़े होटल में बुलाया। जैसे ही प्रदीप शर्मा होटल पहुंचे, अचानक कुछ युवक कमरे में घुस आए और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए उन्हें धमकाने लगे। आरोपियों ने प्रदीप शर्मा से 50 लाख रुपये की मांग की और रकम न देने पर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी।
मामले की सूचना मिलने पर मथुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला सीमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में महिला के मोबाइल फोन से हनी ट्रैप गैंग से जुड़ी कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाली चैट्स बरामद हुई हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में कई महिला और पुरुष शामिल हैं, जो इसी तरह लोगों को जाल में फंसाकर मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित आपराधिक गिरोह है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल और संदिग्ध मुलाकातों से सावधान रहें तथा किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
राष्ट्र जगत संवाददाता
बरेली। चिट्स फर्म सोसाइटी एवं सामाज कल्याण पिछड़ा वर्ग , कॉपरेटिव बैंक के सयुक्त तत्वधान में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर चिट्स फर्म सोसाइटी के सहायक रजिस्ट्रार नीरज उर्फ यादवेंद्र पाठक द्वारा ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर नीरज उर्फ यादवेंद्र पाठक ने भारतीय संविधान की गरिमा, एकता और अखंडता पर प्रकाश डालते हुए देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में नेम चंद्र मौर्य , अनवर , अशोक , फारूक आदि मौजूद रहे ।
नई दिल्ली, 29 जनवरी 2026।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी किए गए “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार से जवाब भी तलब किया है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी।
UGC के इन नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, दिव्यांगता आदि आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना बताया गया है। नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में Equal Opportunity Centre, Equity Committee और Equity Squad गठित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
हालांकि, नियम लागू होते ही देशभर में इसका विरोध शुरू हो गया। विपक्षी दलों, सामान्य (जनरल) वर्ग के छात्रों और कई छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि नियमों में “जातिगत भेदभाव” की परिभाषा बहुत संकीर्ण रखी गई है, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों को शिकायत निवारण और संस्थागत सुरक्षा से वंचित किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे कुछ वर्गों को विशेष अधिकार मिलेंगे, जबकि अन्य वर्ग असुरक्षित रह जाएंगे।
इसी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई। याचिका में तर्क दिया गया है कि ये नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 15 (भेदभाव निषेध) और 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों को भेदभाव के विरुद्ध प्रभावी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार नहीं देते।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इन आपत्तियों को गंभीर मानते हुए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी और केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
इस बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में छात्रों और संगठनों द्वारा विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कुछ संगठनों ने 1 फरवरी को भारत बंद का भी आह्वान किया है।
वहीं केंद्र सरकार और UGC का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी वर्ग के खिलाफ भेदभाव करना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशिता और समान अवसर सुनिश्चित करना है। शिक्षा मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि नियमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
बिना वेतन और बिना नोटिस निकाले गए कर्मचारी, स्टाफ धरने पर
बिजनौर । सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना और बिना बकाया वेतन दिए अचानक कार्य से हटाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित अन्याय और श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन के विरोध में संस्थान का समस्त स्टाफ धरने पर बैठ गया है।
धरनारत कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने न तो किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और न ही महीनों की मेहनत की कमाई यानी बकाया वेतन का भुगतान किया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अचानक मौखिक रूप से काम से निकाल दिया गया, जिससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने बताया कि लेबर एक्ट के तहत किसी भी कर्मचारी को हटाने से पहले नोटिस देना और बकाया भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन ने इन सभी नियमों को ताक पर रख दिया। स्टाफ का आरोप है कि यह व्यवहार न केवल अमानवीय है, बल्कि श्रम कानूनों की खुली अवहेलना भी है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए, दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया वेतन दिलाया जाए।
धरना स्थल पर कर्मचारियों में भारी रोष देखा गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
राष्ट्र जगत संवाददाता
भुता । राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज भुता में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य यूनिस खान ने की। वहीं IGCSM मुख्यालय से आए प्रतिनिधि निर्मल चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन एवं शैक्षणिक समन्वय में प्रवक्ता कृष्णन स्वरूप की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति भाषण, गीत एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम और संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने भारतीय संविधान के मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ को मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र जगत संवाददाता: रामविलास गौतम
महोली, सीतापुर। महोली थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से डरे ग्रामीण अब अपने मवेशियों की स्वयं निगरानी करने को मजबूर हो गए हैं। इसी सतर्कता के चलते बीती रात भैंस चोरी की एक बड़ी वारदात टल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25–26 जनवरी 2026 की रात महोली थाना क्षेत्र के ग्राम सहतीनगर मोहनिया में भैंस चोरी करने आए चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान एक बदमाश को पकड़ने की कोशिश में राजकुमार अवस्थी पुत्र भगवत सहाय के सिर में तमंचे की बट लगने से गंभीर चोट आ गई। घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों ने एक चोर को मौके पर दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी हवाई फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम भैयालाल शुक्ल बताया है, जो ग्राम पितांबरपुर, पुलिस चौकी बड़ागांव, महोली का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
सूचना मिलते ही महोली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। साथ ही क्षेत्र में पहरा बढ़ा दिया गया है।
गौरतलब है कि करीब छह माह पूर्व भगवत सहाय के बेटों की एक भैंस चोरी हो चुकी थी, जिसका अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
“प्रशासन में हलचल: निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री का खुला प्रदर्शन”
बरेली। निलंबन की कार्रवाई के बाद पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री खुलकर सड़क पर उतर आए। मंगलवार को उन्होंने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी निलंबन कार्रवाई को “अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ” बताया।
प्रदर्शन के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा संविधान, कानून और जनहित को सर्वोपरि रखा है। उनका आरोप है कि सच बोलने और जनभावनाओं के पक्ष में खड़े होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर उस अधिकारी और नागरिक की है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहता है।”
डीएम कार्यालय के बाहर जुटे समर्थकों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निलंबन वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अलंकार अग्निहोत्री ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया है और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है।
प्रदर्शन के मद्देनज़र मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रदर्शन के अंत में अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही और संकेत दिया कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।