Rashtra Jagat Breaking
May 18, 2026

लद्दाख की वादियों से मिट रहे पुराने निशान, सेना का ऐतिहासिक हरित अभियान

राष्ट्र जगत संवाददाता: रामविलास गौतम
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर
हजारों फीट की ऊँचाई पर, बर्फ से ढकी शांत वादियों में आज एक नई कहानी जन्म ले रही है। ये वही लद्दाख की धरती है, जिसने दशकों तक सीमाओं की रक्षा में लगे वीर जवानों के संघर्ष और बलिदान को देखा है। लेकिन इन पहाड़ों की खामोशी में एक और सच भी छिपा था—जंग लगे लोहे के अवशेष, जो बीते सैन्य अभियानों की मूक गवाही देते थे। अब भारतीय सेना ने इन निशानों को मिटाकर प्रकृति को उसका पुराना सौंदर्य लौटाने का संकल्प लिया है।
1962 के बाद लंबे समय तक सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क का अभाव रहा। इन दुर्गम और अत्यंत ऊँचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों तक राशन, मिट्टी का तेल और अन्य जरूरी सामग्री केवल हवाई आपूर्ति से पहुँचाई जाती थी। सेना सेवा कोर (ASC) और वायु सेना द्वारा लोहे के जेरिकैनों में सामग्री भेजी जाती थी, जो वर्षों तक पहाड़ों, बर्फीली ढलानों और ग्लेशियरों में बिखरे रह गए।
समय बीतने के साथ जब सड़क संपर्क बेहतर हुआ, तब इन जंग लगे हजारों जेरिकैनों और धातु कबाड़ का वास्तविक प्रभाव सामने आया—जो लद्दाख के नाजुक पर्यावरण पर गहरे घाव छोड़ रहे थे।
इस गंभीर मुद्दे को सामने लाने में कर्नल पी. एस. बिंद्रा (सेवानिवृत्त), मोहम्मद राज खान और श्री स्टेंजिन दोरजे (वीरू) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्लेशियर क्षेत्र में वर्ष 1944 का जेरिकैन मिलना इस समस्या की ऐतिहासिक गहराई को उजागर करता है।
कर्नल बिंद्रा, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक सेना में सेवा दी, ने वर्ष 2004 में MSTC के माध्यम से ई-ऑक्शन द्वारा अनुपयोगी सैन्य सामग्री के वैज्ञानिक निस्तारण की शुरुआत की थी। इस पहल ने अपेक्षित मूल्य से चार गुना अधिक राजस्व अर्जित कर देशभर में एक मिसाल कायम की।
इस बार भी मामले की गंभीरता को समझते हुए उत्तरी कमान मुख्यालय ने तुरंत ठोस कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य दायित्वों के बीच भी पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता दी गई।
अब एक अनोखे रिवर्स लॉजिस्टिक्स अभियान के तहत अग्रिम चौकियों से लौटने वाले ASC वाहन दशकों पुराने जेरिकैन और धातु कबाड़ को वापस ला रहे हैं। कठिन मौसम, बर्फीले तूफान और दुर्गम भूभाग के बीच यह कार्य अपने आप में असाधारण है।
इकट्ठा किए गए इस कबाड़ को MSTC लिमिटेड के माध्यम से पारदर्शी ई-नीलामी के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रीय राजस्व में भी वृद्धि होगी।
आज लद्दाख की वादियाँ धीरे-धीरे अपने पुराने घावों से उबर रही हैं। जहाँ कभी जंग लगे अवशेष बिखरे थे, वहाँ अब फिर से स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य लौट रहा है।
यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि एक संवेदनशील सोच का प्रतीक है—जहाँ देश की रक्षा करने वाली सेना अब धरती के घाव भी भर रही है। जब सीमा का प्रहरी खुद प्रकृति का रक्षक बन जाए, तो यह सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का सबसे सुंदर और जीवंत उदाहरण बन जाता है।

बरेली में पुलिस महकमे का बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले


बरेली जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत कई थाना प्रभारियों के तबादले किए गए हैं, जिसमें शहर और देहात दोनों क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक तैनाती की गई है।
इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय को सौंपी गई है। उन्हें बारादरी थाना प्रभारी से हटाकर अब शहर के सबसे संवेदनशील और प्रमुख थाना कोतवाली की कमान दी गई है। पांडेय अपने सख्त रवैये और प्रभावी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, और बारादरी क्षेत्र में उन्होंने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा था।
 प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:
धनंजय कुमार पांडेय → बारादरी से कोतवाली प्रभारी
सुरेश चन्द्र गौतम → कोतवाली से इज्जतनगर प्रभारी
विजेन्द्र सिंह → इज्जतनगर से बारादरी प्रभारी
संजय कुमार धीर → क्राइम ब्रांच से कैंट प्रभारी
राजेश कुमार → कैंट से क्राइम ब्रांच (इन्वेस्टिगेशन विंग)
हरेंद्र सिंह → शीशगढ़ से साइबर सेल प्रभारी
जितेन्द्र सिंह → सुभाषनगर से शीशगढ़ प्रभारी
सतीश कुमार → अपराध थाना सुभाषनगर से सुभाषनगर प्रभारी
 अन्य महत्वपूर्ण तैनातियां:
संतोष कुमार सिंह → SOG से किला थाना प्रभारी
मनोज कुमार चतुर्वेदी → SOG में यथावत
बीनू चौधरी → रिजर्व पुलिस लाइन से आंवला प्रभारी
कुंवर बहादुर सिंह → आंवला से साइबर थाना
दिनेश कुमार शर्मा → साइबर थाना से बहेड़ी प्रभारी
पवन कुमार → बहेड़ी से भमोरा प्रभारी
राजेश बाबू मिश्रा → विशारतगंज से बिथरी चैनपुर प्रभारी
चन्द्रप्रकाश शुक्ला → बिथरी चैनपुर से विशारतगंज प्रभारी
⚠️ बहेड़ी में नई चुनौती
बहेड़ी थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में गौकशी जैसी संवेदनशील घटनाओं के चलते पुलिस पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में अनुभवी अधिकारी दिनेश कुमार शर्मा को यहां की जिम्मेदारी दी गई है। वे अपने शांत स्वभाव और सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाते हैं।
वहीं, पूर्व बहेड़ी प्रभारी पवन कुमार का भमोरा तबादला प्रशासनिक दृष्टि से डाउनग्रेड माना जा रहा है।
 कानून-व्यवस्था सुधार पर फोकस
पुलिस विभाग के इस बड़े फेरबदल से साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन अब संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों की तैनाती कर अपराध पर सख्ती से नियंत्रण चाहता है। शहर के मुख्य थानों के साथ-साथ देहात क्षेत्रों में भी संतुलन बनाकर रणनीतिक बदलाव किए गए हैं।

रामगंगा क्षेत्र में अवैध खनन का बड़ा खेल! चौकी इंचार्ज पर मिलीभगत के आरोप, ग्रामीणों में उबाल

बरेली । सुभाष नगर थाना क्षेत्र, रामगंगा (बरेली) रामगंगा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रोंधी, मिलक और अंगूरी में इन दिनों अवैध खनन को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने चौकी इंचार्ज होराम सिंह पर खनन माफियाओं से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन कराया जा रहा है, जिसमें रोजाना कई ट्रैक्टर सक्रिय रहते हैं। आरोप है कि प्रति ट्रैक्टर लगभग ₹12,000 तक की वसूली की जा रही है, वहीं चौकी इंचार्ज पर प्रतिदिन ₹3000 तक लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
खनन को लेकर क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी खनन विवाद में गोली चलने की घटना हो चुकी है। हाल ही में 29 मार्च की रात को दो पक्षों में फिर से विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर धारा 151 के तहत कार्रवाई की
ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने अपने बचाव में कार्रवाई करते हुए एक “मुखिया” नामक व्यक्ति को थाने ले जाकर मारपीट की और उस पर दबाव बनाया। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि कुछ स्थानीय लोगों के माध्यम से खनन माफियाओं से संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
मिलक गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों में ट्रैक्टरों की आवाजाही रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। यदि इन फुटेज की जांच की जाए, तो अवैध खनन की सच्चाई उजागर हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में तैनात चौकी इंचार्ज के समय इस तरह की घटनाएं नहीं होती थीं। वर्तमान में लगातार हो रहे विवादों और झगड़ों से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। रोंधी गांव के प्रधान के बेटे के साथ भी इस मुद्दे को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।

अधिवक्ताओं का क्रिकेट महाकुंभ 29 मार्च से, 16 टीमें लेंगी हिस्सा

बरेली। अधिवक्ताओं के मध्य होने वाले क्रिकेट मैच का शुभारंभ दिनांक 29 मार्च 2026 को फ्यूचर कॉलेज में होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें प्रतिभाग कर रही हैं, जिससे अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इसी क्रम में “अनलिमिटेड हीटर” टीम के कप्तान शांतनु मिश्रा एवं उनकी टीम के समस्त खिलाड़ियों को पांच संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा स्पॉन्सर किया गया। स्पॉन्सर करने वालों में राजश्री लॉ कॉलेज के राजेंद्र अग्रवाल, रामदूतम एंटरप्राइज के अनमोल पाठक, युवा हस्ताक्षर के संपादक शहजाद अली, जन्नत हज उमराह प्राइवेट लिमिटेड के हाजी आलम तथा खिलफैक्टरी के अखिल कुमार मिश्रा शामिल रहे।
उपरोक्त स्पॉन्सर्स द्वारा टीम के सभी अधिवक्ताओं को ड्रेस, कैप, बैट, शूज सहित संपूर्ण क्रिकेट किट प्रदान की गई, जिससे खिलाड़ियों में नया उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर नेशनल कॉलेज के एचओडी डॉ. खान, राजश्री कॉलेज ऑफ लॉ के डायरेक्टर, हाजी आलम, अनमोल पाठक, अखिल मिश्रा, शहजाद अली सहित बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित, सचिव दीपक पाण्डेय, हेमंत सिंह, दीपक शर्मा, मुकुल पाल, सुमित शर्मा, संजीव यादव, सचिन देव गौतम एवं शांतनु मिश्रा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह है और आयोजन को सफल बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर में ‘चमत्कारों’ की चर्चा, दूर-दराज़ से पहुँच रहे श्रद्धालु

अमित कुमार / राष्ट्र जगत समाचार पत्र
बरेली। बदायूँ रोड स्थित महेशपुर ठाकुरान, लॉ कॉलेज के निकट बना शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर इन दिनों क्षेत्र में आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। मंदिर परिसर में हो रही कथित चमत्कारिक घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यही कारण है कि न केवल आसपास के गांवों और शहरों से, बल्कि दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहाँ दर्शन और अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर पहुँच रहे हैं।
मंदिर के महंत श्री उमेश सिंह चौहान के सान्निध्य में श्रद्धालु विभिन्न प्रकार की परेशानियों को लेकर आते हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का दावा है कि मंदिर में आकर उन्हें भूत-प्रेत बाधा, मसानी का चक्कर, लंबे समय से चली आ रही बीमारियों, गृह क्लेश और संतान प्राप्ति जैसी समस्याओं से राहत मिली है। इन दावों ने मंदिर की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि यह सब माँ कामाख्या देवी की कृपा से संभव हो रहा है। उनका कहना है कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आशीर्वाद के बाद उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। कई लोग अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि यहाँ आने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
मंदिर परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विशेष दिनों और धार्मिक अवसरों पर यह संख्या और अधिक बढ़ जाती है। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, ताकि सभी लोग शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।
वहीं, मंदिर के महंत और प्रशासन का कहना है कि वे केवल धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ के माध्यम से लोगों की सहायता कर रहे हैं। उनका उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति प्रदान करना और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना है। वे किसी भी प्रकार के चमत्कार के दावों को सीधे तौर पर प्रचारित करने के बजाय इसे श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव से जोड़कर देखते हैं।
हालांकि, इस तरह के चमत्कारों को लेकर समाज में अलग-अलग मत भी सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे पूरी तरह आस्था और विश्वास का विषय मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत अनुभव और मनोवैज्ञानिक प्रभाव से जोड़कर देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जगहों पर लोगों को मानसिक संतोष मिलता है, जो उनकी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है।
कुल मिलाकर, शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और चमत्कारों के दावे इस स्थान को क्षेत्र में विशेष पहचान दिला रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह आस्था का केंद्र किस तरह अपनी छवि को बनाए रखता है और लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।
शिवधाम शनिदेव बालाजी मंदिर पर प्रत्येक शनिवार वा मंगलवार भजन कीर्तन मे महिलाएं भी भाग लेतीं हैँ

बरेली में राम उत्सव कार्यक्रम का आयोजन, श्रद्धालुओं को दिया गया आमंत्रण


बरेली। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी, बरेली द्वारा राम उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए उचित जलपान व्यवस्था भी की गई है।
कार्यक्रम का आयोजन 29 मार्च, रविवार को किया जाएगा, जिसका समय दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक निर्धारित है। यह कार्यक्रम खुशालोक सभागार में संपन्न होगा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सरिता दीदी उपस्थित रहेंगी, जबकि कार्यक्रम का संयोजन तरुण कपूर द्वारा किया जा रहा है।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में सादर उपस्थित होकर इसकी शोभा बढ़ाने की अपील की है।

बिजली जांच करने पहुंचे जेई पर दबंगों का हमला, लाठी-डंडों से पीटकर दी धमकी

राष्ट्र जगत संवाददाता प्रदीप पाठक

बदायूं । थाना इस्लामनगर क्षेत्र के मोहल्ला काजी टोला में उस समय हड़कंप मच गया, जब बिजली विभाग के जेई के साथ दबंगों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्युत विभाग के जेई विक्रम यादव को सूचना मिली थी कि ऋषिपाल गुप्ता के यहां एक ही स्थान पर दो बिजली कनेक्शन संचालित हो रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर वह जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे।
आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही कुलदीप गुप्ता और ऋषिपाल गुप्ता ने बिना किसी बात के जेई के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों आरोपियों ने जेई विक्रम यादव पर लात-घूंसे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले के दौरान आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि “यहां नौकरी करो, राजनीति मत करो” और किसी भी अधिकारी को उनके कनेक्शन की जांच करने की चुनौती दी। इस घटना के बाद जेई विक्रम यादव मानसिक रूप से आहत बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुलदीप गुप्ता क्षेत्र में दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति माना जाता है और उसका राजनीतिक प्रभाव भी बताया जा रहा है। यह भी आरोप है कि पहले भी कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं हो पाती। घटना की सूचना थाना इस्लामनगर पुलिस को दे दी गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर गवाही देने से भी कतरा रहे हैं।

शिव मंदिर मढ़ीनाथ में गो सेवा का सराहनीय कार्य, श्रद्धालुओं ने गाय-नंदी को खिलाया चारा


बरेली। गो नन्दी सेवा ट्रस्ट की ओर से आज शिव मंदिर मढ़ीनाथ परिसर में गाय और नंदी जी को चारा खिलाकर सेवा का पुण्य कार्य किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्यों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गौ सेवा का महत्व बताया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है और ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
इस मौके पर प्रमुख रूप से विकास सक्सेना (नीटू), कमल सक्सेना, तरुण सक्सेना, राजीव सक्सेना, आदित्य सक्सेना (हनी), विक्की सक्सेना, अभिषेक नाथ सक्सेना, प्रवीन सक्सेना, अमन सक्सेना, नन्नू भाई, ध्रुव, श्रेयस्थ, मानस, भोलू भाई, गुड्डन, वंश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सनातन दर्शन की नई व्याख्या “सृष्टिदर्शन” का भव्य विमोचन, गुरुग्राम में जुटे देशभर के विद्वान


गुरुग्राम। साहित्यिक एवं आध्यात्मिक जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण उस समय साकार हुआ, जब “सचेतना तृतीय वार्षिकोत्सव – सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” के अवसर पर साहित्यिक सचेतना मंच के संस्थापक एवं मार्गदर्शक गुरुदेव नरेंद्र रावत ‘नरेन’ जी के प्रथम ग्रंथ “सृष्टिदर्शन” का भव्य विमोचन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देशभर से आए साहित्यकारों, चिंतकों, विद्वानों एवं सनातन संस्कृति के अनुयायियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
यह ग्रंथ “सृष्टिदर्शन” सनातन सत्य, अद्वैत दर्शन और चेतना-विज्ञान पर आधारित एक गहन दार्शनिक कृति है, जो प्राचीन वैदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती है। इसमें वेद, उपनिषद एवं गीता के आधार पर सृष्टि, आत्मा, चेतना और मानव जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल एवं तार्किक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
ग्रंथ में “ॐ तत् सत्” के वैदिक रहस्य को केंद्र में रखते हुए सृष्टि के चार आयाम—आत्मा, प्राण, प्रकृति और पदार्थ—तथा मानव जीवन के चार पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि किस प्रकार सनातन सिद्धांत आधुनिक विज्ञान के साथ समन्वय स्थापित कर मानव जीवन को संतुलित और जागरूक बना सकते हैं।
अपने उद्बोधन में गुरुदेव नरेंद्र रावत ‘नरेन’ जी ने कहा कि यह ग्रंथ केवल ज्ञान का संग्रह नहीं, बल्कि मानव चेतना के जागरण और सत्य की अनुभूति की दिशा में एक वैचारिक आंदोलन है। उन्होंने जोर दिया कि सनातन दर्शन व्यक्ति को स्वयं से जोड़कर समग्र अस्तित्व से एकत्व का अनुभव कराता है।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों और साहित्यकारों ने “सृष्टिदर्शन” को समकालीन समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक, प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक कृति बताते हुए इसकी सराहना की और इसे भविष्य में वैचारिक जागरण का आधार स्तंभ बताया।
यह ग्रंथ अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon पर उपलब्ध है, जिससे देश-विदेश के पाठक इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आयोजकों ने पाठकों से अपील की है कि पुस्तक का अध्ययन करने के बाद अपनी समीक्षा अवश्य साझा करें, ताकि यह महत्वपूर्ण कृति अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

तालाब में गिरी वृद्ध महिला को पुलिस व ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला

बदायूं। बदायूं जिले के दातागंज थाना क्षेत्र के ग्राम गनगोला में एक वृद्ध महिला के तालाब में फंस जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू कर उनकी जान बचा ली।
मिली जानकारी के अनुसार दातागंज थाना प्रभारी वेदपाल सिंह को सूचना मिली कि ग्राम गनगोला स्थित एक तालाब में एक वृद्ध महिला दिखाई दे रही है, जो तालाब से बाहर आने में असमर्थ है। तालाब गहरा होने के कारण महिला की जान को खतरा था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। थाना उपनिरीक्षक इंद्रेश कुमार सिंह अपने सहयोगी कांस्टेबल दीपक कुमार के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत ही महिला को तालाब से निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी देर की मशक्कत और ग्रामीणों के सहयोग से कपकपाती हुई वृद्ध महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पूछताछ में महिला की पहचान अनीशा (75) पत्नी रहमान, निवासी मोहल्ला अरेला, कस्बा दातागंज के रूप में हुई। परिजनों से जानकारी करने पर पता चला कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं।
पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से महिला को सुरक्षित उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।